महिलाओं के समुचित विकास के लिए जेण्डर बजट जरूरी : सुश्री उसेण्डी
रायपुर, 29 नवम्बर 2010

छत्तीसगढ़ की महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री लता उसेण्डी ने कहा है कि महिलाओं के सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए जेण्डर बजट बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि जेण्डर बजटिंग छत्तीसगढ़ के परिप्रेक्ष्य में एक महत्वपूर्ण विषय है। जेण्डर बजट के माध्यम से महिलाओं की प्रगति के अवसर को सुनिष्चित किया जा सकता है। सुश्री लता उसेण्डी ने आज यहां नवीन विश्राम भवन में राज्य के विभिन्न विभागों के अधिकारियों के लिए जेण्डर बजट पर आयोजित तीन दिवसीय प्रषिक्षण कार्यक्रम के पहले दिन कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए इस आषय के विचार व्यक्त किए। कार्यशाला का आयोजन राज्य शासन के सहयोग से केन्द्र सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग और राष्ट्रीय जन-सहयोग एवं बाल विकास संस्थान नई दिल्ली द्वारा किया गया।
सुश्री उसेण्डी ने कहा कि राज्य की लगभग आधी आबादी महिलाओं की है, ऐसे में इस विषय पर चर्चा करने के साथ ही इस पर अमल भी किया जाए तो यह महिलाओं के विकास में सकारात्मक प्रयास होगा। विभिन्न विकास योजनाओं में महिलाओं को उनका वास्तविक हक दिलाने के लिए जेण्डर बजट जरूरी है। सुश्री उसेण्डी ने कहा कि छत्तीसगढ़ में गांव से लेकर शहर तक आर्थिक गतिविधियों में यहां की महिलाएं अहम भूमिका निभा रही हैं। जेण्डर बजटिंग की जानकारी ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं तक पहुंचनी चाहिए। इससे राज्य के सर्वांगीण विकास की अवधारणा को सफल बनाने में सहायता मिलेगी। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा महिलाओं के आर्थिक-सामाजिक विकास के लिए अनेक योजनाएं चलाई जा रही है। इन योजनाओं के क्रियान्वयन में भी जेण्डर बजटिंग लाभदायी सिध्द होगी। जेण्डर आधारित बजट एक ऐसी पध्दति है जिसके माध्यम से राज्य सरकार के नियोजित सार्वजनिक व्ययों से सम्बंधित बजट बनाने की प्रक्रिया में जेण्डर के नजरिए को जोड़ा जाता है। कार्यशाला को महिला एवं बाल विकास विभाग के सचिव श्री के.डी.पी. राव ने भी सम्बोधित किया। इस अवसर पर नई दिल्ली से डॉ. सुलोचना वासुदेवन संयुक्त संचालक निपसिड तथा जेण्डर बजटिंग सलाहकार डॉ. परामिता मजूमदार और मिस बेनिता शर्मा द्वारा कार्यषाला में अधिकारियों को जेण्डर बजटिंग के संबंध में जानकारी दी गई।
सुश्री उसेण्डी ने कहा कि राज्य की लगभग आधी आबादी महिलाओं की है, ऐसे में इस विषय पर चर्चा करने के साथ ही इस पर अमल भी किया जाए तो यह महिलाओं के विकास में सकारात्मक प्रयास होगा। विभिन्न विकास योजनाओं में महिलाओं को उनका वास्तविक हक दिलाने के लिए जेण्डर बजट जरूरी है। सुश्री उसेण्डी ने कहा कि छत्तीसगढ़ में गांव से लेकर शहर तक आर्थिक गतिविधियों में यहां की महिलाएं अहम भूमिका निभा रही हैं। जेण्डर बजटिंग की जानकारी ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं तक पहुंचनी चाहिए। इससे राज्य के सर्वांगीण विकास की अवधारणा को सफल बनाने में सहायता मिलेगी। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा महिलाओं के आर्थिक-सामाजिक विकास के लिए अनेक योजनाएं चलाई जा रही है। इन योजनाओं के क्रियान्वयन में भी जेण्डर बजटिंग लाभदायी सिध्द होगी। जेण्डर आधारित बजट एक ऐसी पध्दति है जिसके माध्यम से राज्य सरकार के नियोजित सार्वजनिक व्ययों से सम्बंधित बजट बनाने की प्रक्रिया में जेण्डर के नजरिए को जोड़ा जाता है। कार्यशाला को महिला एवं बाल विकास विभाग के सचिव श्री के.डी.पी. राव ने भी सम्बोधित किया। इस अवसर पर नई दिल्ली से डॉ. सुलोचना वासुदेवन संयुक्त संचालक निपसिड तथा जेण्डर बजटिंग सलाहकार डॉ. परामिता मजूमदार और मिस बेनिता शर्मा द्वारा कार्यषाला में अधिकारियों को जेण्डर बजटिंग के संबंध में जानकारी दी गई।
क्रमांक-3959/सुनीता

