लियेंडर पेस ने राज्यपाल से मुलाकात की लगभग दो दशक बाद फिर शुरू हुआ गोंडवाना कप राष्ट्रीय टेनिस टूर्नामेंट:मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने किया शुभारंभ मंत्रिपरिषद की बैठक : छत्तीसगढ़ में गौ हत्या पर अब और अधिक कठोर कारावास हीरानार नल-जल योजना के लिए 19.42 लाख रूपए स्वीकृत ग्राम कुथुर के लिए नल-जल योजना स्वीकृत उर्दू अकादमी में अध्यक्ष-उपाध्यक्ष सहित सदस्यों का मनोनयन मुख्यमंत्री ग्राम उत्कर्ष योजना : अब तक 153.40 करोड़ की लागत के सात हजार से ज्यादा विकास कार्य पूर्ण सक्षम योजना : राज्य की 284 महिलाओं को स्वरोजगार के लिए मिला 1.62 करोड़ रूपए का ऋण ग्राम पंचायतें अब दस लाख रूपये तक के निर्माण कार्य कर सकेंगे कमरौद स्कूल का नामकरण अहिल्या बाई त्रेतानाथ के नाम पर गलफुल्ला और चनान नदी पर बनेंगे उच्च स्तरीय पुल मुख्यमंत्री से मध्यप्रदेश के कृषि मंत्री श्री बिसेन की सौजन्य मुलाकात मुख्यमंत्री से अभनपुर नगर पंचायत के प्रतिनिधि मण्डल की मुलाकात श्री केदार कश्यप से पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य श्री शिव चन्द्राकर ने सौजन्य मुलाकात की उपार्जन केन्द्रों में तेजी से हो रही धान की आवक श्रम मंत्री श्री साहू की अध्यक्षता में असंगठित श्री केदार कश्यप के नेतृत्व में प्रतिनिधि मंडल नई दिल्ली प्रवास पर आज करेंगे केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री से मुलाकात कृषि मंत्री श्री साहू ने किया खारून नदी पर एनीकट सह रपटे का भूमिपूजन राज्यपाल से सीमा सुरक्षा बल के महानिदेशक ने सौजन्य मुलाकात की मुख्यमंत्री के समक्ष जलग्रहण क्षेत्र प्रबंधन पर प्रस्तुतिकरण मुख्यमंत्री से सीमा सुरक्षा बल के महानिदेशक ने सौजन्य मुलाकात की

Personal tools
You are here: Home समाचार महिला एवं बाल विकास/खेल खेल मंत्रियों के राष्ट्रीय सम्मेलन में छत्तीसगढ़ की खेल मंत्री सुश्री लता उसेंडी हुई शामिल

खेल मंत्रियों के राष्ट्रीय सम्मेलन में छत्तीसगढ़ की खेल मंत्री सुश्री लता उसेंडी हुई शामिल

