महिलाओं के सशक्तिकरण में शिक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका-श्रीमती हेमलता चंद्राकर
स्वावलंबन योजना के प्रशिक्षण सत्र का शुभारंभ
रायपुर 09 मार्च 2011

छत्तीसगढ़ समाज कल्याण बोर्ड की अध्यक्ष श्रीमती हेमलता चंद्राकर ने कहा कि महिलाएं समाज को संस्कार देती हैं इसलिये महिलाएं ही समाज और देश में परिवर्तन ला सकती हैं। उन्होंने महिलाओं की शिक्षा पर बल देते हुए कहा कि नारी को सशक्त बनाने में शिक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका है।
श्रीमती चंद्राकर आज राजधानी रायपुर के नजदीक उरला स्थिल अपैरल टे्रनिंग एवं डिजाइनिग सेन्टर में महिलाओं की जागरूकता के लिये आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहीं थी। यह कार्यक्रम अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस के संदर्भ में आयोजित किया गया। इस अवसर पर उन्होंने स्वावलंबन योजना में हितग्राहियों के प्रशिक्षण सत्र का भी शुभारंभ किया तथा सक्षम योजना के सात हितग्राहियों को स्वरोजगार के लिये एक-एक लाख रूपये की राशि और शिशु संरक्षण माह और कुपोषण मुक्ति अभियान में उल्लेखनीय कार्य के लिये तीन-तीन आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं पर्यवेक्षकों को सम्मानित किया। कार्यक्रम में महिला जागरूकता प्रष्नोत्तरी का भी आयोजन किया गया।
महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आयोजित महिला जागरूकता कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए श्रीमती चंद्राकर ने कहा कि स्वतंत्रता के बाद महिलाओं की स्थिति में बड़ा परिवर्तन आया है। महिलाएं अब चार दीवारी से बाहर निकल कर हर क्षेत्र में योगदान दे रही हैं। महिलाओं की जागरूकता के कारण ही बाल विवाह, सती प्रथा और टोनही प्रथा जैसी कुप्रथाएं दूर हो गयी है। शिक्षित परिवारों में अब बेटा बेटी का अंतर समाप्त हो गया है। महिलाओं को समाज में बराबरी का हक मिल रहा हैं। महिलाओं की स्थिति को बेहतर बनाने के लिये संविधान और विभिन्न कानूनों के जरिये बहुत से अधिकार दिये गये हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं के सशक्तिकरण् के लिये छत्तीसगढ़ शासन द्वारा विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही है। शासन महिलाओ को आत्म निर्भर बनाने के लिये उनके साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री द्वारा कन्या दान योजना में विवाह के लिये दी जाने वाली सहायता राशि 5 हजार रूपये से बढ़ाकर 10 हजार रूपये कर दी गई है। जिला विधिक सेवा अधिकारी श्रीमती वीणा देसाई ने भरण पोषण कानून, हिन्दु उत्तराधिकार अधिनियम, सती प्रथा निरोधक कानून सहित महिलाओं से संबंधित विभिन्न कानूनों की विस्तृत जानकारी दी। जिला विधक सेवा प्रकोष्ठ द्वारा महिला कानूनों की जानकारी से संबंधित किट भी महिलाओं को वितरित की गई।
महिला एंव बाल विकास अधिकारी श्रीमती किरण सिंह ने विभागीय योजनाओं की विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि स्वालंबन योजना में चयनित 30 महिलाओं को सिलाई कढाई के लिये तीन माह का नि:शुल्क प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जिला परियोजना अधिकारी स्वर्ण जयंती शहरी स्वर्ण जयंती रोजगार योजना ने जानकारी दी कि महिला सशक्तीकरण के लिये योजना के तहत गरीबी रेखा श्रेणी के 150 हितग्राहियों को अपैरल ट्रैनिंग एण्ड डिजाइनिंग सेन्टर में विभाग की ओर से नि:शुल्क प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसमें 140 महिलाएं शामिल हैं। उन्होने बताया कि प्रशिक्षण के बाद अधिकांश लोगों को निजी रेडीमेड निर्माण इकाइयों में रोजगार मिल जाता है। इसके अलावा स्वरोजगार के लिये व्यक्तिगत प्रकरणों में दो लाख तथा सामूहिक प्रकरणों में 10 लाख रूपये की ऋण दिलाया जाता है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाएं एवं किशोरी बालिकाएं उपस्थित थी।

