प्रदेश में पहली बार राष्ट्रीय चित्रकला शिविर शुरू
आठ फरवरी तक होगा चित्रकला शिविर का आयोजन
रायपुर, 02 फरवरी 2010
छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के बाद आज पहली बार ललित कला अकादमी नई दिल्ली और छत्तीसगढ़ शासन संस्कृति और पुरातत्व विभाग के संयुक्त तत्वावधान में राष्ट्रीय चित्रकला शिविर शुरू हुआ। आठ फरवरी तक चलने वाला यह शिविर राजकुमार कॉलेज रायपुर के जशपुर हाल में आयोजित की गई है। शिविर में जयपुर (राजस्थान), बड़ोदरा (गुजरात), पटना (बिहार), चेन्नई (तमिलनाडु), गुड़गांव (हरियाणा), हैदराबाद (आंध्रप्रदेश), नई दिल्ली और छत्तीसगढ़ के ख्याति प्राप्त चित्रकार भाग ले रहे हैं।
राष्ट्रीय चित्रकला शिविर का शुभारंभ राज्य के पुलिस महानिदेशक श्री विश्वरंजन ने ज्ञान की देवी माँ सरस्वती की छायाचित्र में माल्यार्पण और दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ में पहली बार चित्रकला पर केन्द्रित एक राष्ट्रीय शिविर का आयोजन की जा रही है। यह शिविर ललित कलाओं को गति प्रदान करने और छत्तीसगढ़ की प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने में उपयोगी साबित होगी। उन्होंने कहा कि किसी भी कला को सीखने के लिए पूरे समर्पण का भाव होना चाहिए। कला के लिए पूरी जिन्दगी कम पड़ जाती है। इससे पूर्व श्री विश्वरंजन ने विभिन्न प्रदेशों से आए चित्रकारों को गुलदस्ता भेंट कर उनका स्वागत किया। संस्कृति और पुरातत्व विभाग के आयुक्त श्री राजीव श्रीवास्तव ने स्वागत भाषण दिया। इस अवसर पर ललित कला अकादमी नई दिल्ली के सहायक सचिव श्री विनोद अग्रवाल, राजकुमार कॉलेज के प्राचार्य सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी और राष्ट्रीय स्तर के ख्याति प्राप्त चित्रकार उपस्थित थे।
चन्द्राकर

