समाज की खुशहाली के लिए नि:शक्तजनों को समर्थ बनाना हम सब की जिम्मेदारी : श्री धरमलाल कौशिक
नि:शक्तजन दिवस पर राज्य स्तरीय पुरस्कार समारोह
समाज कल्याण विभाग की वेबसाईट का भी हुआ लोकार्पण
अंतर्राष्ट्रीय नि:शक्तजन दिवस के अवसर पर आज शाम यहां मठपुरैना स्थित शासकीय दृष्टि एवं श्रवण बाधितार्थ विद्यालय परिसर में नि:शक्तजनों के लिए विशेष समारोह का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि की आसंदी से समारोह को सम्बोधित करते हुए छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष श्री धरमलाल कौशिक ने कहा कि नि:शक्तजनों को समर्थ बनाकर ही एक समृध्द और खुशहाल समाज का निर्माण किया जा सकता है। यह हम सब की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि नि:शक्तजनों में भी अनेक रचनात्मक प्रतिभाएं होती हैं। श्री कौशिक ने कहा कि नि:शक्तजनों को ईश्वर ने विशेष हूनर दिया है। नि:शक्तजनों ने जिस तरह सांस्कृतिक गतिविधियों, विभिन्न कलाओं और खेल के क्षेत्र में अपनी प्रतिभा और क्षमता का प्रदर्शन किया हैं, उनसे सभी को प्रेरणा लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि नि:शक्तजनों में आत्मविश्वास जाग्रत कर उनकी रचनात्मक क्षमताओं को आगे लाने की जरूरत है। छत्तीसगढ़ में नि:शक्तजनों के सशक्तिकरण के लिए राज्य सरकार द्वारा अनेक योजनाएं संचालित की जा रही है। इस मौके पर अतिथियों द्वारा शासकीय दृष्टि एवं श्रवण बाधितार्थ विद्यालय मठपुरैना द्वारा प्रकाशित पत्रिका 'क्षितिज' के प्रथम संस्करण का विमोचन और समाज कल्याण विभाग की वेबसाईट का लोकार्पण किया गया। इस अवसर पर राज्य स्तरीय पुरस्कार समारोह में सर्वश्रेष्ठ कर्मचारी, सर्वोत्तम
नियोक्ता, सर्वश्रेष्ठ जिला और सर्वश्रेष्ठ संस्था के साथ ही राज्य स्तरीय
सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रतियोगिता और राज्य स्तरीय खेल-कूद प्रतियोगिता के
विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया।
समाज कल्याण विभाग द्वारा आयोजित इस विशेष समारोह की अध्यक्षता करते हुए स्कूल शिक्षा और संस्कृति मंत्री श्री बृजमोहन अग्र्रवाल ने कहा कि नि:शक्तजनों में अपार सृजनात्मक क्षमताएं होती है। उन्हें सक्षम बनाने और आगे लाने के लिए सहानुभूति की नहीं अपितु प्रोत्साहित करने की आवश्यकता है। उन्होंने पुरस्कृत प्रतिभाओं को बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि नि:शक्तजनों के जीवन में खुशहाली लाना भगवान की पूजा करने के समान है। इस अवसर पर समाज कल्याण मंत्री सुश्री लता उसेण्डी ने कहा कि नि:शक्तजनों में अनेक योग्यताएं और क्षमताएं हैं, जरूरत केवल उन्हें मंच और अवसर प्रदान करने की है। राज्य के अनेक नि:शक्तजन शासकीय सेवा के साथ ही कला, खेल और सांस्कृतिक क्षेत्र में अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। नि:शक्तजनों के पुर्नवास की दिशा में राज्य सरकार के साथ स्वैच्छिक संस्थाओं द्वारा भी द्वारा भी सराहनीय कार्य किया जा रहा है। उन्होंने समारोह में पुरस्कृत शासकीय नि:शक्त कर्मचारियों और बच्चों, संस्थाओं, नियोक्ता और जिलों को बधाई देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। इस मौके पर छत्तीसगढ़ नि:शक्तजन वित्त और विकास निगम के अध्यक्ष श्री बलिहार सिंह, समाज कल्याण बोर्ड की अध्यक्ष श्रीमती चन्नी वर्मा, आयुक्त नि:शक्तजन श्री इंदर चोपड़ा, समाज कल्याण विभाग के सचिव श्री सुब्रत साहू और संचालक श्री आलोक अवस्थी उपस्थित थे।

