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मुख्यमंत्री से आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया के डायरेक्टर जनरल ने मुलाकात की

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पुरा-सम्पदा की दृष्टि से विश्व स्तर का खूबसूरत स्थल  है, सिरपुर : डॉ. गौतम सेनगुप्ता

सिरपुर में बनेगा अत्याधुनिक म्युजियम

    रायपुर 20 जून 2010

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     छत्तीसगढ़ की समृध्द पुरा-सम्पदा ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया) के डायरेक्टर जनरल डॉ. गौतम सेनगुप्ता को काफी प्रभावित किया है। अपने छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान सिरपुर, राजिम और देवबलौदा के भ्रमण के उपरांत उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह से आज शाम यहां उनके निवास पर मुलाकात के दौरान कहा कि सिरपुर अपनी समृध्द पुरा-सम्पदा की दृष्टि से विश्व स्तर का एक बहुत ही खूबसूरत स्थल है, जो ऐतिहासिक दृष्टि से भी काफी महत्वपूर्ण है। इसके विश्व धरोहर स्थल की श्रेणी में स्थान प्राप्त करने में कोई शंका नहीं है। डॉ. सेनगुप्ता ने मुख्यमंत्री के साथ छत्तीसगढ़ में पुरा-सम्पदा के विकास और संरक्षण्ा के विषय में विस्तृत विचार विमर्श किया। नगरीय विकास मंत्री श्री राजेश मूणत भी इस अवसर पर उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर छत्तीसगढ़ की वैभवशाली पुरा-सम्पदा पर केन्द्रित दो पुस्तकों का विमोचन भी किया। इनमें से 'प्रोसिडिंग्स ऑफ दी नेशनल सेमिनार ऑन आर्कियोलॉजी ऑफ छत्तीसगढ़ एंड लेटेस्ट एक्सकेवेशन' पुस्तक में इस वर्ष 21 से 23 फरवरी तक पचराही में आयोजित राष्ट्रीय सेमिनार में देश भर के विद्वानों द्वारा प्रस्तुत किए गए शोध लेखाें का संकलन प्रकाशित किया गया है। इस पुस्तक का संपादन आयुक्त, संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग श्री राजीव श्रीवास्तव ने किया है। 'पचराही' शीर्षक से अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित दूसरी पुस्तक में कबीरधाम जिले के पुरातत्व महत्व के स्थल पचराही के बारे में विस्तृत विवरण प्रकाशित किया गया है। इस पुस्तक के लेखक श्री राजीव श्रीवास्तव है। 

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    मुख्यमंत्री डॉ. सिंह के साथ डॉ. सेनगुप्ता ने महासमुंद जिले के सिरपुर, कोरबा जिले के चैतुरगढ़ और रायपुर जिले के राजिम के राजीव लोचन मंदिर के बेहतर संरक्षण के विषय पर भी विचार-विमर्श किया। डॉ. सेनगुप्ता ने कहा कि पूर्वी भारत में राजिम के राजीव लोचन मंदिर जैसा खूबसूरत आठवीं सदी का कोई दूसरा मंदिर नहीं है। इसकी स्थापत्य कला अद्भुत है। उन्होंने छत्तीसगढ़ की पुरा-संपदा की बेहतर देखभाल और संरक्षण के लिए बिलासपुर और जगदलपुर में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के उप कार्यालय खोलने की जरूरत बतायी। मुख्यमंत्री ने इसके लिए राज्य शासन की ओर से हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया। डॉ. सेनगुप्ता ने कहा कि सिरपुर के उत्खनन में मिली मूर्तियां, सिक्कों, बर्तनों तथा अन्य कलाकृतियों के प्रदर्शन के लिए सिरपुर में एक अत्याधुनिक म्युजियम का निर्माण किया जाना चाहिए, जिससे आने वाले पर्यटकों को सिरपुर के बारे में ज्यादा बेहतर ढंग से जानने-समझने का अवसर मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सिरपुर के इतिहास और वहां पर मिली पुरासम्पदा पर केन्द्रित फिल्म भी पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से तैयार की जानी चाहिए। उन्होंने इस संबंध में संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग के आयुक्त को आवश्यक पहल करने के निर्देश दिए। पुरातत्व विभाग के अधिकारियों ने इस अवसर पर डॉ. सेनगुप्ता को पचराही के उत्खनन में प्राप्त सिक्के, मूर्तियां और विभिन्न कलाकृतियां दिखायी। अधिकारियों ने बताया कि पचराही के उत्खनन में प्राप्त जीवाश्मों से ऐसा लगता है कि हजारों वर्ष पूर्व पचराही का हिमालय क्षेत्र के साथ भी कुछ न कुछ संबंध रहा है। इस अवसर पर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के अधीक्षण पुरातत्वविद रायपुर सर्कल श्री पी.के. मिश्रा और उत्खनन निदेशक पचराही श्री एस.एस. यादव भी उपस्थित थे।

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