प्रशिक्षण शिविर 'आकार' 11 मई से
रायपुर 02 मई 2011
पारंपरिक शिल्प और कला के प्रति लोगों में रूचि पैदा करने के उद्देश्य से राज्य शासन के संस्कृति विभाग द्वारा हर साल राजधानी रायपुर और बिलासपुर में प्रशिक्षण शिविर 'आकार' का आयोजन किया जाता है। राजधानी रायपुर में 'आकार' प्रशिक्षण शिविर इस साल बुधवार 11 मई से शुरू होकर 30 मई तक चलेगा। शिविर यहां महंत घासीदास संग्रहालय परिसर में दो पालियों में आयोजित किया जा रहा है। पहली पाली सुबह 7.00 से 10.00 बजे तक तथा दूसरी पाली शाम 5.00 से 8.00 बजे तक रहेगी। शिविर के लिए आवेदन पत्र 3 मई से 10 मई तक कार्यालयीन समय में कार्यालय संचालक संस्कृति एवं पुरातत्व महंत घासीदास स्मारक संग्रहालय परिसर से प्राप्त किए जा सकते हैं। आवेदन पत्र 10 मई की शाम साढ़े पांच बजे तक जमा किये जा सकते हैं।
संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग के अधिकारियों ने आज यहां बताया है कि विभाग द्वारा विगत दस वर्षों से गर्मी के मौसम में राजधानी रायपुर में पारंपरिक शिल्प एवं विविध कला का प्रशिक्षण देने शिविर 'आकार' का आयोजन किया जा रहा है। इसी तरह बिलासपुर में भी विगत तीन-चार सालों से इस प्रकार का प्रशिक्षण शिविर लगाया जा रहा है। महंत घासीदास स्मारक संग्रहालय परिसर में 11 मई से शुरू हो रहे 'आकार' में छत्तीसगढ़ की प्रसिध्द शिल्पकला के साथ-साथ अन्य राज्यों की शिल्पकला जिनमें जूट शिल्प, ढोकरा शिल्प, मृदा शिल्प, मधुबनी चित्रांकन, रजवार भित्ति चित्र, पेंटिंग चित्रकला, पट चित्र, बोनसाई कला, क्ले वर्क आर्ट, ड्राई फ्लावर, गोदना पेंटिंग, काष्ठ शिल्प तथा लोकनृत्य और लोक संगीत का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस साल के 'आकार' में संगीत को एक पृथक विधा के रूप में शामिल कर प्रशिक्षण देने की व्यवस्था की गई है। संगीत का प्रशिक्षण रायपुर के प्रसिध्द संगीतज्ञ डॉ. श्रीराम मूर्ति देंगे। अधिकारियों ने यह भी बताया कि संस्कृति मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल की घोषणा के अनुरूप इस वर्ष से अम्बिकापुर और कोरबा में प्रशिक्षण शिविर 'आकार' का आयोजन किये जाने की तैयारी चल रही है।

