पच्चीसवीं राष्ट्रीय कला स्पर्धा एवं प्रदर्शनी
अक्टूबर में प्रविष्टियां आमंत्रित
रायपुर, 28 जून 2011
दक्षिण मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र नागपुर द्वारा आगामी अक्टूबर माह में नागपुर में 25 वीं राष्ट्रीय कला स्पर्धा एवं प्रदर्शनी - 2011 का आयोजन किया जा रहा है। इसके लिए पेन्टिग, मूर्तिशिल्प और ग्राफिक्स/ड्राईंग के युवा तथा व्यावसायिक कलाकारों से प्रविष्टियां आमंत्रित की गयी है। स्पर्धा में शामिल होने के इच्छुक कलाकार अपनी कलाकृतियों की ट्रांस्परेन्सीस अथवा छायाचित्र पूर्व परीक्षण के लिए 'निदेशक दक्षिण मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र नागपुर' को अपने स्वेच्छा से प्रास्पेक्टस के साथ 30 जून 2011 तक भेज सकते हैं। पूर्व परीक्षण में चयनित कलाकृतियों की मूल कलाकृति 23 अगस्त 2011 के पूर्व अंतिम परीक्षण के लिए भेजा जाना होगा। कला प्रदर्शनी का आयोजन दो अक्टूबर से 11 अक्टूबर तक दक्षिण मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र नागपुर के कार्यालय परिसर में किया जाएगा।
दक्षिण मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र द्वारा विजुअल आर्ट (दृककला) के कलाकारों को प्रोत्साहित करने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर विगत 24 सालों से कला स्पर्धा एवं प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है। यह स्पर्धा दो श्रेणियों व्यावसायिक तथा युवा कलाकार श्रेणी में विभाजित कर आयोजित की जाती है। इसमें भाग लेने के लिए प्रवेश-पत्र विवरण पत्रिका कार्यालय निदेशक दक्षिण मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र, 56/1 आमडार निवास के सामने सिविल लाईन्स नागपुर-440001 में उपलब्ध है। प्रवेश-पत्र इस संस्था की वेबसाईट www.sczcc.gov.in से भी डाऊनलोड कर प्राप्त किया जा सकता है। राष्ट्रीय कला स्पर्धा के संबंध में अधिक जानकारी प्राप्त करने दूरभाष क्रमांक-0712-2562974, 2565107 पर भी सम्पर्क किया जा सकता है। इस कार्यालय का फैक्स नम्बर 0712-2560966 है।
उल्लेखनीय है कि दक्षिण मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र नागपुर एक स्वायत्तशासी संस्था है, जो भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के अधीन कार्यरत है। इस केन्द्र के कार्यक्षेत्र कर्नाटक, मध्यप्रदेश, आन्ध्रप्रदेश, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ राज्य आते हैं। देश में इसी तरह के सात केन्द्र स्थापित किए गए हैं। इन केन्द्रों की स्थापना भारतीय संस्कृति के विविध रूपों ग्रामीण कला,आदिवासी कला,लोक कला, ललित कला,संगीत,नाटक, दृक कला,साहित्य आदि के संरक्षण एवं संवर्धन के उद्देश्य से की गई है।

