मुख्यमंत्री बाल संदर्भ योजना:कुपोषण और बीमारियों से पीड़ित 21 हजार से अधिक बच्चों को मिला फायदा
रायपुर, 07 दिसम्बर 2010
राज्य शासन के महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित 'मुख्यमंत्री बाल संदर्भ योजना' के तहत छत्तीसगढ़ के 21 हजार से अधिक बच्चे लाभान्वित हुए हैं। योजना से लाभान्वित किए जाने पर लगभग छह हजार बच्चे गंभीर कुपोषण से मुक्त भी हो गए हैं। उल्लेखनीय है कि गंभीर कुपोषित और बीमार बच्चों को चिकित्सकीय परीक्षण, चिकित्सक द्वारा लिखी गयी दवाएं तथा जरूरत के अनुसार बाल रोग विशेषज्ञों की परामर्श सुविधा उपलब्ध कराने के लिए जून 2009 से 'मुख्यमंत्री बाल संदर्भ योजना' संचालित की जा रही है।
विभागीय अधिकारियों ने आज यहां बताया कि मुख्यमंत्री बाल संदर्भ योजना के तहत प्रदेश के 21 हजार 527 बच्चे लाभान्वित हुए हैं। उन्होंने बताया कि योजना के तहत मिली चिकित्सकीय सुविधा से प्रदेश के छह हजार 35 बच्चे गंभीर कुपोषण से मुक्त हो गए हैं। उल्लेखनीय है कि योजना के तहत बच्चों को इलाज की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए प्रत्येक विकासखंड में माह में दो दिवस संदर्भ दिवस के रूप में चिन्हांकित किया जाता है, बच्चों में संक्रमण की पहचान की जाती है, निजी चिकित्सा परीक्षण संस्थान में अधिकतम तीन सौ रूपए तक स्वास्थ्य परीक्षण की सुविधा उपलब्ध करायी जाती है, जबकि एक हितग्राही बच्चे को वर्ष भर में अधिकतम पांच सौ रूपए तक की दवाएं तथा आवश्यकता होने पर चिकित्सा अधिकारी की परामर्श से इससे अधिक राशि भी उपलब्ध करायी जाती है। योजना में निजी शिशु रोग विशेषज्ञ की सेवा पर उन्हें सम्मान स्वरूप एक हजार रूपए मानदेय देने का प्रावधान भी किया गया है।
विभागीय अधिकारियों ने बताया कि योजना के तहत बस्तर जिले में तीन हजार 731 बच्चों को इलाज की सुविधा उपलब्ध करायी गयी। इसी प्रकार बिलासपुर जिले में दो हजार 182 बच्चे और बीजापुर जिले में 231 बच्चे, दंतेवाड़ा जिले के 551 बच्चे, धमतरी जिले के एक हजार 729 बच्चे, दुर्ग जिले के दो हजार 251 बच्चे, जांजगीर-चाम्पा जिले के दो हजार 24 बच्चे, जशपुर जिले के 541 बच्चे, कांकेर जिले के 582 बच्चे, कवर्धा जिले के 406 बच्चे और कोरबा जिले के 569 बच्चे इस योजना के तहत लाभान्वित हुए हैं। उन्होंने बताया कि कोरिया जिले के 365 बच्चे, महासमुंद जिले के 563 बच्चे, नारायणपुर जिले के 99 बच्चे, रायगढ़ जिले के 339 बच्चे, रायपुर जिले के 879 बच्चे, राजनांदगांव जिले के 615 बच्चे और सरगुजा जिले के तीन हजार 870 बच्चे लाभान्वित हुए हैं।

