आदिवासियों की जमीन गैर आदिवासियों को बेचने के प्रकरणों की नियमित समीक्षा की जाए
राजस्व मंत्री श्री अमर अग्रवाल ने संभागायुक्तों की बैठक में दिए निर्देश

राजस्व मंत्री श्री अमर अग्रवाल की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय में राजस्व विभाग के लंबित प्रकरणों के संबंध में बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रमुख सचिव राजस्व श्री सुनील कुजुर सहित प्रदेश के सभी संभागायुक्त उपस्थित थे। श्री अग्रवाल ने प्रदेश के अनुसूचित क्षेत्रों और गैर अनुसूचित क्षेत्रों में अनुसूचित जनजातियों की जमीन को गैर आदिवासी को बेचने के प्रकरणों पर गहरी नाराजगी जाहिर करते हुए सभी संभागायुक्तों को इसकी सतत् और गंभीरता से समीक्षा करने के निर्देश दिए। ऐसे प्रकरणों में जहां गलत अनुमति जारी की गई है उन प्रकरणों में जमीन संबंधित आदिवासी को वापस किए जाने के निर्देश दिए।
श्री अमर अग्रवाल ने प्रदेश में तालाबों, चारागाहों और सार्वजनिक उपयोग के ऐसे स्थानों के संरक्षण की आवश्यकता जतायी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इनके संरक्षण के लिए कड़े प्रावधान किए जाएं। वर्तमान स्थिति में सभी संभागों में सार्वजनिक उपयोग के स्थानों का सर्वेक्षण किया जाए और यह जांचा जाए कि सार्वजनिक उपयोग की जमीन का प्रयोजन तो नहीं बदला गया है। उन्होंने गलत प्रयोजन वाले प्रकरणों की संभागायुक्तों द्वारा नियमित समीक्षा और ऐसे प्रकरणों में कार्यवाही करने के निर्देश दिए।
राजस्व मंत्री ने सभी जिलों में नक्शा सहित सभी भू-अभिलेखों के अद्यतीकरण की जानकारी ली और निर्धारित सीमा 31 मार्च 2011 तक भू-अभिलेखों के अद्यतीकरण के निर्देश दिए हैं। बैठक में बताया गया कि राष्ट्रीय भू-अभिलेख कम्प्यूटरीकरण योजना के तहत नारायणपुर, बिलासपुर, कोरबा, रायगढ़ और राजनांदगांव जिलों में कम्प्यूटरीकरण का कार्य संचालित किया जा रहा है। बैठक में नजूल पट्टे के नवीनीकरण की भी समीक्षा की गई। बैठक में संभागायुक्त रायपुर श्री मनोहर पाण्डेय, संभागायुक्त बिलासपुर श्री आर.पी. जैन, संभागायुक्त सरगुजा श्री एम.एस. पैकरा, संभागायुक्त बस्तर श्री पी. श्रीनिवासलु, आयुक्त भू-अभिलेख डॉ. बी.एल. तिवारी एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

