'हर दिल अजीज मोहम्मद रफी' कार्यक्रम आयोजित
स्वर्गीय श्री रफी की पुण्यतिथि पर दी गयी उन्हें संगीतमय श्रध्दांजलि
पहली छत्तीसगढ़ी फिल्म 'कहि देबे संदेश' के निर्माता श्री मनु नायक का सम्मान
रायपुर, 01 अगस्त 2011
सुप्रसिध्द फिल्मी पार्श्व गायक स्वर्गीय मोहम्मद रफी की 31 वीं पुण्यतिथि पर उन्हें श्रध्दांजलि देने राज्य सरकार के संस्कृति विभाग द्वारा शनिवार की शाम स्थानीय रंग मंदिर में 'हर दिल अजीज-मोहम्मद रफी
' कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के अनेक जाने-माने और नये गायकों ने उन्हें अपनी संगीतमय श्रध्दांजलि दी। इन कलाकारों ने विभिन्न हिन्दी फिल्मों में स्वर्गीय श्री मोहम्मद रफी द्वारा गाए अनेक गीतों को अपनी मधुर आवाज में प्रस्तुत किया। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने स्वर्गीय श्री मोहम्मद रफी के चित्र पर माल्यार्पण कर और दीप प्रज्ज्वलित कर 'हर दिल अजीज मोहम्मद रफी' कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
श्री अग्रवाल ने इस अवसर पर पहली छत्तीसगढ़ी फिल्म 'कहि देबे संदेश' के निर्माता श्री मनु नायक तथा अन्य छत्तीसगढ़ी फिल्म 'घर-द्वार' के निर्माता स्वर्गीय श्री विजय पाण्डेय की धर्मपत्नी श्रीमती चन्द्रकला पाण्डेय का शॉल एवं श्रीफल भेंटकर सम्मान किया। श्री अग्रवाल ने इस अवसर पर कहा कि स्वर्गीय श्री मोहम्मद रफी अपनी सुमधुर आवाज के कारण हर हिन्दुस्तानी के दिल में बसते हैं। उनके गाए गीत मन को सुकून देते हैं। श्री अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ के फिल्मी इतिहास के पहले दौर में बनी दो फिल्मों 'कहि देबे संदेश' और 'घर द्वार' में
स्वर्गीय श्री रफी ने छत्तीसगढ़ी गीत गाकर छत्तीसगढ़ी भाषा को प्रतिष्ठा दिलाई। श्री अग्रवाल ने इस अवसर पर फिल्म घर-द्वार के गीत 'गोंदा फुलगे मोर राजा-गोंदा फुलगे मोर रानी' और 'सुन-सुन मोर मया पिरित के संगवारी रे' के गीतकार स्वर्गीय श्री हरि ठाकुर को याद करते हुए उन्हें भी विनम्र श्रध्दांजलि दी।
'हर दिल अजीज मोहम्मद रफी' कार्यक्रम का निर्देशन संगीतकार श्री कल्याण सेन ने किया। कार्यक्रम का संचालन श्री अरविंद मिश्रा ने किया। इस अवसर पर संस्कृति विभाग के संचालक श्री नरेन्द्र कुमार शुक्ला सहित राजधानी रायपुर के संगीत प्रेमी नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

