राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना की समीक्षा की गई
रायपुर, 28 मार्च 2011
भारत शासन के संयुक्त सचिव श्री आई.सी.पी.केशरी की उपस्थिति में आज यहां मंत्रालय में छत्तीसगढ़ में राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना की प्रगति की समीक्षा की गई। इस अवसर पर राष्ट्रीय ग्रामीण विद्युतीकरण निगम के कार्यपालक निदेशक श्री पुनीत गोयल, सचिव ऊर्जा श्री अमन सिंह, छत्तीसगढ़
राज्य विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक श्री सुबोध सिंह उपस्थित थे। बैठक में प्रदेश के सभी जिलों में लक्ष्य के अनुरूप निर्धारित समय-सीमा में अविद्युतीकृत गांवों का विद्युतीकरण पूरा करने के निर्देश दिए। बैठक में राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के तहत सभी जिलों में अभी तक की गई प्रगति की समीक्षा की गई। श्री अमन सिंह ने सभी क्रियान्वयन एजेंसियों को गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखते हुए निर्धारित सीमा में कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। इस योजना के तहत सभी अविद्युतीकृत गांवों में विद्युत लाईनें बिछाई जा रही हैं। योजना के तहत गरीबी रेखा से नीचे के व्यक्तियों को कनेक्शन, 33/11 के.व्ही. उप केन्द्र की क्षमता में वृध्दि, ट्रांसफार्मर स्थापित करने, 11 के.व्ही. लाईन, एल.टी. लाईन बिछाए जाने का प्रावधान है। श्री अमन सिंह ने राजनांदगांव, बिलासपुर, सरगुजा जिले का कार्य दिसम्बर 2011, दुर्ग जिले का कार्य सितम्बर 2011, कवर्धा, रायपुर, धमतरी और महासमुंद जिले का जून 2011, कांकेर, रायगढ़ जिले का मार्च 2012, कोरबा जिले के विद्युतीकरण के कार्य सितम्बर 2011 तक पूरा करने के निर्देश दिए। इस योजना के तहत अभी तक 514 करोड़ से अधिक व्यय किया जा चुका है। इस अवसर पर राष्ट्रीय ताप विद्युत मंडल (एन.टी.पी.सी.) एन.एच.पी.सी.एल सहित छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत मंडल के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
उल्लेखनीय है कि राज्य के कुल 19 हजार 744 आबाद ग्रामों में से 19 हजार 64 से अधिक ग्रामों का विद्युतीकरण किया जा चुका है। राज्य में 96.60 प्रतिशत से अधिक गांव विद्युतीकृत हो गए हैं, जो राष्ट्रीय प्रतिशत से अधिक है। प्रदेश के मजरों-टोलों का विद्युतीकरण भी किया जा रहा है। विद्युत मंडल द्वारा गरीबी रेखा से नीचे के परिवारों को पांच लाख 66 हजार से अधिक एकल बत्ती कनेक्शन दिए जा चुके है।

