राजधानी में आज से सप्ताह व्यापी राष्ट्रीय चित्रकला शिविर
रायपुर, 01 फरवरी 2010
छत्तीसगढ़ सहित देश के विभिन्न राज्यों के अनेक जाने-माने चित्रकार कल दो फरवरी से राजधानी रायपुर के राजकुमार कॉलेज परिसर में आयोजित सप्ताह व्यापी राष्ट्रीय चित्रकला शिविर में कल्पना के विभिन्न रंगों के साथ अपनी कला प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।
राज्य सरकार के संस्कृति विभाग के सहयोग से नई दिल्ली स्थित ललित कला अकादमी द्वारा यह शिविर आयोजित किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ में ललित कला अकादमी का यह पहला शिविर होगा। राष्ट्रीय स्तर के चित्रकारों की प्रतिभा और उनकी रचना-प्रक्रिया से प्रदेश के नवोदित चित्रकारों को परिचित कराने और कला के क्षेत्र में उन्हें प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से यह शिविर यहां लगाया जा रहा है। स्थानीय राजकुमार कॉलेज के जशपुर हॉल में शाम चार बजे शिविर का शुभारंभ होगा। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह और संस्कृति मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने शिविर की सफलता के लिए अपनी शुभकामनाएं दी हैं।
शिविर में छत्तीसगढ़ सहित देश के विभिन्न राज्यों के जिन सुपरिचित चित्रकारों को आमंत्रित किया गया है, उनमें बड़ोदा (गुजरात) के श्री कृपा श्रीचंद माखीजा, हैदराबाद (आंध्रप्रदेश) की सुश्री अंजनि प्रभा रेड्डी, मुम्बई (महाराष्ट्र) की सुश्री शीतल गट्टानी, गुड़गांव (हरियाणा) के श्री जगन्नाथ पण्डा, नई दिल्ली के श्री पी.हेमराज, पटना (बिहार) के श्री मिलनदास, जयपुर (राजस्थान) के श्री सुरेन्द्र पाल जोशी, चेन्नई (तमिलनाडु) के श्री नेलसन केनेडी और रायपुर (छत्तीसगढ़) के सर्वश्री जसप्रीत गुजराल, जितेन्द्र साहू और हुकुमलाल वर्मा आदि शामिल हैं।
संस्कृति संचालनालय के आयुक्त श्री राजीव श्रीवास्तव ने बताया कि ये सभी सिध्दहस्त कलाकार शिविर में पूरे एक सप्ताह तक चित्रांकन करते हुए अपनी रचना-प्रक्रिया का प्रदर्शन तो करेंगे ही, इसके साथ ही वे अपनी-अपनी कलाकृतियों को स्लाइड-शो के माध्यम से भी प्रदर्शित करेंगे। इसके साथ ही वे अपनी रचना प्रक्रिया को लेकर लोगों की जिज्ञासाओं का समाधान भी करेंगे। शिविर में छत्तीसगढ़ के इंदिरा कला एवं संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़ के चित्रकला विभाग के प्राध्यापकों और विद्यार्थियों को भी आमंत्रित किया गया है। शिविर का शुभारंभ छत्तीसगढ़ के पुलिस महानिदेशक श्री विश्वरंजन करेंगे। राष्ट्रीय चित्रकला शिविर में बनने वाले सभी चित्र ललित कला अकादमी नई दिल्ली द्वारा देश के विभिन्न शहरों में निकट भविष्य में आयोजित होने वाली अपनी प्रदर्शनियों में आम जनता के अवलोकन के लिए प्रदर्शित किए जाएंगे।

