अधिकारी-कर्मचारी सरकार के महत्वपूर्ण अंग : श्री अग्रवाल
लोक निर्माण मंत्री आज छत्तीसगढ़ राज्य कर्मचारी संघ के एक दिवसीय अधिवेशन में शामिल हुए
रायपुर, 29 नवम्बर 2010

स्कूल शिक्षा और लोक निर्माण मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा है कि किसी भी राज्य के विकास में वहां के शासकीय अधिकारियों और कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान होता है। छत्तीसगढ़ की एक दशक की विकास यात्रा में भी अधिकारियों-कर्मचारियों ने पूरी निष्ठा और लगन के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए राज्य की उन्नति में अपनी सहभागिता दी है। श्री अग्रवाल आज यहां छत्तीसगढ़ राज्य कर्मचारी संघ के रायपुर जिला के एक दिवसीय अधिवेशन को सम्बोधित कर रहे थे। श्री अ्रग्रवाल ने दीप प्रज्जवलित कर अधिवेशन का शुभारंभ किया। छत्तीसगढ़ सन्निर्माण कर्मकार मंडल के अध्यक्ष श्री मोहन एंटी अधिवेशन में विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित थे। प्रदेश संगठन मंत्री भारतीय मजदूर संघ छत्तीसगढ़ श्री सुनील किरवई, छत्तीसगढ़ राज्य कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष श्री महेन्द्र जैन, प्रदेश महामंत्री श्री वीरेन्द्र नामदेव और जिला इकाई रायपुर के अध्यक्ष श्री डी.के.पाण्डेय सहित संघ के अनेक पदाधिकारी व सदस्य बड़ी संख्या में अधिवेशन में उपस्थित थे।
श्री अग्रवाल को छत्तीसगढ़ राज्य कर्मचारी संघ की रायपुर इकाई के सचिव श्री देवांगन ने नौ सूत्रीय मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा। श्री अग्रवाल ने अपने संबोधन में आगे कहा कि अधिकारी-कर्मचारी विभिन्न सरकारों के महत्वपूर्ण अंग होते हैं। इनमें से तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों का अलग ही महत्व होता है। श्री अग्रवाल ने कहा कि प्रदेश सरकार वर्ष 2020 तक छत्तीसगढ़ को देश का अग्रणी राज्य बनाने का लक्ष्य लेकर चल रही है। इस लक्ष्य को पाने में अधिकारियों/कर्मचारियों का सहयोग भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि समाज के हर व्यक्ति के लिए देश हित सर्वोपरि होना चाहिए। अधिकारी-कर्मचारी भी समाज, प्रदेश और देश हित को ध्यान में रखकर अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करें। यह देश की सबसे बड़ी सेवा होगी। उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य कर्मचारी संघ की सराहना करते हुए कहा कि यह संगठन आपसी चर्चा और बातचीत के माध्यम से अपने अधिकारियों-कर्मचारियों के हितों की रक्षा करने का कार्य करता है। यही इसकी विशेषता है। अधिकारियों-कर्मचारियों को भी इस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए कि जब देश सुरक्षित रहेगा, तब वे भी सुरक्षित रह सकते हैं। सभी अधिकारी-कर्मचारी राष्ट्रीय भावना के साथ कार्य करते हुए देश की एकता और अखंडता को मजबूत बनाएं। श्री अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में नया राज्य होने के बाद भी छत्तीसगढ़ में अधिकारियों-कर्मचारियों को काफी सुविधाएं मिल रही है। उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य कर्मचारी संघ की मांगों के संबंध में हरसंभव सहयोग करने का आश्वासन देते हुए कहा कि वे मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के समक्ष इन मांगों की रखेंगे।
श्री मोहन एंटी ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा पिछले सात सालों में अधिकारियों-कर्मचारियों और मजदूरों के हित को जितना महत्व दिया गया है उतना देश के किसी अन्य राज्य में नहीं दिया गया है। श्री एन्टी ने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा संगठित और असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को लाभ पहुंचाने के लिए अनेक योजनाएं शुरू की गयी है। छत्तीसगढ़ देश का ऐसा पहला राज्य है, जहां निर्माणी मजदूरों के कल्याण के लिए 14 योजनाएं शुरू की गयी है। इसी प्रकार असंगठित क्षेत्र के मजदूरों की सहूलियतों के लिए कल्याण मण्डल का गठन भी किया गया है। उन्होंने अधिवेशन में आए अधिकारियों-कर्मचारियों से आग्रह किया कि वे उनके विभागों में कार्यरत असंगठित मजदूरों की भलाई के लिए उनकी मदद करें। छत्तीसगढ़ राज्य कर्मचारी संघ के अध्यक्ष श्री महेन्द्र जैन ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा अधिकारियों-कर्मचारियों के हित मेें अनेक ऐतिहासिक कार्य किए गए हैं। इसके लिए छत्तीसगढ़ राज्य कर्मचारी संघ, मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह और लोक निर्माण मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल के प्रति कृतज्ञता प्रकट करता है। उन्होंने कहा कि संघ की विभिन्न मांगों को पूरा कराने में लोक निर्माण्ा मंत्री श्री अग्रवाल का हमेशा सहयोग मिलता रहा है। उनके प्रयासों से ही संघ के राज्य कार्यालय में अनेक सुविधाएं संभव हो पायी है। प्रदेश सरकार द्वारा शासकीय कर्मियों के हित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गयी है। राज्य सरकार के कर्मचारी हितैषी कार्यो का लाभ आज हजारों कर्मचारी ले रहे हैं। श्री जैन ने कहा कि हमारा संगठन अधिकारियों-कर्मचारियों को उनके अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों का भी बोध कराता है। यह संगठन अपने सदस्यों से आव्हान करता है कि सरकार से हमें विभिन्न सुविधाएं मिल रही हैं, तो हम जनहित में राज्य सरकार के कार्य पूरी निष्ठा के साथ करें। जिला इकाई रायपुर के अध्यक्ष श्री डी.के.पाण्डेय ने स्वागत भाषण दिया।
छत्तीसगढ़ राज्य कर्मचारी संघ द्वारा सौंपे गए ज्ञापन के माध्यम से सभी कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति आयु एक समान 62 वर्ष करने, वेतन विसंगति कमेटी श्री डी.एन. तिवारी द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट को मान्य कराने सहित अन्य सात मांगे रखी गयी है।

