नि:शक्त बच्चों के हाथों का कमाल : प्रदर्शनी देख चकित हुए लोग
रायपुर 05 दिसंबर 2011
अंतर्राष्ट्रीय नि:शक्तजन दिवस के
अवसर पर विगत तीन दिसम्बर को यहां मठपुरैना में आयोजित नि:शक्तजन राज्य
स्तरीय पुरस्कार वितरण समारोह के दौरान नि:शक्तजनों द्वारा निर्मित सजावटी
सामग्रियों, चित्रकारी एवं कलाकारी की प्रदर्शनी विभिन्न पंडालों में लगाई
गई। नि:शक्तजनों की सुंदर और आकर्षक चित्रकारी तथा कलाकारी ने समारोह स्थल में आए हर किसी का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया।
उल्लेखनीय है कि समारोह स्थल में नि:शक्तजनों के कल्याण के लिए कार्यरत
अनेक शासकीय और अशासकीय संस्थाओं द्वारा पंडालों में नि:शक्त बच्चों द्वारा
बनाए गए सामाग्रियों को प्रदर्शित किया गया। यहां मानसिक रूप से अविकसित
बाल गृह माना कैम्प रायपुर के बच्चों द्वारा व्यर्थ वस्तुओं के प्रयोग से
बनाए गए गुलदस्ते और फूलों की भी प्रदर्शनी लगी थी । माना कैम्प में
निवासरत रवि, प्रवीण, रामविलास, पंकज, सुरेन्द्र, रमेंद्र और लुकेश जैसे
मानसिक रूप से अविकसित बच्चे द्वारा बनाई गई सामाग्रियों को देखकर कहीं से
भी ऐसा नहीं लग रहा था कि इन बच्चों की बुध्दि लब्ध्दि सामान्य बच्चों से
कम है। हालांकि सामग्री बनाने में इन बच्चों को प्रशिक्षकों द्वारा जरूर
सहयोग प्रदान किया जाता है।
पंडाल में उपस्थित शिक्षिका ने बताया कि
इन बच्चों को खाने-पीने और नहाने-धोने जैसे दैनिक कार्यों के लिए सहायता
की जरूरत होती है और इन्हें विशेष शिक्षण-प्रशिक्षण दिया जाता है।
उन्होेंने बताया कि वर्तमान में बाल गृह माना में 22 बच्चे रह रहें है। इन
बच्चों को रोजमर्रा के कार्यों के प्रशिक्षण के साथ ही दोना निर्माण, बंधेज
कार्य, लिफाफा बनाना, व्यर्थ की वस्तुओं से गुलदस्ता और फूल बनाना सिखाया
जाता है। इस मौके पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधानसभा अध्यक्ष श्री
धरमलाल कौशिक, कार्यक्रम के अध्यक्ष स्कूल शिक्षा मंत्री श्री बृजमोहन
अग्रवाल और समाज कल्याण मंत्री सुश्री लता उसेण्डी ने भी प्रदर्शनी का
अवलोकन कर नि:शक्त बच्चों का उत्साहवर्धन किया।
क्रमांक- 3996/सुनीता

