राज्य सरकार की मदद से 543 बेटियों ने बसाया घर-संसार
इन्हें मिलाकर छोटे से गांव बालूद में एक साल में हुई चौदह सौ से अधिक शादियां
रायपुर 28 मार्च 2010

नक्सल हिंसा और आतंक से पीड़ित आदिवासी बहुल दक्षिण बस्तर जिले के गरीब परिवारों की 543 बेटियों ने राज्य सरकार की मदद से आज अपना नया घर-संसार बसाया। मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत जिला मुख्यालय दंतेवाड़ा से केवल पांच किलोमीटर की दूरी पर ग्राम बालूद में आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में शहनाइयों की मंगलध्वनि और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच इन बेटियों ने अपने परिजनों, जिले के जनप्रतिनिधियों और बड़े बुजुर्गों के आशीर्वाद से दाम्पत्य जीवन में प्रवेश किया।
उल्लेखनीय है कि विगत एक वर्ष में ग्राम बालूद में मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत आयोजित सामूहिक विवाह का यह दूसरा विशाल समारोह था। पिछले साल 27 फरवरी को वहां यह आयोजन किया गया था, जिसमें 874 वर-वधुओं ने दाम्पत्य जीवन में प्रवेश किया था। आज के समारोह में सम्पन्न हुई शादियों को मिलाकर सिर्फ एक वर्ष में ही इसी जगह पर जिले के गरीब परिवारों की कुल एक हजार 417 बेटियों की शादी राज्य सरकार की मदद से सफलतापूर्वक सम्पन्न हो चुकी है। छत्तीसगढ़ के सुप्रसिध्द शक्तिपीठ दंतेवाड़ा स्थित दंतेश्वरी माता के आशीर्वाद की छत्र-छाया में आज का यह समारोह ग्राम बालूद के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय परिसर में आयोजित किया गया। पिछले साल की तरह आज भी छोटे से गांव बालूद में जिले के दूर-दराज गांवों से आए वर-वधुओं और मेहमानों को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में काफी उत्साह देखा गया।
समारोह में जिले के गीदम, दंतेवाड़ा, कटेकल्याण, कुआकोण्डा, छिंदगढ़ और सुकमा विकासखण्डों से अपने-अपने माता-पिता और नाते-रिश्तेदारों के साथ आए इन वर-वधुओं को समाजसेवी संस्था 'गायत्री परिवार' के वरिष्ठजनों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ गृहस्थ जीवन में परिवेश कराया। विवाह की रस्म गायत्री परिवार दंतेवाड़ा के प्रमुख श्री त्रिपुरारी मंडावी और उनकी संस्था के कार्यकर्ताओं द्वारा सम्पन्न करायी गयी। जिले के अनेक वरिष्ठ नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी कन्यादान की रस्म निभायी और नव-दम्पत्तियों को आशीर्वाद प्रदान कर उनके सुखमय जीवन की कामना की। पाणिग्रहण सम्पन्न होने के बाद सामूहिक प्रीति भोज का भी आयोजन हुआ, जिसमें वर पक्ष और कन्या पक्ष के लोगों के साथ सभी शामिल हुए। समारोह में महिला और बाल विकास विभाग द्वारा जहां प्रत्येक वधू को साड़ी, चुनरी, चांदी के मंगलसूत्र और बिछिया सहित श्रृंगार सामग्री भेंट की गयी, वहीं प्रत्येक वर को धोती-कुर्ता और साफा भी दिया गया। विभाग की ओर से प्रत्येक जोड़े को आधा दर्जन थाली, आधा दर्जन गिलास, पानी की टंकी, लोटा, प्रेशर कुकर, परात, सूटकेस, टावेल और चादर भी भेंट की गयी।
समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में जिले के वरिष्ठ नागरिक और दंतेवाड़ा के श्री समारूराम परगनिया और विशेष अतिथि के रूप में नगर पालिका परिषद बचेली के अध्यक्ष श्री पिंटूराम उईके सहित लोकसभा सांसद श्री बलिराम कश्यप के प्रतिनिधि श्री अनूप सूद भी उपस्थित थे। कलेक्टर श्रीमती रीना कंगाले ने इस अवसर पर बताया कि पिछले साल भी इसी जगह पर महिला और बाल विकास विभाग द्वारा इस योजना के तहत सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन किया गया था, जिसमें गरीब घरों की 874 बेटियों का विवाह सम्पन्न हुआ था। कलेक्टर ने कहा कि शादियों में फिजूल खर्ची और दहेज प्रथा जैसी कुरीतियों से बचने के लिए आज के समय में सामूहिक विवाह समारोह बेहतर विकल्प हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि इसी उद्देश्य से मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा यह योजना शुरू की गयी है। महिला और बाल विकास विभाग की ओर से समारोह में बताया गया कि इस योजना के तहत गरीबी रेखा श्रेणी के 18 वर्ष से अधिक आयु की प्रत्येक बेटी के विवाह के लिए राज्य शासन द्वारा पांच हजार रूपए की सहायता का प्रावधान है। इसमें से चार हजार रूपए की सहायता विवाह और घर गृहस्थी की सामग्री के रूप में दी जाती है और एक हजार रूपए आयोजन में खर्च किया जाता है।
