बाल सम्प्रेक्षण गृह में सुन्दर बगीचा बनाने के निर्देश
समाज कल्याण मंत्री ने किया आकस्मिक निरीक्षण
रायपुर 22 मई 2010

समाज कल्याण मंत्री सुश्री लता उसेण्डी ने आज पूर्वान्ह राजधानी रायपुर के माना स्थित शासकीय बाल सम्प्रेक्षण गृह का आकस्मिक निरीक्षण किया। उन्होंने बच्चों की समस्याएं सुनी और उन्हें सुखद भविष्य के लिए समझाइश दी। सुश्री उसेण्डी ने अधिकारियों से कहा कि बाल सम्प्रेक्षण गृह के परिसर में हरियाली के लिए विभिन्न प्रकार के रंग-बिरंगे फूलों के पौधे लगाकर एक अच्छा बगीचा भी विकसित किया जाए ताकि वहां रहने वाले बच्चों को एक सुन्दर प्राकृतिक परिवेश मिल सकें। सुश्री उसेण्डी ने कहा कि बाल मनोविज्ञान के विशेषज्ञों से चर्चाकर सम्प्रेक्षण गृह में और भी अधिक सकारात्मक वातावरण बनाने की जरूरत है। 
समाज कल्याण मंत्री ने सम्प्रेक्षण गृह में दसवीं कक्षा में पूरक आए एक बच्चे का परीक्षा फार्म भरवाकर उसे परीक्षा में शामिल कराने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बच्चों को सकारात्मक गतिविधियों में व्यस्त रखने के लिए खेल क्रियाकलापों को और बढ़ावा दें तथा वोकेशनल प्रशिक्षण की भी व्यवस्था करें। उन्होंने निरीक्षण के दौरान भोजन कक्ष की जल्द से जल्द मरम्मत कराने और शयन कक्ष, मनोरंजन कक्ष सहित सभी कक्षों में जरूरी सुधार करवाने तथा सफाई का पुख्ता इंतजाम करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने अत्यधिक तापमान को देखते हुए जहां-जहां आवश्यक है वहां और कूलर लगाने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने सम्प्रेक्षण् गृह के अधीक्षक और हाउस मास्टर के कार्य पर असंतोष जाहिर करते हुए उन्हें ठीक से कार्य करने की हिदायत दी। इस दौरान समाज कल्याण विभाग के सचिव श्री के.डी.पी. राव ने भी मनोरंजन कक्ष में विभिन्न भाषाओं की अच्छी पत्रिकाएं रखने और बच्चों को प्रेरणादायी तथा मनोरंजक धारावाहिक और फिल्में दिखाने कहा।
ज्ञातव्य है कि विगत एक मई को बाल सम्प्रेक्षण गृह के 11 बच्चे भाग गए थे जिसमें से 3 बच्चे वापस आ गए हैं शेष 8 बच्चों के भागे जाने की सूचना उनके अभिभावकों को दे दी गई है। संप्रेक्षण गृह में विभिन्न अपराधों में लिप्त पाए गए बच्चों को पारिवारिक माहौल में रखा जाता है। वर्तमान में यहां 81 बच्चे रह रहे हैं, बच्चों के रहने, खाने और उनकी पढ़ाई सहित विभिन्न जरूरतें राज्य शासन द्वारा पूरी की जाती है। इस अवसर पर विभाग के सचिव श्री के.डी.पी. राव ने प्रमस्तिष्क अंगाघात के नि:शक्त व्यक्तियों की शीघ्र पहचान एवं उपचार हेतु समाज कल्याण विभाग द्वारा माना में स्थापित गेटलेब का निरीक्षण किया। इस मौके पर विभाग के संचालक श्री जी.एस. धनंजय और संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

