बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने पीड़ित छात्र को दिलाया 15 हजार रूपए का मुआवजा
रायपुर 25 नवम्बर 2011
छत्तीसगढ़ राज्य बाल संरक्षण आयोग ने जिला मुख्यालय दुर्ग स्थित सेन्ट जेवियर्स विद्यालय बोरसी के छात्र अनुराग दमोहे के दुर्घटनाग्रस्त होने पर उसके परिजनों को विद्यालय प्रबंधन की ओर 15 हजार रूपए का
मुआवजा दिलवाया है। मुआवजे की राशि आयोग के अध्यक्ष श्री यशवंत जैन के समक्ष प्रकरण कीे अंतिम सुनवाई के दिन विगत चौबीस नवम्बर को आदेश पारित होने के तत्काल बाद विद्यालय के प्राचार्य द्वारा पीड़ित छात्र के पालक को प्रदान की गई।
ज्ञातव्य है कि विगत 25 जून को विद्यालय परिसर में झूले से गिरकर अनुराग घायल हो गया, जिससे उसकी जांघ की हड्डी टूट गई। बच्चे के पिता श्री शंकर दमोहे द्वारा अस्पताल में भर्ती कराकर उसका इलाज करवाया गया। श्री शंकर दमोहे ने इलाज के लिए विद्यालय प्रबंधन और प्राचार्य से मुआवजा राशि देने का आग्रह किया, लेकिन उन्हें किसी प्रकार की मुआवजा राशि नहीं दी गई, जिसकी शिकायत उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य बाल संरक्षण आयोग में की थी। इस घटना को गंभीरता से लेते हुए श्री जैन ने जिला शिक्षा अधिकारी दुर्ग को घटना की पूरी जांच करने के निर्देश दिए थे। जांच में पाया गया कि पीड़ित पक्ष मुआवजे का हकदार है। जांच प्रतिवेदन के आधार पर आयोग ने पीड़ित छात्र के इलाज के लिए विद्यालय प्रबंधन द्वारा 15 हजार रूपए की राशि मुआवजा के रूप में देने का आदेश पारित किया ।
मुआवजा दिलवाया है। मुआवजे की राशि आयोग के अध्यक्ष श्री यशवंत जैन के समक्ष प्रकरण कीे अंतिम सुनवाई के दिन विगत चौबीस नवम्बर को आदेश पारित होने के तत्काल बाद विद्यालय के प्राचार्य द्वारा पीड़ित छात्र के पालक को प्रदान की गई।ज्ञातव्य है कि विगत 25 जून को विद्यालय परिसर में झूले से गिरकर अनुराग घायल हो गया, जिससे उसकी जांघ की हड्डी टूट गई। बच्चे के पिता श्री शंकर दमोहे द्वारा अस्पताल में भर्ती कराकर उसका इलाज करवाया गया। श्री शंकर दमोहे ने इलाज के लिए विद्यालय प्रबंधन और प्राचार्य से मुआवजा राशि देने का आग्रह किया, लेकिन उन्हें किसी प्रकार की मुआवजा राशि नहीं दी गई, जिसकी शिकायत उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य बाल संरक्षण आयोग में की थी। इस घटना को गंभीरता से लेते हुए श्री जैन ने जिला शिक्षा अधिकारी दुर्ग को घटना की पूरी जांच करने के निर्देश दिए थे। जांच में पाया गया कि पीड़ित पक्ष मुआवजे का हकदार है। जांच प्रतिवेदन के आधार पर आयोग ने पीड़ित छात्र के इलाज के लिए विद्यालय प्रबंधन द्वारा 15 हजार रूपए की राशि मुआवजा के रूप में देने का आदेश पारित किया ।
क्र्रमांक-3821/सुनीता

