जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम से साढ़े छह हजार से अधिक महिलाओं को मिला फायदा
रायपुर 28 नवम्बर 2011
राज्य शासन द्वारा गर्भवती माताओं और नवजात शिशुओं के लिए शुरू की गई' जननी शिशु सुरक्षा ' कार्यक्रम के तहत अब तक छह हजार 850 महिलाओं और बच्चों को इसका फायदा मिल चुका है। इस योजना के तहत सभी गर्भवती माताओं का सभी प्रकार परीक्षण नि:शुल्क किए जाते हैं। प्रसूता को प्रसव के दौरान होने वाले व्यय चाहे वह सामान्य प्रसव हो अथवा सिजेरियन पूरी तरह नि:शुल्क होता है। इसके साथ ही गर्भवती माताओं को प्रसव के लिए अस्पताल लाने और प्रसव के बाद वापस घर पहुंचाने के लिए नि:शुल्क परिवहन की व्यवस्था भी की जाती है। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने 15 अगस्त 2011 को ' जननी शिशु सुरक्षा ' योजना की शुरूआत की थी। तब से अब तक साढ़े छह हजार से अधिक महिलाओं और शिशुओं को इसका लाभ मिला है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि योजना के तहत गर्भवती माताओं और तीस दिन तक के नवजात शिशुओं को जीवनदीप समितियों द्वारा लिए जाने वाले समस्त प्रकार के शुल्कों से मुक्त रखा गया है। सोनोग्राफी सहित सभी प्रकार के स्वास्थ्य परीक्षण नि:शुल्क किए जाते हैं। प्रसूता को यदि आपरेशन की जरूरत पड़ती है, तो वह भी नि:शुल्क होता है। प्रसूता और नवजातों को नि:शुल्क रक्त अंतरण की सुविधा भी दी जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि प्रसूता को सभी मेडिकल कॉलेज के अस्पतालों, सभी जिला अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में भोजन की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। प्रसूता को प्रसव के लिए अस्पताल तक पहुंचाने और प्रसव के बाद वापस घर छोड़ने के लिए विभाग द्वारा नि:शुल्क परिवहन की सुविधा दी जा रही है।
यदि किसी प्रसूता को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में भर्ती कराने के पश्चात यदि उच्च संदर्भन ईकाई (जिला अथवा मेडिकल कॉलेज अस्पताल) में भर्ती कराने की आवश्यकता होती है, तो भी उसे परिवहन की नि:शुल्क सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। वर्तमान में यह योजना सभी मेडिकल कॉलेजों से संबध्द अस्पतालों, सभी जिला अस्पताल, सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र और 172 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में शुरू हो चुकी है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि योजना के तहत गर्भवती माताओं और तीस दिन तक के नवजात शिशुओं को जीवनदीप समितियों द्वारा लिए जाने वाले समस्त प्रकार के शुल्कों से मुक्त रखा गया है। सोनोग्राफी सहित सभी प्रकार के स्वास्थ्य परीक्षण नि:शुल्क किए जाते हैं। प्रसूता को यदि आपरेशन की जरूरत पड़ती है, तो वह भी नि:शुल्क होता है। प्रसूता और नवजातों को नि:शुल्क रक्त अंतरण की सुविधा भी दी जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि प्रसूता को सभी मेडिकल कॉलेज के अस्पतालों, सभी जिला अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में भोजन की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। प्रसूता को प्रसव के लिए अस्पताल तक पहुंचाने और प्रसव के बाद वापस घर छोड़ने के लिए विभाग द्वारा नि:शुल्क परिवहन की सुविधा दी जा रही है।
यदि किसी प्रसूता को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में भर्ती कराने के पश्चात यदि उच्च संदर्भन ईकाई (जिला अथवा मेडिकल कॉलेज अस्पताल) में भर्ती कराने की आवश्यकता होती है, तो भी उसे परिवहन की नि:शुल्क सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। वर्तमान में यह योजना सभी मेडिकल कॉलेजों से संबध्द अस्पतालों, सभी जिला अस्पताल, सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र और 172 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में शुरू हो चुकी है।
क्रमांक-3867/कुशराम