उल्लेखनीय है कि विगत एक वर्ष में ग्राम बालूद में मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत आयोजित सामूहिक विवाह का यह दूसरा विशाल समारोह था। पिछले साल 27 फरवरी को वहां यह आयोजन किया गया था, जिसमें 874 वर-वधुओं ने दाम्पत्य जीवन में प्रवेश किया था। आज के समारोह में सम्पन्न हुई शादियों को मिलाकर सिर्फ एक वर्ष में ही इसी जगह पर जिले के गरीब परिवारों की कुल एक हजार 417 बेटियों की शादी राज्य सरकार की मदद से सफलतापूर्वक सम्पन्न हो चुकी है। छत्तीसगढ़ के सुप्रसिध्द शक्तिपीठ दंतेवाड़ा स्थित दंतेश्वरी माता के आशीर्वाद की छत्र-छाया में आज का यह समारोह ग्राम बालूद के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय परिसर में आयोजित किया गया। पिछले साल की तरह आज भी छोटे से गांव बालूद में जिले के दूर-दराज गांवों से आए वर-वधुओं और मेहमानों को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में काफी उत्साह देखा गया।
समारोह में जिले के गीदम, दंतेवाड़ा, कटेकल्याण, कुआकोण्डा, छिंदगढ़ और सुकमा विकासखण्डों से अपने-अपने माता-पिता और नाते-रिश्तेदारों के साथ आए इन वर-वधुओं को समाजसेवी संस्था 'गायत्री परिवार' के वरिष्ठजनों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ गृहस्थ जीवन में परिवेश कराया। विवाह की रस्म गायत्री परिवार दंतेवाड़ा के प्रमुख श्री त्रिपुरारी मंडावी और उनकी संस्था के कार्यकर्ताओं द्वारा सम्पन्न करायी गयी। जिले के अनेक वरिष्ठ नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी कन्यादान की रस्म निभायी और नव-दम्पत्तियों को आशीर्वाद प्रदान कर उनके सुखमय जीवन की कामना की। पाणिग्रहण सम्पन्न होने के बाद सामूहिक प्रीति भोज का भी आयोजन हुआ, जिसमें वर पक्ष और कन्या पक्ष के लोगों के साथ सभी शामिल हुए। समारोह में महिला और बाल विकास विभाग द्वारा जहां प्रत्येक वधू को साड़ी, चुनरी, चांदी के मंगलसूत्र और बिछिया सहित श्रृंगार सामग्री भेंट की गयी, वहीं प्रत्येक वर को धोती-कुर्ता और साफा भी दिया गया। विभाग की ओर से प्रत्येक जोड़े को आधा दर्जन थाली, आधा दर्जन गिलास, पानी की टंकी, लोटा, प्रेशर कुकर, परात, सूटकेस, टावेल और चादर भी भेंट की गयी।
समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में जिले के वरिष्ठ नागरिक और दंतेवाड़ा के श्री समारूराम परगनिया और विशेष अतिथि के रूप में नगर पालिका परिषद बचेली के अध्यक्ष श्री पिंटूराम उईके सहित लोकसभा सांसद श्री बलिराम कश्यप के प्रतिनिधि श्री अनूप सूद भी उपस्थित थे। कलेक्टर श्रीमती रीना कंगाले ने इस अवसर पर बताया कि पिछले साल भी इसी जगह पर महिला और बाल विकास विभाग द्वारा इस योजना के तहत सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन किया गया था, जिसमें गरीब घरों की 874 बेटियों का विवाह सम्पन्न हुआ था। कलेक्टर ने कहा कि शादियों में फिजूल खर्ची और दहेज प्रथा जैसी कुरीतियों से बचने के लिए आज के समय में सामूहिक विवाह समारोह बेहतर विकल्प हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि इसी उद्देश्य से मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा यह योजना शुरू की गयी है। महिला और बाल विकास विभाग की ओर से समारोह में बताया गया कि इस योजना के तहत गरीबी रेखा श्रेणी के 18 वर्ष से अधिक आयु की प्रत्येक बेटी के विवाह के लिए राज्य शासन द्वारा पांच हजार रूपए की सहायता का प्रावधान है। इसमें से चार हजार रूपए की सहायता विवाह और घर गृहस्थी की सामग्री के रूप में दी जाती है और एक हजार रूपए आयोजन में खर्च किया जाता है।
क्रमांक/4569/स्वराज्य

