सबला योजना: पौष्टिक आहार के साथ किशोरियों को मिलेगा स्वास्थ्य, सफाई और गृह प्रबंधन का प्रशिक्षण
रायपुर 12 जुलाई 2011
किशोरी बालिकाओं को स्वस्थ और सशक्त बनाने के लिए समन्वित बाल विकास परियोजना के तहत प्रदेश के पांच जिलों- रायपुर, राजनांदगांव, रायगढ़, बस्तर, और सरगुजा में राजीव गांधी किशोरी सशक्तिकरण योजना-सबला प्रारंभ की जा रही है। इसके लिए इन पांच जिलों में बेसलाइन सर्वे कराया जा चुका है। सर्वे के अनुसार योजना में इन जिलों की तीन लाख 50 हजार से अधिक बालिकाएं लाभान्वित होंगी। योजना के तहत 11-18 वर्ष की चिन्हांकित किशोरी बालिकाओं को आंगनबाड़ी केन्द्रों के माध्यम से पोषण आहार प्रदान करने के साथ ही स्वास्थ्य, पोषण, गृह प्रबंधन, बच्चों की देखभाल तथा महिलाओं से जुड़े विषयों पर आवश्यक प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि किशोरी बालिकाएं भविष्य में सुपोषित माताएं बने ।
महिला और बाल विकास विभाग के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि योजना के तहत 11-14 वर्ष की शाला त्यागी बालिकाओं और 14 से 18 वर्ष की सभी किशोरी बालिकाओं को आंगनबाड़ी केन्द्रों में पौष्टिक पूरक पोषण आहार प्रदान किया जाएगा। इसके अलावा इन केन्द्रों में उन्हें स्वास्थ्य, पोषण, गृह प्रबंधन, किशोरी प्रजनन, यौन स्वास्थ्य शिक्षा और जीवन कौशल प्रशिक्षण के साथ ही रोजगार मूलक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।उन्होंने बताया कि किशोरियों में आत्म विकास, उनके सशक्तिकरण,पोषण और स्वास्थ्य स्तर में सुधार करना, स्वास्थ्य,सफाई,पोषण,किशोरी प्रजनन,यौन स्वास्थ्य, परिवार और बाल देखरेख के विषय में जागरूकता बढ़ाना आदि इस योजना के मुख्य उद्देश्य हैं। योजना के तहत आंगनबाड़ी केन्द्र आने वाली 11-14 वर्ष की पढ़ाई छोड़ चुकी किशोरियों तथा 14 से 18 वर्ष की सभी बालिकाओं को घर ले जाने के लिए पूरक पोषण आहार प्रदान किया जाएगा। प्रत्येक किशोरी को वर्ष में 300 दिन कम से कम 600 कैलोरी और 18-20 ग्राम प्रोटीन तथा सूक्ष्म पोषक तत्व प्रदान किया जाएगा। आंगनबाड़ी केन्द्रों में हर तीन माह में किसी विशेष दिन को किशोरी दिवस के रूप में मनाया जाएगा। किशोरी दिवस के दिन चिकित्सा अधिकारियों और ए.एन.एम द्वारा किशोरियों की सामान्य स्वास्थ्य जांच की जाएगी तथा आवश्यकता अनुसार उन्हें आयरन फॉलिक एसिड की गोलियां और कृमि निवारण गोलियां वितरित की जाएगी। इस दिन किशोरियों की लम्बाई और वजन का माप किया जाएगा। प्रत्येक बालिका के लिए किशोरी कार्ड तैयार किया जाएगा और प्रमुख मानकों को चिन्हित कर रखा जाएगा।

