जेण्डर बजट पर आयोजित तीन दिवसीय कार्यशाला सम्पन्न
जेण्डर बजट से संबंधित विभिन्न गतिविधियों के द्वारा अधिकारियों का किया गया क्षमता विकास
राज्य शासन के सहयोग से केन्द्र सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग और राष्ट्रीय जन-सहयोग एवं बाल विकास संस्थान नई दिल्ली द्वारा यहां नवीन विश्राम भवन में जेण्डर बजटिंग पर आयोजित तीन दिवसीय प्रशिक्षण सह-कार्यशाला के अन्तिम दिन आज अधिकारियों के क्षमता विकास के लिए विभिन्न प्रकार की गतिविधियां करायी गयी। आज के कार्यशाला में अधिकारियों को तीन समूहों में बांटकर उन्हें जेण्डर बजट से संबंधित विभिन्न विभागों के केस स्टडी दिए गए हैं। केस स्टडी के माध्यम से यह बताने का प्रयास किया गया कि किस प्रकार से विभाग या मंत्रालय में विभिन्न योजनाओं और परियोजनाओं का निर्माण करते समय जेण्डर संवेदनशील होकर महिलाओं की जरूरतों को पूरा करने के लिए आवश्यक वित्तीय प्रावधान किए हैं।
जेण्डर बजट एक ऐसी पध्दति है जिसके माध्यम से राज्य सरकार के नियोजित सार्वजनिक व्ययों से संबंधित बजट बनाने की प्रक्रिया में जेण्डर के नजरिए को जोड़ा जाता है। किसी राष्ट्र या राज्य का बजट उसकी महिलाओं की जिन्दगी को कई प्रकार से प्रभावित करता है। यदि बजट की राशि सीधे और स्पष्ट तौर पर महिलाओं के आर्थिक-सामाजिक और अन्य जरूरतों से संबंधित कार्यक्रमों के लिए आवंटित की जाती है तो इससे महिलाओं के विकास को बढ़ावा मिलता है। यदि बजट की राशि में कमी किए जाने के कारण महिलाओं को सशक्त करने के अवसरों में कमी आ रही हो तो जेण्डर बजट के द्वारा ऐसी संभावनाओं को समाप्त करके महिलाओं की प्रगति के अवसर को सुनिश्चित किया जा सकता है। तीन दिवसीय प्रशिक्षण सह-कार्यशाला में छत्तीसगढ़ राज्य की सामान्य जानकारियों के साथ-साथ राज्य की महिला नीति तथा राज्य सरकार के द्वारा महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए उठाए कदमों की जानकारी दी गयी।
कार्यशाला में भारत सरकार और राज्य सरकार में बजट बनाने की प्रक्रिया संबंधी महत्वपूर्ण बातों और उससे संबंधित प्रपत्रों के विषय में बताया गया। साथ ही यह भी चर्चा की गयी कि जेण्डर बजटिंग के लिए इनकी क्या आवश्यकता है। इसके अलावा भारत में जेण्डर बजट के निर्माण में प्रयोग की जाने वाली और की जा सकने वाली प्रायोगिक विधियों और पध्दतियों के विषय में बताया गया। जेण्डर बजट पर नई दिल्ली से आए संयुक्त संचालक निपसिड डॉ. सुलोचना वासुदेवन तथा जेण्डर बजटिंग सलाहकार डॉ. परामिता मजूमदार और मिस बेनीता शर्मा द्वारा प्रशिक्षण दिया गया। इस अवसर पर कार्यशाला के आयोजन में सहयोगी महिला एवं बाल विकास विभाग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

