खेल और युवा कल्याण मंत्री सुश्री लता उसेंडी ने खेल मड़ई का शुभारंभ किया
रायपुर 26 नवम्बर 2011
खेल और युवा कल्याण मंत्री सुश्री लता उसेंडी ने आज यहां माधव राव सप्रे शाला मैदान में सरस्वती मां के चित्र में दीप प्रज्ज्वलित कर दो दिवसीय 'छत्तीसगढ़ खेल मड़ई' का शुभारंभ किया। खेल और युवा कल्याण विभाग के सहयोग से छत्तीसगढ़ लोक खेल एसोसिएशन द्वारा आयोजित इस खेल प्रतियोगिता के अन्तर्गत नौ लोक खेलों-गिल्ली डंडा, फुगड़ी, पुधवपुक, भिर्री, गेंगे, पिट्टूल, तुवे लंगरची, गेड़ी दौड़ और संखली की स्पर्धाएं होंगी।
सुश्री लता उसेंडी ने मुख्य अतिथि की आंसदी से खेल मड़ई के शुभारंभ कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि पारम्परिक लोक खेलों की संस्कृति को बरकरार रखना हम सबका दायित्व है। खेल मड़ई के माध्यम से इस दिशा में प्रयास किया जा रहा है। इन खेलों को विस्तार देने के लिए आने वाले समय में पंचायत स्तर से राज्य स्तर तक लोक खेलों का आयोजन कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि इन लोक खेलों के साथ हम सबकी भावनाएं जुड़ी है। इन खेलों की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इनके लिए विशेष खेल सामग्रियों की जरूरत नहीं पड़ती। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए संसदीय सचिव श्री विजय बघेल ने कहा कि लोक खेलों को संरक्षित और संवर्धित करने की जरूरत है। इस दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रयास किया जा रहा है। इस अवसर पर खेल और युवा कल्याण विभाग के संचालक श्री जी.पी.सी. और खेल प्रेमी मौजूद थे।

