दस हजार से अधिक बालक-बालिकाओं ने लिया खेल प्रशिक्षण
रायपुर, 02 अप्रैल 2011
राज्य सरकार के खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ में सब जूनियर और जूनियर वर्ग के दस हजार से अघिक खिलाड़ियों तथा विद्यार्थियों को विगत वर्ष स्कूलों में गर्मी की छुट्टियों के दौरान ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण शिविरों में विभिन्न खेलों का प्रशिक्षण दिया गया। इनमें 6502 बालक और 3679 बालिकाएं शामिल हैं। उल्लेखनीय है कि राज्य के खिलाड़ियों तथा विद्यार्थियों में खेल के प्रति उत्सुकता जगाने के साथ ही उनमें खेल कौशल बढ़ाने के लिए विगत वर्ष 2010 में स्कूलों में गर्मी की छुट्टियों में सभी जिला मुख्यालयों में ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण शिविरों का आयोजन किया गया ।
खेल और युवा कल्याण विभाग के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में विगत वर्ष मई-जून में आयोजित प्रशिक्षण शिविरों में छत्तीसगढ़ के दस हजार 181 बालक-बालिकाओं ने भाग लिया। उन्होंने बताया कि ग्रीष्मकालीन प्रषिक्षण शिविरों में रायपुर जिले के सर्वाधिक एक हजार 06 बालक-बालिकाओं ने खेल प्रषिक्षण लिया। इसी प्रकार दुर्ग जिले के एक हजार 347 बालक-बालिकाओं, राजनांदगांव जिले के 532 बालक-बालिकाओं, नारायणपुर जिले के 610 बालक-बालिकाओं, जगदलपुर जिले के 360 बालक-बालिकाओं, सरगुजा जिले के 586 बालक-बालिकाओं, कोरिया जिले के 414 बालक-बालिकाओं, जांजगीर-चाम्पा जिले के 418 बालक-बालिकाओं, कांकेर जिले के 394 बालक-बालिकाओं और कोरबा जिले के 674 बालक-बालिकाओं ने खेल प्रशिक्षण प्राप्त किया।
विभागीय अधिकारियों ने बताया कि दंतेवाड़ा जिले के 466 बालक-बालिकाओं, बिलासपुर जिले के 823 बालक-बालिकाओं, रायगढ़ जिले के 504 बालक-बालिकाओं, बीजापुर जिले के 239 बालक-बालिकाओं, कबीरधाम जिले के 325 बालक-बालिकाओं, महासमुंद जिले के 93 बालक-बालिकाओं और जशपुर जिले के 500 बालक-बालिकाओं ने खेल प्रशिक्षण प्राप्त किया। उन्होंने बताया कि प्रषिक्षण शिविरों में एन.आई.एस. डिप्लोमा प्राप्त प्रशिक्षकों,शारीरिक शिक्षा में डिप्लोमा प्राप्त व्यायाम निदेशकों और वरिष्ठ खिलाड़ियों द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
खेल और युवा कल्याण विभाग के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में विगत वर्ष मई-जून में आयोजित प्रशिक्षण शिविरों में छत्तीसगढ़ के दस हजार 181 बालक-बालिकाओं ने भाग लिया। उन्होंने बताया कि ग्रीष्मकालीन प्रषिक्षण शिविरों में रायपुर जिले के सर्वाधिक एक हजार 06 बालक-बालिकाओं ने खेल प्रषिक्षण लिया। इसी प्रकार दुर्ग जिले के एक हजार 347 बालक-बालिकाओं, राजनांदगांव जिले के 532 बालक-बालिकाओं, नारायणपुर जिले के 610 बालक-बालिकाओं, जगदलपुर जिले के 360 बालक-बालिकाओं, सरगुजा जिले के 586 बालक-बालिकाओं, कोरिया जिले के 414 बालक-बालिकाओं, जांजगीर-चाम्पा जिले के 418 बालक-बालिकाओं, कांकेर जिले के 394 बालक-बालिकाओं और कोरबा जिले के 674 बालक-बालिकाओं ने खेल प्रशिक्षण प्राप्त किया।
विभागीय अधिकारियों ने बताया कि दंतेवाड़ा जिले के 466 बालक-बालिकाओं, बिलासपुर जिले के 823 बालक-बालिकाओं, रायगढ़ जिले के 504 बालक-बालिकाओं, बीजापुर जिले के 239 बालक-बालिकाओं, कबीरधाम जिले के 325 बालक-बालिकाओं, महासमुंद जिले के 93 बालक-बालिकाओं और जशपुर जिले के 500 बालक-बालिकाओं ने खेल प्रशिक्षण प्राप्त किया। उन्होंने बताया कि प्रषिक्षण शिविरों में एन.आई.एस. डिप्लोमा प्राप्त प्रशिक्षकों,शारीरिक शिक्षा में डिप्लोमा प्राप्त व्यायाम निदेशकों और वरिष्ठ खिलाड़ियों द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
क्रमांक..27..../सुनीता

