लियेंडर पेस ने राज्यपाल से मुलाकात की लगभग दो दशक बाद फिर शुरू हुआ गोंडवाना कप राष्ट्रीय टेनिस टूर्नामेंट:मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने किया शुभारंभ मंत्रिपरिषद की बैठक : छत्तीसगढ़ में गौ हत्या पर अब और अधिक कठोर कारावास हीरानार नल-जल योजना के लिए 19.42 लाख रूपए स्वीकृत ग्राम कुथुर के लिए नल-जल योजना स्वीकृत उर्दू अकादमी में अध्यक्ष-उपाध्यक्ष सहित सदस्यों का मनोनयन मुख्यमंत्री ग्राम उत्कर्ष योजना : अब तक 153.40 करोड़ की लागत के सात हजार से ज्यादा विकास कार्य पूर्ण सक्षम योजना : राज्य की 284 महिलाओं को स्वरोजगार के लिए मिला 1.62 करोड़ रूपए का ऋण ग्राम पंचायतें अब दस लाख रूपये तक के निर्माण कार्य कर सकेंगे कमरौद स्कूल का नामकरण अहिल्या बाई त्रेतानाथ के नाम पर गलफुल्ला और चनान नदी पर बनेंगे उच्च स्तरीय पुल मुख्यमंत्री से मध्यप्रदेश के कृषि मंत्री श्री बिसेन की सौजन्य मुलाकात मुख्यमंत्री से अभनपुर नगर पंचायत के प्रतिनिधि मण्डल की मुलाकात श्री केदार कश्यप से पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य श्री शिव चन्द्राकर ने सौजन्य मुलाकात की उपार्जन केन्द्रों में तेजी से हो रही धान की आवक श्रम मंत्री श्री साहू की अध्यक्षता में असंगठित श्री केदार कश्यप के नेतृत्व में प्रतिनिधि मंडल नई दिल्ली प्रवास पर आज करेंगे केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री से मुलाकात कृषि मंत्री श्री साहू ने किया खारून नदी पर एनीकट सह रपटे का भूमिपूजन राज्यपाल से सीमा सुरक्षा बल के महानिदेशक ने सौजन्य मुलाकात की मुख्यमंत्री के समक्ष जलग्रहण क्षेत्र प्रबंधन पर प्रस्तुतिकरण मुख्यमंत्री से सीमा सुरक्षा बल के महानिदेशक ने सौजन्य मुलाकात की

Personal tools
You are here: Home समाचार राजस्व विभाग बाढ़ और राहत कार्यों के लिए कार्ययोजना बनाने कलेक्टरों को निर्देश जारी

बाढ़ और राहत कार्यों के लिए कार्ययोजना बनाने कलेक्टरों को निर्देश जारी

What
When May 01, 2010
from 04:50 PM to 04:50 PM
Add event to calendar vCal
iCal

पहुंचविहीन क्षेत्रों में मानसून से पहले खाद्यान और

जीवनरक्षक दवाईयों की व्यवस्था करने के निर्देश

    रायपुर एक मई 2010

राज्य शासन द्वारा आगामी मानसून सत्र में संभावित भारी वर्षा और बाढ़ की स्थिति में बचाव और राहत कार्यों के लिए विस्तृत कार्ययोजना बनाने की तैयारी की जा रही है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव और राहत आयुक्त श्री सुनील कुजूर ने यहां मंत्रालय से जारी एक महत्वपूर्ण परिपत्र में जिला कलेक्टरों को इस संबंध में जरूरी निर्देश जारी कर दिए हैं। उन्होंने सभी जिला कलेक्टरों से कहा है कि मानसून के आगमन से पहले संबंधित विभागों के जिला अधिकारियों की बैठक बुलाकर आपदा राहत कार्यों की विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर ली जाए। उन्होंने कहा है कि ऐसे पहुंचविहीन क्षेत्रों की भी पहचान कर ली जाए, जहां बाढ़ की स्थिति में पहुंचना संभव नहीं होगा। ऐसे क्षेत्रों में मानसून से पहले पर्याप्त मात्रा में खाद्य सामग्री, जीवन रक्षक दवाईयां उपलब्ध कराने के साथ ही पेयजल की शुध्दता और स्वच्छता की दृष्टि से कुओं और हैण्डपम्पों में ब्लीचिंग पाऊडर डलवाने की व्यवस्था की जाए।
    राजस्व सचिव ने जिला कलेक्टरों से कहा है कि ऐसे क्षेत्रों की पहचान कर ली जाए, जहां प्रतिवर्ष बाढ़ आती है। इन क्षेत्रों की सत्त निगरानी की व्यवस्था की जाए। ऐसे क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति निर्मित होने पर नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और उनके ठहरने के लिए कैम्प आदि की व्यवस्था भी कार्ययोजना में शामिल किया जाए। उन्होंने कहा है कि जिलों में बाढ़ से बचाव के लिए जो भी उपकरण उपलब्ध हैं, उनकी दुरूस्ती कराकर उपयोग के लिए तैयार रखें। जिन जिलों में मोटर बोट्स उपलब्ध है, उसकी जानकारी राहत आयुक्त कार्यालय को दी जाए। जिन जिलों में बड़ी नदी बहती है, उन जिलों में नदी के जल स्तर पर बराबर नजर रखी जाए और जल स्तर खतरे के निशान पर पहुंचने की संभावना होने पर इसकी पूर्व सूचना राज्य स्तरीय नियंत्रण कक्ष और निचले जिलों को भी दी जाए। बाढ़ की स्थिति में यदि सेना की मदद की आवश्यकता महसूस होती है, तो इसकी सूचना राहत आयुक्त को व्यक्तिगत रूप से दूरभाष पर दी जाए। उन्होंने कहा कि वर्षाकाल में जलाशयों से जल छोड़ने पर विशेष ध्यान रखा जाए। बांधों का जल स्तर बढ़ने पर निचले जिलों और समीवर्ती राज्यों को भी बारह घंटे पहले सूचना दी जाए।
उन्होंने कहा है कि नगरीय क्षेत्रों में बाढ़ की र्स्थिति प्राय: नाले और नालियों के अवरूध्द होने के कारण होती है। इसलिए नगरीय निकायों के माध्यम से मानसून से पहले नाले और नालियों की साफ-सफाई कराना सुनिश्चित किया जाए। कलेक्टरों को बाढ़ राहत और बचाव कार्यों की सूचना आदान-प्रदान करने के लिए जिला स्तर पर नियंत्रण कक्ष की स्थापना करने के निर्देश दिए गए हैं। यह नियंत्रण कक्ष चौबीसों घंटे कार्य करेगा। समस्त वर्षा मापक केन्द्रों पर वर्षा मापक यंत्रों की स्थापना करने और वर्षा के आंकड़े संकलित करने के लिए कर्मचारियों की डयूटी लगाने के निर्देश दिए गए हैं। बाढ़ की स्थिति और नुकसान की जानकारी नियमित रूप से राहत आयुक्त कार्यालय के दूरभाष क्रमांक 0771-4080593, 2221242 फैक्स 4034823 और ई-मेल आईडी relief_cg@rediffmail.com पर देने के निर्देश दिए गए हैं।

क्रमांक-599/कुशराम   



« May 2012 »
May
MoTuWeThFrSaSu
123456
78910111213
14151617181920
21222324252627
28293031