जमीन के बदले जमीन देने का विकल्प रखें पावर प्रोजेक्ट कंपनियां - श्री नेताम
सरगुजा में जिला स्तरीय पुनर्वास समिति की बैठक
पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री और सरगुजा जिले के प्रभारी मंत्री श्री राम विचार नेताम ने सरगुजा जिले में स्थापित किये जा रहे पावर परियोजनाओं के लिए संबंधित कम्पनियों को किसानों से ली जाने वाली भूमि के बदले में भूमि देने का विकल्प पुर्नवास पैकेज में शामिल करने कहा है। श्री नेताम आज सरगुजा जिला मुख्यालय के जिला कार्यालय में आयोजित जिला स्तरीय पुनर्वास समिति की बैठक में अकलतरा पावर लिमिटेड द्वारा प्रस्तावित चार हजार मेगावाट, छत्तीसगढ़ अल्ट्रा मेगा पावर परियोजना और राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड द्वारा प्रस्तावित परसा (ईस्ट) एवं केते बेसन कोयला उत्खनन परियोजना द्वारा उदयपुर एवं प्रेमनगर में निजी भूमि अर्जन से संबंधित मुआवजा राशि एवं पुर्नवास के संबंध में अधिकारियों से चर्चा कर रहे थे।
श्री नेताम ने बैठक में अधिकारियों से स्पष्ट रूप से कहा है कि पुनर्वास पैकेज में आवास, बाड़ी, शौचालय, गौशाला की व्यवस्था ग्रामीण परिवेश के आधार पर सुनिश्चित की जानी चाहिए। ग्रामीण युवाओं को निरंतर स्थायी नौकरी मिले इसके लिए उनकी शैक्षणिक योग्यता के आधार पर उनके कौशल उन्नयन को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने ने कहा कि आम जनों की सहमति के बाद ही पुनर्वास नीति और उसके प्रावधानों को मंजूरी दी जाएगी।
बैठक में बताया गया कि अकलतरा पावर लिमिटेड द्वारा सरगुजा जिले के उदयपुर एवं प्रेमनगर में चार हजार मेगावाट विद्युत परियोजना की स्थापना प्रस्तावित है। इसमें से राज्य को दो हजार मेगावाट विद्युत ऊर्जा वितरित की जायेगी। इसके लिए लगभग 2500 एकड़ जमीन अधिग्रहित किया जाना प्रस्तावित है। जिसमें से पावर प्लांट के लिए 1200 एकड़, राखड़बाध के लिए एक हजार एकड़, जल संग्रहण के लिए 200 और आवसीय परिसर के लिए 100 एकड़ जमीन शामिल है। ऊर्जा उत्पादन के लिए एक हजार 120 मिलियन टन कोयले, 135 मिलियन घन मीटर पानी की आवश्यकता होगी। विद्युत उत्पादन आबंटन के 54 माह बाद किया जायेगा। इस परियोजना से 11 गांव की कुल 9438.62 एकड़ जमीन में 2613.99 एकड़ जमीन अधिग्रहित की जायेगी।
बैठक में राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम के अधिकारियों ने बताया कि उनके द्वारा अर्जित की जाने वाली भूमि के बदले में सभी प्रभावितों को मुआवजा राशि सहित रोजगार देने का प्रावधान रखा गया है। कलेक्टर डॉ. कमलप्रीत सिंह ने रोजगार नहीं लेने वाले प्रभावितों को कम्पनी द्वारा प्रस्तावित डेढ़ लाख रूपये एकड़ के प्रस्ताव को 3 लाख रूपये प्रति एकड़ करने कहा है। साथ ही जमीन के बदले जमीन देने का प्रावधान पुर्नवास पैकेज में शामिल करने कहा है। इसी तरह स्थानान्तरण मुआवजा को 10 हजार से बढ़ा के 20 हजार करने कहा गया है। कोल खान के लिए लगभग 700 हैक्टेयर भूमि अधिग्रहित की जायेगी। केन्द्र सरकार द्वारा 49 साल के लिए यह खान आबंटित की गई है। कम्पनी के द्वारा पांच किलोमीटर के क्षेत्र में विकास कार्य संचालित किये जाएंगे। श्री नेताम ने पुनर्वास पैकेज में आवश्यक संशोधन के पश्चात प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश अधिकारियों को दिये। बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष श्री विजय प्रताप सिंह, प्रेमनगर विधायक श्रीमती रेणुका सिंह, पंचायतराज संस्थाओं के प्रतिनिधि, जिला प्रशासन सहित परियोजना से जुड़े अधिकारी उपस्थित थे।

