बाल विवाह रोकने कबीरधाम जिला प्रशासन सतर्क
नियंत्रण कक्ष भी स्थापित
रायपुर 03 मई 2011
छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिला प्रशासन द्वारा आगामी छह मई को अक्षय तृतीया पर्व पर बाल विवाह रोकने के लिए जरूरी तैयारी की जा रही है। इसके लिये जिले के विभिन्न विभागों के 142 अधिकारियों की डयूटी लगायी गयी है। जिला महिला एवं बाल विकास कार्यालय कवर्धा में नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किया गया है। कोई भी व्यक्ति नियंत्रण कक्ष में बाल विवाह के संबंध में सूचना व जानकारी दे सकते हैं। नियंत्रण कक्ष का दूरभाष नंबर 07741-232241 है।
जिला प्रशासन द्वारा पूरे जिले में विशेष रूप से मोबाईल टीम तैनात किए गए हैं। कलेक्टर श्री मुकेश बंसल ने कल कलेक्टोरेट के सभाकक्ष में वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक लेकर बाल विवाह रोकने के लिए जरूरी उपाय करने के निर्देश दिए। उन्होंने गांवों में अक्षय तृतीया के अवसर पर बाल विवाह की रोकथाम के लिये लोगों को जागरूक करने व समझाईश देने कहा है। कलेक्टर ने महिला बाल विकास अधिकारी व बाल विकास परियोजना अधिकारियों व आंगनबाड़ी पर्यवेक्षकों को बाल विवाह के रोकथाम से संबंधित कानूनों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश भी दिये।
कलेक्टर ने नोडल अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे गांवो में जाकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, स्वसहायता समूहों के सदस्यों व ग्रामीणों से चर्चा कर यह पता लगाएं कि किस घर में बाल विवाह होने की संभावना है। इस तरह की कोई जानकारी मिलने पर वे जिला प्रशासन को इसकी सूचना तुरंत दें। बाल विवाह रोकने के लिए जरूरी तैयारियों के तहत तीन-तीन ग्राम पंचायतों के समूह में एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। जिला कलेक्टर ने बाल विवाह की कुप्रथा को समाप्त करने आम जनता से सहयोग की अपील की है। कलेक्टर ने बताया कि काूनन के अनुसार विवाह के लिये पुरूष की आयु 21 वर्ष व महिला की आयु 18 वर्ष होना जरूरी है। बाल विवाह मे सहयोग करने वाले लोगों को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के तहत दंडित किया जा सकता है।
जिला प्रशासन द्वारा पूरे जिले में विशेष रूप से मोबाईल टीम तैनात किए गए हैं। कलेक्टर श्री मुकेश बंसल ने कल कलेक्टोरेट के सभाकक्ष में वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक लेकर बाल विवाह रोकने के लिए जरूरी उपाय करने के निर्देश दिए। उन्होंने गांवों में अक्षय तृतीया के अवसर पर बाल विवाह की रोकथाम के लिये लोगों को जागरूक करने व समझाईश देने कहा है। कलेक्टर ने महिला बाल विकास अधिकारी व बाल विकास परियोजना अधिकारियों व आंगनबाड़ी पर्यवेक्षकों को बाल विवाह के रोकथाम से संबंधित कानूनों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश भी दिये।
कलेक्टर ने नोडल अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे गांवो में जाकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, स्वसहायता समूहों के सदस्यों व ग्रामीणों से चर्चा कर यह पता लगाएं कि किस घर में बाल विवाह होने की संभावना है। इस तरह की कोई जानकारी मिलने पर वे जिला प्रशासन को इसकी सूचना तुरंत दें। बाल विवाह रोकने के लिए जरूरी तैयारियों के तहत तीन-तीन ग्राम पंचायतों के समूह में एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। जिला कलेक्टर ने बाल विवाह की कुप्रथा को समाप्त करने आम जनता से सहयोग की अपील की है। कलेक्टर ने बताया कि काूनन के अनुसार विवाह के लिये पुरूष की आयु 21 वर्ष व महिला की आयु 18 वर्ष होना जरूरी है। बाल विवाह मे सहयोग करने वाले लोगों को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के तहत दंडित किया जा सकता है।
क्रमांक- 552/राजेश

