सराहनीय है छत्तीसगढ़ की सार्वजनिक वितरण प्रणाली - सुश्री जोनाने फारेस्ट
कनाडा सरकार की आर्थिक सलाहकार ने किया राशन दुकानों का अवलोकन
रायपुर 09 दिसम्बर 2011
छत्तीसगढ़ के प्रवास पर आए भारत में कनाडा सरकार के राजनीतिक एवं आर्थिक मामलों की सलाहकार और प्रमुख सुश्री जोनाने फॉरेस्ट ने कहा है कि राज्य सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ के लगभग 35 लाख गरीब परिवारों को किफायती दर पर प्रति माह 35 किलो अनाज दिया जा रहा है, जो सराहनीय है। सुश्री जोनाने ने आज यहां राजातालाब लाल बहादुर शास्त्री वार्ड और पंडित रविशंकर शुक्ल वार्ड में प्रीणा सामुदायिक विकास समिति और चलो चले सामुदायिक विकास समिति द्वारा संचालित उचित मूल्य दुकानों को अवलोकन किया। ये दुकानें महिला स्वसहायता समूहों द्वारा संचालित की जा रही है। सुश्री जोनाने ने कहा कि यहां की महिला स्वसहायता समूहों द्वारा राज्य शासन के सहयोग से उचित मूल्य की दुकानों से जरूरतमंद लोगों को किफायती दर पर अनाज दिया जा रहा है जो काबिले तारीफ है। सुश्री जोनाने ने इन महिला समूहों को उनके इस काम के लिए बधाई दी और उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए इस कार्य के साथ-साथ अन्य विकास परक कार्य करने की समझाइश दी। इस अवसर पर खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण विभाग के संचालक डॉ. जीतेन्द्र कुमार, रायपुर जिले के खाद्य नियंत्रक श्रीमती दयामणि मिंज सहित महिला स्वसहायता समूह की महिलाएं और राशन कार्ड धारक हितग्राही उपस्थित थे। श्री सुश्री जोनाने ने महिला स्वसहायता समूह की महिलाओं से चर्चा करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से गरीब परिवारों को एक रूपए और दो रूपए किलो में 35 किलो अनाज देने की बेहतर व्यवस्था सराहनीय है। उन्होंने चावल और गेहूं का नमूना लेकर उनकी गुणवत्ता की भी प्रशंसा की। इस अवसर पर सुश्री जोनाने ने महिला स्व सहायता समूहों की स्टॉक रजिस्टर, वितरण व्यवस्था, वितरण पंजी सहित अनाज की उपलब्ध स्टाक और राशन कार्डों का अवलोकन किया। महिला स्वसहायता समूह प्रीणा सामुदायिक विकास समिति के सचिव श्रीमती बिमला साहू और चलो चले सामुदायिक विकास समिति के अध्यक्ष श्रीमती गोमती डहरिया ने सुश्री जोनाने को बताया कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत यहां प्रत्येक महीने की सात तारीख को चावल उत्सव का किया जाता है। इस आयोजन में इन दोनों वार्डों के गरीबी रेखा श्रेणी (बी.पी.एल.) के लगभग सात सौ राशन कार्डों और पांच सौ से अधिक गरीबी रेखा श्रेणी के ऊपर (ए.पी.एल.) राशन कार्ड धारकों को अनाज के साथ-साथ मिट्टी तेल, शक्कर आदि का वितरण किया जाता है। इसके एवज में उन्हें राज्य शासन द्वारा प्रति राशन कार्ड के मान से कमीशन राशि दी जाती है। इस अवसर पर खाद्य विभाग के संचालक डॉ. जीतेन कुमार ने सुश्री जोहाने को प्रद्रेश की सार्वजनिक वितरण प्रणाली की काम-काज के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
क्रमांक -4051/लहरे

