त्यौहारों की तरह मनाया जाएं शाला प्रवेशोत्सव -मंत्री लता उसेंडी
मेधावी बच्चों को हवाई जहाज से दिल्ली जाने का सुनहरा अवसर मिलेगा
माकड़ी में शाला प्रवेशोत्सव

महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री लता उसेण्डी ने कल बस्तर जिले के माकड़ी में शाला प्रवेशोत्सव की शुरूआत की। उन्होंने कहा कि जिस तरह हम पारंपरिक त्यौहारों को अत्यंत उत्साह और गर्मजोशी से मनाते है, वैसे ही शाला प्रवेशोत्सव भी मनाया जाना चाहिए।
सुश्री उसेण्डी ने शैक्षणिक वर्ष 2009-10 में प्राथमिक और माध्यमिक शाला के सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले 22 छात्र-छात्राओं को शुभकामनाये दी। उन्होंने घोषणा की कि इन मेधावी बच्चों को शैक्षणिक भ्रमण्ा पर हैदराबाद ले जाया जायेगा। उन्होंने आगामी शिक्षा सत्र 2010-2011 में 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को हवाई जहाज से देश की राजधानी दिल्ली तक शैक्षणिक यात्रा कराए जाने की भी घोषण् की।
मंत्री सुश्री लता उसेण्डी ने कहा कि शिक्षा के बिना जीवन अधूरा है और शिक्षा अर्जन करके ही हम अपनी प्रतिभा को निखार सकते है। उन्होंने बच्चों से कहा कि वे अपने-अपने घरों में जाकर परिवार के सदस्यों और पड़ोसियों को भी बतायें कि वे आज त्यौहार मनाकर आये है। उन्होंने नवप्रवेशी छात्र-छात्राओं के साथ-साथ शाला त्यागी बच्चों को पुन: स्कूल में प्रवेश करने पर शुभकामनायें दी।
समारोह में बताया गया कि राज्य में शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए अनेक योजनायें जैसे सायकल वितरण, नि:शुल्क पाठयपुस्तकें, बस्ता वितरण, छात्रवृत्ति आदि है। इसी तरह रोजगार के अवसर मुहैया कराने के लिए भी प्रशिक्षण के साथ-साथ पायलेट टे्रेनिंग, एयर होस्टेज, नर्सिंग टे्रनिंग आदि की व्यवस्थाएं की गयी है। समारोह में महिला एवं बाल विकास मंत्री ने 19 नि:शक्त बच्चों को ट्राईसिकल, कैलीपर्स, बैशाखी, श्रवण यंत्र प्रदान किया गया। सरस्वती सायकल योजना के तहत 76 बालिकाओं को सायकल वितरित किया गया। इसी तरह नवप्रवेशी छात्र-छात्राओं को तिलक लगाकर स्वागत किया गया। बच्चों को बस्ता, नि:शुल्क पाठय पुस्तकें और गणवेश भी प्रदान किया गया।

