छत्तीसगढ़ में किशोरी बालिकाओं के लिए ''सबला'' योजना के क्रियान्वयन पर एक दिवसीय कार्यशाला
रायपुर, 07 फरवरी 2011
राज्य सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ में किशोरी बालिकाओं के लिए पोषण और स्वास्थ्य में सुधार लाने के लिए प्रारंभ की जा रही ''सबला'' योजना के क्रियान्वयन के लिए आज यहां एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया । सबला योजना राज्य के पांच जिलों में
पायलेट प्रोजेक्ट के तहत रायपुर, राजनांदगांव, सरगुजा, बस्तर और रायगढ़ को प्रारंभ की जाएगी। महिला एवं बाल विकास के सचिव श्री के.डी.पी. राव ने सबला योजना के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए योजना के मैदानी स्तर पर समुचित ढंग से क्रियान्वयन के निर्देश दिए।
इस योजना का उददेश्य 11 से 18 वर्ष की आयु समूह की किशोरियों के पोषण और स्वास्थ्य में सुधार लाना गृह कौशल जीवन, कौशल व्यावसायिक कौशल और उनके पूर्ण विकास को बढ़ावा देना ताकि किशोरियों को स्वास्थ्य, व्यक्तिगत साफ-सफाई, परिवार कल्याण एवं प्रबंधन के बारे में उनमें जगरूकता आ सके और स्वास्थ्य केन्द्र डाकघर, बैक, पुलिस स्टेशन इत्यादि के बारे में जानकारी देना और मार्गदर्शन करना।
यह योजना विद्यालय के बाहर किशोरियों पर के्रन्द्रित है जो संबंधित राज्य सरकारों द्वारा निर्धारित समय सारणी व आवृत्ति में आंगनबाड़ी केन्द्र पर एकत्रित होगी। यह किशोरी बालिकाओं के लिए एक अच्छा अवसर होगा। जब विद्यालय जाने वाली व विद्यालय न जाने वाली किशोरियों परस्पर संपर्क में आएगी। जिससे विद्यालय न जाने वाली किशोरियों को विद्यालय जाने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा और विद्यालय जाने वाली किशोरियों को जीवन कौशल की जानकारी होगी। आयु आधारित अवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए दो भागों में बांटा जा सकता है। पहला 11 से 14 वर्ष और दूसरा 15 से 18 वर्ष आयु समूह।
अधिकारियों ने कार्यशाला में बताया कि सबला योजना के क्रियान्वयन के लिए विधानिय अमले एवं उन्मुखी कार्यशाला में मैदानी अधिकारी पायलेट प्रोजेक्ट के तहत पांचों जिलों के जिला स्तरीय अधिकारी, स्वास्थ्य अधिकारी, खेल एवं युवा कल्याण विभाग के अधिकारी, पंचायत एवं समाज कल्याण विभाग के अधिकारी, रोजगार एवं जनशक्ति योजना के अधिकारी, आदिवासी विकास, स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारी, यूनिसेफ और भारत सरकार के ''सबला'' योजना कंसलटेंट सहित सभी संबंधित विभागों अधिकारी उपस्थित थे।

