खेलों के लिए लगन और आत्म-विश्वास जरूरी: श्री रमेश बैस
प्रदेश में बना है स्वस्थ खेल वातावरण- सुश्री लता उसेण्डी
संगोष्ठी की अनुशंसाओं पर किया जायेगा अमल : खेल मंत्री
खेलों में महिलाओं की भूमिका विषय पर आज यहां शासकीय दूधाधारी बजरंग कन्या महाविद्यालय में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी के समापन समारोह में मुख्य अतिथि की आसंदी से रायपुर के लोकसभा सांसद श्री रमेश बैस ने कहा कि स्व-प्रेरणा से खेलने वाले खिलाड़ी ही आगे बढ़ते हैं। खेल सिखाने से ही नहीं आता बल्कि इसके लिए खुद में लगन और आत्म विश्वास होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में महिलाओं को खेल के क्षेत्र में आगे लाने के लिए उन्हें अधिक स्वतंत्रता देने की आवश्यकता है।

श्री बैस ने कहा कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा खेल के लिए अनेक योजनाओं का संचालन करने के साथ ही अनुदान भी दिये जा रहे हैं। इसके अलावा प्रदेश के खिलाड़ी बालक-बालिकाओं को अच्छे खेल प्रशिक्षकों के साथ-साथ अन्य राज्यों की तरह खेल सुविधाएं देने की जरूरत है। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए खेल एवं युवा कल्याण मंत्री सुश्री लता उसेण्डी ने कहा कि राष्ट्रीय-अन्तर्राष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतियोगिताओं में देश की महिलाओं के शानदार प्रदर्शन से जाहिर है कि महिलायें किसी भी क्षेत्र में कमतर नहीं हैं। प्रदेश में भी खेल सहित समाज के सभी क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ती जा रही है। उन्होंने कहा राष्ट्रीय स्तर के इस संगोष्ठी में खेलों में महिलाओं की भूमिका के संबंध में जो अनुशंसाएं आयी है, उन्हें लागू करने पर गंभीरता पूर्वक विचार किया जाएगा। छत्तीसगढ़ सरकार खेल के क्षेत्र में सभी सुविधायें देने को तत्पर है तथा राज्य की महिलाओं ने खेल के क्षेत्र में उम्दा प्रदर्शन भी किया है।
सुश्री लता उसेण्डी ने आगे बताया कि राज्य सरकार द्वारा जारी 70 उत्कृष्ट खिलाड़ियों की सूची जारी की गई है, जिसमें 59 महिला खिलाड़ियों का नाम है। यह इस बात का प्रमाण है कि राज्य में महिलाओं ने आगे बढ़कर अपनी कौशल का प्रदर्शन किया है। प्रदेश में खेल की यह स्थिति स्वस्थ खेल वातावरण का परिचायक है। इस अवसर पर विभिन्न राज्यों से आये प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। कार्यक्रम में खेल एवं युवा कल्याण्ा विभाग के संचालक श्री जी.पी. सिंह, महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अरविंद गिरोलकर और कार्यक्रम संयोजक श्री अतुल शुक्ला सहित विभिन्न राज्यों के विषय विशेषज्ञ, खिलाड़ी और बड़ी संख्या में छात्राएं भी मौजूद थीं।

