लगातार बारिश से नारायणपुर जिला बाढ़ से प्रभावित: गंगरेल बांध में छोड़ा जा रहा है 80 हजार क्यूसेक पानी
रायपुर 7 सितम्बर 2010
पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश के चलते छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिला बाढ़ से प्रभावित हो गया है। कोंडागांव से नारायणपुर और ओरछा से नारायणपुर जाने वाले दोनों मार्ग अत्यधिक वर्षा के कारण अवरूध्द हो गए हैं। जिला प्रशासन द्वारा राहत और बचाव कार्य चलाए जा रहे हैं। कांकेर जिला भी बाढ़ से प्रभावित हुआ है। कल जामगांव से दुधावा, कांकेर से मुड़पार और कांकेर से सिंहावा मार्ग बाढ़ से क्षतिग्रस्त हो जाने के कारण अवरूध्द हो गए थे, इन मार्गों का आज मरम्मत किया जा रहा है। यहां मंत्रालय स्थित राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार कल नारायणपुर जिले में पांच व्यक्ति और कांकेर जिले में एक व्यक्ति की बाढ़ में बह गए। इनमें से तीन व्यक्तियों के शव बरामद कर लिये गए हैं। तीन व्यक्तियों की खोज गोताखोरों द्वारा की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह और राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री श्री अमर अग्रवाल ने बाढ़ की किसी भी स्थिति से निपटने के लिए बाढ़ नियंत्रण कक्षों को चौबीसों घंटे खुले रखने के निर्देश कलेक्टरों को दिए हैं। उन्होंने कहा कि बाढ़ की स्थिति निर्मित होने पर राहत और बचाव कार्य तत्काल प्रारंभ किए जाएं। नियमानुसार प्रभावितों को आर्थिक सहायता तत्काल उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने अतिवृष्टि और बाढ़ से हुई क्षति का आंकलन कर प्रतिवेदन राज्य शासन को भेजने के लिए कलेक्टरों से कहा है।
राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार नारायणपुर पंहुचने के दोनों मार्ग कोण्डागांव से नारायणपुर और ओरछा से नारायणपुर मार्ग पुल-पुलियों पर पानी होने के कारण बंद हो गए हैं। ओरछा के पास गंगटेक नदी में पुल के उपर पानी बह रहा है और इसके आसपास के पन्द्रह गांव बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। बाढ़ प्रभावित 350 व्यक्तियों को राहत शिविरों में रखा गया है। जिला प्रशासन द्वारा राहत शिविर में भोजन, शुध्द पेयजल की व्यवस्था की गई है। उन्हें जीवनरक्षक दवाईयां भी दी जा रही है। नारायणपुर जिले के लगभग दो सौ मकान बाढ़ और अतिवृष्टि से क्षतिग्रस्त होने की सूचना प्राप्त हुई है। कल पांच व्यक्ति बाढ़ में बह गए थे,उनमें से दो व्यक्तियों के शव बरामद कर लिया गया है। शेष तीन व्यक्तियों की खोज गोताखोरों के मदद से की जा रही है। कांकेर जिले में बाढ़ की स्थिति नियंत्रण में है। कल जिले के नरहरपुर तहसील के नौ लोग टापू में फंस गए थे, जिन्हें गोताखोरों ने सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। ग्राम दुधावा के एक व्यक्ति की तेज बहाव में बह जाने से मृत्यु हो जाने की सूचना प्राप्त हुई है। नरहरपुर तहसीलदार के अनुसार तहसील में लगभग 150 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। तहसील के ग्राम जामगांव में बीस लोगों को राहत शिविर में रखा गया है। अतिवृष्टि के कारण महानदी में भी बाढ़ की स्थिति निर्मित हो गई है।
धमतरी जिले के बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार आज दोपहर ढाई बजे से गंगरेल जलाशय से 80 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। इसी तरह माडम सिल्ली जलाशय से 9192 क्यूसेक, दुधावा जलाशय से 380 क्यूसेक और सोंढूर जलाशय से 2907 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। राजस्व और आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा बाढ़ राहत और बचाव के सभी पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश कलेक्टरों को दिए बए हैं। बाढ़ की स्थिति निर्मित होने पर नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और उनके ठहरने के लिए कैम्प आदि की व्यवस्था करने के लिए कहा गया है। इसी तरह जिन जिलों में बड़ी नदी बहती है, उन जिलों में नदी के जल स्तर पर बराबर नजर रखी जाए और जल स्तर खतरे के निशान पर पहुंचने की संभावना होने पर इसकी पूर्व सूचना राज्य स्तरीय नियंत्रण कक्ष और निचले जिलों को भी दी जाए। बांधों का जल स्तर बढ़ने पर निचले जिलों और समीवर्ती राज्यों को भी बारह घंटे पहले सूचना दी जाए।
राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार नारायणपुर पंहुचने के दोनों मार्ग कोण्डागांव से नारायणपुर और ओरछा से नारायणपुर मार्ग पुल-पुलियों पर पानी होने के कारण बंद हो गए हैं। ओरछा के पास गंगटेक नदी में पुल के उपर पानी बह रहा है और इसके आसपास के पन्द्रह गांव बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। बाढ़ प्रभावित 350 व्यक्तियों को राहत शिविरों में रखा गया है। जिला प्रशासन द्वारा राहत शिविर में भोजन, शुध्द पेयजल की व्यवस्था की गई है। उन्हें जीवनरक्षक दवाईयां भी दी जा रही है। नारायणपुर जिले के लगभग दो सौ मकान बाढ़ और अतिवृष्टि से क्षतिग्रस्त होने की सूचना प्राप्त हुई है। कल पांच व्यक्ति बाढ़ में बह गए थे,उनमें से दो व्यक्तियों के शव बरामद कर लिया गया है। शेष तीन व्यक्तियों की खोज गोताखोरों के मदद से की जा रही है। कांकेर जिले में बाढ़ की स्थिति नियंत्रण में है। कल जिले के नरहरपुर तहसील के नौ लोग टापू में फंस गए थे, जिन्हें गोताखोरों ने सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। ग्राम दुधावा के एक व्यक्ति की तेज बहाव में बह जाने से मृत्यु हो जाने की सूचना प्राप्त हुई है। नरहरपुर तहसीलदार के अनुसार तहसील में लगभग 150 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। तहसील के ग्राम जामगांव में बीस लोगों को राहत शिविर में रखा गया है। अतिवृष्टि के कारण महानदी में भी बाढ़ की स्थिति निर्मित हो गई है।
धमतरी जिले के बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार आज दोपहर ढाई बजे से गंगरेल जलाशय से 80 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। इसी तरह माडम सिल्ली जलाशय से 9192 क्यूसेक, दुधावा जलाशय से 380 क्यूसेक और सोंढूर जलाशय से 2907 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। राजस्व और आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा बाढ़ राहत और बचाव के सभी पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश कलेक्टरों को दिए बए हैं। बाढ़ की स्थिति निर्मित होने पर नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और उनके ठहरने के लिए कैम्प आदि की व्यवस्था करने के लिए कहा गया है। इसी तरह जिन जिलों में बड़ी नदी बहती है, उन जिलों में नदी के जल स्तर पर बराबर नजर रखी जाए और जल स्तर खतरे के निशान पर पहुंचने की संभावना होने पर इसकी पूर्व सूचना राज्य स्तरीय नियंत्रण कक्ष और निचले जिलों को भी दी जाए। बांधों का जल स्तर बढ़ने पर निचले जिलों और समीवर्ती राज्यों को भी बारह घंटे पहले सूचना दी जाए।
क्रमांक-2740/कुशराम

