गर्मियों में बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए- श्री अमन सिंह
ऊर्जा सचिव ने विद्युत उत्पादन-वितरण संकाय
के अधिकारियों की बैठक ली
रायपुर 04 मई 2011

गर्मियों में बिजली की मॉग के अनुरूप निरंतर आपूर्ति बनाए रखने से संबंधित विभिन्न विषयों पर ऊर्जा विभाग के सचिव श्री अमन कुमार सिंह ने आज यहां मंत्रालय में छत्तीसगढ़ विद्युत कम्पनी के उत्पादन-वितरण संकाय के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक ली। बैठक में वितरण कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री सुबोध सिंह, जनरेशन कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री व्ही.के.श्रीवास्तव एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में विभिन्न कंपनियों के बीच बेहतर तालमेल के लिए समन्वय समिति गठित करने, जनरेशन-डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के बीच पॉवर परचेस एग्रीमेंट (पीपीए) करने, विद्युत गृहों में टयूब लीकेज पर नियंत्रण एवं विद्युत गृहों के वार्षिक रखरखाव (एनुअल ओव्हर हॉलिग) जैसे महत्वपूर्ण बिन्दुओं पर विस्तारपूर्वक चर्चा कर निर्णय लिये गये।
बैठक में ऊर्जा सचिव श्री सिंह ने कहा कि ग्रीष्मकाल के दौरान प्रदेश में विद्युत की मॉग तीन हजार मेगावाट तक जा पहुंचती है। ऐसी स्थिति में सभी विद्युत इकाईयों में निरंतर विद्युत उत्पादन बनाये रखना आवष्यक है। इसे सुनिष्चित करने के लिए विद्युत उत्पादन एवं वितरण कंपनी के बीच पॉवर परचेस एग्रीमेंट (पी.पीए.) करने के निर्देश दिए। पीपीए हो जाने से दोनों कंपनियों के बीच जवाबदेही स्पष्ट रूप से निर्धारित हो सकेगी। बैठक में विद्युत उत्पादन, वितरण एवं पारेशण ट्रेडिंग तथा होल्डिंग कंपनी के बीच समुचित तालमेल के लिए प्रबंध निदेशकों की एक कोआर्डिनेशन कमेटी पर चर्चा करते हुये श्री सिंह ने इसे विद्युत विकास, उपभोक्ता हित एवं कर्मचारी हित में अत्यावष्यक बताया। उन्होंने इस समिति की साप्ताहिक बैठक अनिवार्य रूप से आयोजित करने के निर्देश दिये। कोरबा पूर्व-पष्चिम तथा डॉ0 श्यामाप्रसाद मुखर्जी ताप विद्युत गृह के उच्चाधिकारियों से चर्चा करते हुये श्री सिंह ने विद्युत गृहों में बार - बार होने वाले टयूब लीकेज को गंभीरता से लिया तथा इसे न्यूनतम करने की सख्त हिदायत दी। विकास के दौर में ढर्रे पर चलने के बजाय अत्याधुनिक प्रणालियों और कार्यपध्दति को अमल में लाकर परफार्मेंश में सतत् सुधार करने पर उन्होने बल दिया।
उत्पादन संकाय के अधिकारियों ने बैठक में जानकारी दी कि विद्युत गृहों का वार्षिक रखरखाव 15 जून से किया जाना निर्धारित है, चूंकि इस समय मानसून का आगमन हो जाता है और विद्युत की मांग प्रदेश में कम होने लगती है। ऊर्जा सचिव ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुये कहा कि वार्षिक रखरखाव हेतु विद्युत गृहों को बंद करने के पूर्व वितरण कंपनी के उच्चाधिकारियों के साथ चर्चा कर निर्णय लेना उचित होगा। उन्होंने प्रदेश में विद्युत की माँग एवं आपूर्ति की अद्यतन स्थिति की समीक्षा के अलावा लोड डिस्पेच सेंटर से प्रदेश में उपलब्ध विद्युत की वास्तविक स्थिति एवं मौसम विभाग की भविष्यवाणी पर भी सतत् नजर रखने की बात कही। बैठक में उत्पादन संकाय के कार्यपालक निदेशक सर्वश्री एन.एस. रावत, आर.डी.सोनकर, सी.पी.पाण्डे, एस.एन.अग्रवाल तथा वितरण कंपनी के श्री जी.एल.बिजौरा, जी.सी. मुखर्जी, एस.एम. रत्नम आदि उपस्थित थे।

