मोवा रेल्वे ओव्हर ब्रिज का लोकार्पण 15 जनवरी को
लगभग 21.73 करोड़ रूपए की लागत से बना रेल्वे ओव्हर ब्रिज
मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह शनिवार 15 जनवरी 2011 को राजधानी रायपुर के मोवा में बलौदाबाजार-रायपुर मार्ग के मोवा लेवल क्रासिंग पर लगभग 21 करोड़ 73 लाख रूपए की लागत से निर्मित रेल्वे ओव्हर ब्रिज का लोकार्पण करेंगे। लोक निर्माण मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल लोकार्पण समारोह की अध्यक्षता करेंगे। लोकसभा सांसद श्री रमेश बैस, नगरीय प्रशासन मंत्री श्री राजेश मूणत, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री श्री पुन्नूलाल मोहले, रायपुर ग्रामीण विधायक श्री नन्दकुमार साहू, रायपुर उत्तर विधायक श्री कुलदीप सिंह जुनेजा, रायपुर नगर निगम की महापौर श्रीमती किरणमयी नायक, रायपुर नगर निगम के सभापति श्री संजय श्रीवास्तव तथा नेता प्रतिपक्ष नगर निगम रायपुर श्री सुभाष तिवारी लोकार्पण समारोह के विशेष अतिथि होंगे। लोकार्पण समारोह दोपहर एक बजे से आयोजित किया गया है।
लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि रायपुर-विशाखापटनम रेल लाईन में मोवा लेवल क्रासिंग पर मोवा रेल्वे ओव्हर ब्रिज का निर्माण किया गया है। रायपुर-बलौदाबाजार मार्ग पर इस रेल्वे क्रासिंग के कारण प्रतिदिन 36 से 40 बार आवागमन बाधित होता है। मोवा रेल्वे क्रासिंग पर रेल यातायात की ट्रेन व्हीकल यूनिट दो लाख एक हजार 828 है। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा लोगों को इस मार्ग पर सुगम आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए रेल्वे ओव्हर ब्रिज निर्माण कराने का निर्णय लिया गया। इस रेल्वेओव्हर ब्रिज की कुल लम्बाई 798.43 मीटर है। जिसमें रेल्वे के हिस्से की लम्बाई 83.43 मीटर शामिल है। राज्य शासन के लोक निर्माण विभाग द्वारा रायपुर की तरफ 290 मीटर (वायाडक्ट और आर.ई. वाल) तथा बलौदाबाजार की तरफ 425 मीटर (वायाडक्ट और आर.ई. वाल) लम्बे हिस्से का निर्माण कराया गया। इस पुल की चौड़ाई 13 मीटर, अधिकतम ऊंचाई 9.695 मीटर (रेल लेवल से फारमेशन लेवल तक) तथा नींव की औसत गहराई 11.84 मीटर है। रेल्वे ओव्हर ब्रिज निर्माण के लिए पाईल नींव तथा आर.सी.सी. सरकूलर टाईप सब स्ट्रक्चर बनाए गए हैं। रेल्वे ओव्हर ब्रिज के निर्माण में राज्य शासन के लोक निर्माण विभाग द्वारा 16 करोड़ 69 लाख तथा भारतीय रेलवे द्वारा पांच करोड़ चार लाख रूपए की हिस्सेदारी की गयी है। लोक निर्माण विभाग द्वारा अपने हिस्से का निर्माण 30 अप्रैल 2010 को ही पूर्ण किया जा चुका था। भारतीय रेल्वे के हिस्से का निर्माण दिसम्बर 2010 में पूरा हुआ।

