छत्तीसगढ़ महिला कोष : महिला स्व सहायता समूहों को स्वरोजगार के लिए मिला 20 करोड़ रुपए का ऋण
रायपुर 04 जनवरी 2011
राज्य सरकार के महिला और बाल विकास विभाग द्वारा संचालित छत्तीसगढ़ महिला कोष की ऋण योजना के तहत पिछले साढ़े छह वर्षों में करीब 16 हजार तीन सौ महिला स्व-सहायता समूहों को विभिन्न व्यवसायों के लिए लगभग 20 करोड़ रुपए की ऋण राशि उपलब्ध कराई जा चुकी है। इस ऋण योजना के तहत प्रदेश के महिला स्व-सहायता समूहों को केवल साढ़े छह प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज पर 50 हजार रूपए तक ऋण प्रदान किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि महिला और बाल विकास विभाग द्वारा राज्य की महिलाओं के स्वावलंबन और उनके सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए महिला कोष की ऋण योजना सहित अनेक योजनाएं संचालित की जा रही है।
विभागीय अधिकारियों ने आज यहां बताया कि छत्तीसगढ़ महिला कोष की ऋण योजना के तहत विगत साढ़े छह वर्षों में 16 हजार 285 महिला स्व-सहायता समूहों को 19 करोड़ 86 लाख 39 हजार रुपए ऋण के रूप में वितरित किए गए । उन्होंने बताया कि योजना के तहत वर्ष 2004-05 में एक हजार 802 महिला समूहों को 94 लाख 54 हजार रुपए की ऋण राशि वितरित की गई। इसी प्रकार वर्ष 2005-06 में दो हजार 105 महिला समूहों को एक करोड़ 40 लाख सात हजार रुपए, 2006-07 में दो हजार 684 महिला समूहों को दो करोड़ 53 लाख 53 हजार रुपए, 2007-08 में दो हजार 859 महिला समूहों को तीन करोड़ 11 लाख 84 हजार रुपए, 2008-09 में तीन हजार 250 महिला समूहों को तीन करोड़ 70 लाख 25 हजार रुपए, वर्ष 2009-10 में दो हजार 827 महिला समूहों को छह करोड़ 16 लाख 16 हजार रुपए और चालू वित्तीय वर्ष में नवम्बर माह तक की स्थिति में सात सौ 50 महिला समूहों को दो करोड़ रुपए के ऋण उपलब्ध कराए गए हैं।
विभागीय अधिकारियों ने आज यहां बताया कि छत्तीसगढ़ महिला कोष की ऋण योजना के तहत विगत साढ़े छह वर्षों में 16 हजार 285 महिला स्व-सहायता समूहों को 19 करोड़ 86 लाख 39 हजार रुपए ऋण के रूप में वितरित किए गए । उन्होंने बताया कि योजना के तहत वर्ष 2004-05 में एक हजार 802 महिला समूहों को 94 लाख 54 हजार रुपए की ऋण राशि वितरित की गई। इसी प्रकार वर्ष 2005-06 में दो हजार 105 महिला समूहों को एक करोड़ 40 लाख सात हजार रुपए, 2006-07 में दो हजार 684 महिला समूहों को दो करोड़ 53 लाख 53 हजार रुपए, 2007-08 में दो हजार 859 महिला समूहों को तीन करोड़ 11 लाख 84 हजार रुपए, 2008-09 में तीन हजार 250 महिला समूहों को तीन करोड़ 70 लाख 25 हजार रुपए, वर्ष 2009-10 में दो हजार 827 महिला समूहों को छह करोड़ 16 लाख 16 हजार रुपए और चालू वित्तीय वर्ष में नवम्बर माह तक की स्थिति में सात सौ 50 महिला समूहों को दो करोड़ रुपए के ऋण उपलब्ध कराए गए हैं।
क्रमांक-5513/सुनीता

