अन्तर्राष्ट्रीय नि:शक्तजन दिवस पर पुरस्कृत हुए नियोक्ता और कर्मचारी
बिलासपुर-रायपुर को सर्वश्रेष्ठ जिले का पुरस्कार मिला
अन्तर्राष्ट्रीय नि:शक्तजन दिवस के अवसर पर आज शाम को यहां मठपुरैना स्थित शासकीय दृष्टि और श्रवण बाधितार्थ विद्यालय में आयोजित समारोह में नि:शक्तजन राज्य स्तरीय पुरस्कार के अन्तर्गत अनेक सर्वश्रेष्ठ नि:शक्त कर्मचारियों, सर्वोत्तम नियोक्ताओं और सर्वश्रेष्ठ जिलों और सर्वश्रेष्ठ संस्थाओं कों राज्य सरकार की ओर से पुरस्कार प्रदान किए गए। मुख्य अतिथि की आसंदी से विधानसभा अध्यक्ष श्री धरमलाल कौशिक ने उन्हें पुरस्कारों सें नवाजा। समाज कल्याण विभाग द्वारा आयोजित इस विशेष समारोह की अध्यक्षता पर्यटन और संस्कृति मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने की। इस अवसर पर समाज कल्याण मंत्री सुश्री लता उसेण्डी और छत्तीसगढ़ नि:शक्तजन वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष श्री बलिहार सिंह विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित थे। समारोह में नि:शक्त बच्चों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। उन्हें खेल-कूद प्रतियोगिताओं के भी पुरस्कार प्रदान किए गए।
आज के समारोह में वर्ष 2008 के लिए सर्वश्रेष्ठ कर्मचारी का पुरस्कार सरगुजा जिले की दृष्टि बाधित कर्मचारी श्रीमती लोयला कुजूर, जशपुर जिले के श्रवण बाधित कर्मचारी श्री राकेश कुमार राठौर, सरगुजा जिले के अस्थि बाधित कर्मचारी श्री जयप्रकाश साहू और दुर्ग जिले के प्रमस्तिष्क अंगाघात पीड़ित कर्मचारी श्री विजय सिन्हा को पुरस्कार प्रदान किया गया। वर्ष 2009 के लिए सर्वश्रेष्ठ कर्मचारी का पुरस्कार सरगुजा जिले की दृष्टि बाधित कर्मचारी कुमारी आनंदनी एक्का और अस्थि बाधित कर्मचारी कुमारी गिरिजा गुप्ता और दुर्ग जिले के प्रमस्तिष्क अंगाघात पीड़ित कर्मचारी श्री मनीष कुमार कोसमा को दिया गया। वर्ष 2010 के लिए सर्वश्रेष्ठ कर्मचारी का पुरस्कार महासमुन्द जिले के दृष्टि बाधित कर्मचारी श्री अनिल कुमार प्रधान, रायपुर जिले के श्रवण बाधित कर्मचारी श्री विनोद कुमार अग्रवाल और बिलासपुर जिले के अस्थि बाधित कर्मचारी श्री अश्वनी कुमार पाण्डेय को प्रदान किया गया। वर्ष 2011 के लिए सर्वश्रेष्ठ कर्मचारी का पुरस्कार बिलासपुर जिले की अस्थि बाधित कर्मचारी कुमारी दुर्गा तिवारी और बिलासपुर जिले के ही श्री दौलत राम अकोदिया को दिया गया। वर्ष 2008 के लिए दुर्ग जिले की जनपद पंचायत बेरला को सर्वोत्तम नियोक्ता का पुरस्कार प्रदान किया गया।
नि:शक्तजनों के पुनर्वास के लिए सर्वश्रेष्ठ कार्य करने वाले जिलों को भी कार्यक्रम में पुरस्कारों से नवाजा गया। इसके अन्तर्गत वर्ष 2009 के लिए बिलासपुर और वर्ष 2010 के लिए रायपुर जिले को सर्वश्रेष्ठ जिला का पुरस्कार मिला। वर्ष 2008 में सर्वश्रेष्ठ संस्था का पुरस्कार राजनांदगांव में दृष्टि बाधित संवर्ग की संस्था अभिलाषा, विश्रामपुर-सरगुजा में श्रवण बाधित संवर्ग की संस्था ज्ञानोदय एसोसिएशन श्रवण बाधित विद्यालय और भिलाई-दुर्ग में प्रमस्तिष्क अंगाघात संवर्ग की संस्था स्नेह संपदा विद्यालय को प्रदान किया गया। इसी तरह वर्ष 2009 के लिए सर्वश्रेठ संस्था का पुरस्कार कोरबा में प्रमस्तिष्क अंगाघात संवर्ग की संस्था अंकुर को दिया गया। वर्ष 2010 के लिए सर्वश्रेष्ठ संस्था का पुरस्कार रायपुर में श्रवर्ण बाधित संवर्ग की संस्था कोपलवाणी चाईल्ड वेलफेयर आर्गेनाइजेशन और सरगुजा में अस्थि बाधित संवर्ग की संस्था ज्ञानोदय एसोसिएशन को प्रदान किया गया। उल्लेखनीय है कि नि:शक्तजनों के सशक्तिकरण के क्षेत्र में किए गए उत्कृष्ट कार्यो और नि:शक्त व्यक्तियों के प्रति समाज में सकारात्मक दृष्टिकोण बनाने के लिए समाज कल्याण विभाग द्वारा सर्वश्रेष्ठ कर्मचारी, सर्वश्रेष्ठ जिला, सर्वश्रेष्ठ संस्था और सर्वोत्तम नियोक्ता को नि:शक्तजन राज्य स्तरीय पुरस्कार दिए जाते हैं।