What
When Nov 18, 2011
from 06:10 PM to 06:10 PM
Add event to calendar vCal
iCal

बस्तर एवं सरगुजा में राष्ट्रीय युवा कोर योजना प्रारंभ करने की मांग

 रायपुर, 18 नवम्बर 2011

छत्तीसगढ़ की खेल एवं युवा कल्याण मंत्री सुश्री लता उसेंडी ने केन्द्र सरकार से मांग की है कि, केन्द्रीय योजनाओं के लिए छत्तीसगढ़ को विशेष राज्य का दर्जा दिया जाये। उन्होंने आज नई दिल्ली में राज्यों के खेल मंत्रियों के राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए यह मांग रखी। सम्मेलन में उन्होंने राज्य के बस्तर एवं सरगुजा जिले में 'राष्ट्रीय युवा कोर योजना'(नेशनल यूथ कार्पस योजना) लागू करने की मांग की। उल्लेखनीय है कि वर्तमान में यह योजना पायलट प्रोजेक्ट के रूप में जम्मू कश्मीर में संचालित की जा रही है। सम्मेलन में विभिन्न राज्यों के खेल मंत्रियों सहित खेल पदाधिकारीगण भी उपस्थित थे।
    केन्द्रीय खेल और युवा मामलों के मंत्री श्री अजय माकन की उपस्थिति में आयोजित सम्मेलन में छत्तीसगढ़ की ओर से सुश्री लता उसेंडी ने बताया कि राज्य में उद्योगों को भी खेल से जोड़ा गया है। राज्य3735-181111 के उद्योगों ने उन 33 खेलों को प्रायोजित किया है जो वर्तमान में राष्ट्रीय खेलों में सम्मिलित है। उन्होंने खेल के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ में किए जा रहे प्रयासों के बारे में विस्तार से बताया कि राज्य के प्रोत्साहन नियमों के अंतर्गत 60 वर्ष से अधिक उम्र के खिलाड़ी जिन्होंने अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता में पदक प्राप्त किया है। उन्हें आजीवन सम्मान निधि प्रदान किये जाने का प्रावधान किया गया है। केन्द्र सरकार यदि खेल के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ को विशेष सहायता दे तो और तेजी से इस क्षेत्र में परिणाम आएंगे। उन्होंने बताया कि राज्य में उत्कृष्ट खिलाड़ी नीति लागू की गई है। इस नीति के अंतर्गत ऐसे सभी खिलाड़ी जिन्होेंने सीनियर वर्ग की राष्ट्रीय चैम्पियनषिप में पहला, दूसरा या तीसरा स्थान प्राप्त किया है, उन सभी को राज्य सरकार उत्कृष्ट खिलाड़ी घोषित करती है एवं सभी उत्कृष्ट खिलाड़ियों को उनकी शैक्षणिक योग्यता के आधार पर शासकीय नौकरी प्रदान की जा रही है। राज्य सरकार की उत्कृष्ट खिलाड़ी नीति में राजपत्रित पदों में भी शासकीय सेवा प्रदान किए जाने का प्रावधान किया गया है। अभी तक 100 से अधिक खिलाडियों को उत्कृष्ट घोषित किया गया है और 23 खिलाड़ियों को नौकरी भी दे दी गई है।
    मंत्री सुश्री उसेंडी ने कहा कि हम सिर्फ खिलाड़ियों को ही प्रोत्साहित नहीं कर रहें है, बल्कि ऐसे खेल संघ जो खिलाड़ियों को आगे लाने के लिए अच्छा कार्य कर रहें है, उन्हें प्रोत्साहित करने के लिए प्रेरणा निधि का प्रावधान किया गया है, जिसके अंतर्गत प्रतिवर्ष राज्य स्तरीय खेल संघों को अधिकतम रूपए एक लाख प्रेरणा निधि के रूप में दिये जाने का प्रावधान है। हमने राज्य में खिलाड़ियों को खेल पुरस्कार से अलंकृत करने हेतु पुरस्कार नियम भी जारी किये गये हैं। इन पुरस्कार नियमों के अंतर्गत सीनियर वर्ग के खिलाड़ियों को शहीद राजीव पाण्डेय पुरस्कार, गुण्डाधूर सम्मान, महाराजा प्रवीर चन्द भंजदेव सम्मान, शहीद पंकज विक्रम सम्मान से अलंकृत किया जाता है। जूनियर वर्ग के खिलाड़ियों को शहीद कौषल यादव पुरस्कार, राज्य के प्रषिक्षकों एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर के निर्णायकों को वीर हनुमान सिंह पुरस्कार तथा 55 वर्ष से अधिक उम्र के खेल विभूतियों को उनके द्वारा खेल के क्षेत्र में की गई उत्कृष्ट सेवाओं के लिए शहीद विनोद चौबे पुरस्कार से अलंकृत किया जाता है। खिलाड़ियों को इन अलंकरणों में रूपए 25 हजार से लेकर 2 लाख 25 हजार तक की पुरस्कार राषि प्रदान की जाती है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ देश का नवगठित राज्य है, राज्य गठन के बाद से हमारे राज्य ने सभी दिशाओं में विकास किया है जिसमें खेल का क्षेत्र भी सम्मिलित है। राज्य गठन के पहले छत्तीसगढ़ क्षेत्र के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग लेने हेतु बहुत मुश्किलों का सामना करना पड़ता था लेकिन आज स्थिति यह है कि छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने हैण्डबाल, बास्केटबॉल, बेसबॉल, फेसिंग, वेटलिफ्टिंग, बाक्सिंग, कुश्ती, ताईक्वांडों, स्वीमिंग, कराते, कैरम, कार्फबॉल, पावरलिफ्टिंग, टेनिसबॉल क्रिकेट, म्युथाई खेलों की राष्ट्रीय प्रतियोगिता में पदक जीते हैं।
    सम्मेलन में सुश्री उसेंडी ने पायका परियोजना के अंतर्गत विभिन्न मदों की राशि जारी करने की मांग भी की। उन्होंने बताया कि किसी एक मद का उपयोगिता प्रमाण पत्र नहीं भेजे जाने पर योजना के अन्तर्गत अन्य सभी मदों की राशि रोक दी गई है। इस बात पर केन्द्रीय खेल एवं युवा कार्य मंत्री श्री अजय माकन ने भी अपनी सहमति जताई और कहा है कि किसी एक मद का उपयोगिता प्रमाण पत्र नहीं मिल पाने पर अन्य मदों की राशि न रोकी जाए। इसके अलावा सुश्री उसेंडी ने छत्तीसगढ़ में खेल अधोसंरचना के लिए प्रस्तावित 18 करोड़ रूपए की राशि स्वीकृत करने और यूथ हॉस्टल के लिए राशि स्वीकृत करने की भी मांग की। सम्मेलन में सभी खेल मंत्रियों ने स्कूलों में शिक्षा के साथ खेल को अनिवार्य करने और उसमें अंक दिए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।

क्रमांक-3735/सुनीता

« May 2012 »
May
MoTuWeThFrSaSu
123456
78910111213
14151617181920
21222324252627
28293031