शासकीय कार्य में उदासीनता बरतने की शिकायत पर्यवेक्षक के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई के निर्देश
महिला और बाल विकास मंत्री ने किया आंगनबाड़ी केन्द्रों का आकस्मिक निरीक्षण
रायपुर, 08 अगस्त 2011
महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री लता उसेंडी ने आंगनबाड़ी केन्द्रों के निरीक्षण के शासकीय कार्य में उदासीनता बरतने की शिकायत पर रायपुर जिले के विकासखंड आरंग में लखौली सेक्टर में कार्यरत विभागीय पर्यवेक्षक श्रीमती प्रतिमा जेन्स के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई के निर्देश दिए और कहा कि परियोजना अधिकारी सुश्री वर्षा रानी नाग को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा। सुश्री लता उसेंडी ने आज रायपुर जिले के विकासखंड आरंग स्थित ग्राम गुजरा और पारागांव के आंगनबाड़ी केन्द्रों का आकस्मिक निरीक्षण किया। उन्होंने इस केन्द्र के भवन की साफ-सफाई नहीं होने और लंबे समय से पोताई नहीं होने पर नाराजगी जाहिर की। सुश्री लता उसेंडी ने कहा कि विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी रायपुर श्रीमती किरण सिंह को भी इस सिलसिले में कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि सुश्री लता उसेंडी को ग्रामीणों से चर्चा में यह शिकायत मिली कि विभागीय पर्यवेक्षक द्वारा लंबे समय से इस केन्द्र का निरीक्षण नहीं किया गया है। निरीक्षण के दौरान सुश्री उसेण्डी ने पाया कि आंगनबाड़ी केन्द्रों में पोस्टर और खिलौनों का उपयोग नहीं किया जा रहा है। गुजरा के आंगनबाड़ी केन्द्र में रेडी-टू-ईट फुड की गुणवत्ता भी सही नहीं पाई गई। सुश्री उसेंडी ने इसी केन्द्र के अन्तर्गत आने वाले एक गंभीर कुपोषित बच्चे शेष नारायण के सामान्य श्रेणी में आने पर प्रसन्नता जाहिर करते हुए इसके लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की सराहना भी की। उल्लेखनीय है कि शेष नारायण को आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के सहयोग से मुख्यमंत्री बाल संदर्भ योजना के तहत आरंग स्थित स्वास्थ्य केन्द्र और रायपुर से चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई जिससे अब वह कुपोषण से पूरी तरह मुक्त हो गया है।
उल्लेखनीय है कि सुश्री लता उसेंडी को ग्रामीणों से चर्चा में यह शिकायत मिली कि विभागीय पर्यवेक्षक द्वारा लंबे समय से इस केन्द्र का निरीक्षण नहीं किया गया है। निरीक्षण के दौरान सुश्री उसेण्डी ने पाया कि आंगनबाड़ी केन्द्रों में पोस्टर और खिलौनों का उपयोग नहीं किया जा रहा है। गुजरा के आंगनबाड़ी केन्द्र में रेडी-टू-ईट फुड की गुणवत्ता भी सही नहीं पाई गई। सुश्री उसेंडी ने इसी केन्द्र के अन्तर्गत आने वाले एक गंभीर कुपोषित बच्चे शेष नारायण के सामान्य श्रेणी में आने पर प्रसन्नता जाहिर करते हुए इसके लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की सराहना भी की। उल्लेखनीय है कि शेष नारायण को आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के सहयोग से मुख्यमंत्री बाल संदर्भ योजना के तहत आरंग स्थित स्वास्थ्य केन्द्र और रायपुर से चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई जिससे अब वह कुपोषण से पूरी तरह मुक्त हो गया है।
क्रमांक-2170/सुनीता

