राजिम कुंभ महापर्व 2011 : विधानसभा अध्यक्ष सहित अनेक मंत्रियों, संसदीय सचिवों और विधायकों ने प्राप्त किया साधु-संतों का आशीर्वाद
रायपुर, 01 मार्च 2011

राजिम के त्रिवेणी संगम पर आयोजित राजिम कुंभ महापर्व में कल सोमवार की शाम विधानसभा अध्यक्ष श्री धरमलाल कौषिक सहित प्रदेष शासन अनेक मंत्रियों, संसदीय सचिवों और विधायकों में संत समागम में शामिल होकर साधु-संतों का आशीर्वाद प्राप्त किया। संगम तट पर बने मुख्य मंच के कार्यक्रम के बाद सभी अतिथियों ने कुलेश्वर मंदिर के नजदीक बनी साधु-संतों की कुटियों में पहुंच कर दर्शन लाभ लिया।
विधानसभा अध्यक्ष श्री धरम लाल कौशिक ने इस अवसर पर अपने सम्बोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ विधानसभा के सदस्यगण प्रदेश की सुख-शांति और समृध्दि के लिए भगवान राजीव लोचन और साधु-संतों के दर्शन के लिए यहां उपस्थित हुए हैं। राजिम के त्रिवेणी संगम का दर्जा प्रयागराज के समान है। इस पवित्र संगम पर कुंभ परम्परा की शुरूआत छत्तीसगढ़ वासियों के लिए सौभाग्य की बात है। राजिम कुंभ में आयोजित संत-समागम में देश भर से आए साधु-संतों के आशीर्वाद से हमें गरीबों की और अधिक सेवा करने प्रेरणा मिलती है। उन्होंने कहा कि प्रजातंत्र में निर्वाचित जनप्रतिनिधियों का सबसे बड़ा दायित्व आम जनता की भलाई के लिए कार्य करना होता है। इस कार्य में साधु-संतों द्वारा उचित मार्गदर्शन किया जाता है। प्रजातंत्र में प्रतिपक्ष का अपना अलग महत्व होता है। सरकार में शामिल जन-प्रतिनिधियों को उनके दायित्वों को पूर्ण करने में प्रतिपक्ष द्वारा सहयोग दिया जाता है। इसी प्रकार जनता को मूल संस्कृति और धर्म से जोड़ने का कार्य साधु-संतों द्वारा किया जाता है। श्री कौशिक ने कहा कि आम जनता के हित में कार्य करना छत्तीसगढ़ विधानसभा की परम्परा है। राजिम कुंभ में पधारे साधु-संतों के आशीर्वाद से हम सब मिलकर प्रदेश की खुशहाली के लिए कार्य करते रहेंगे।
धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री श्री बृहमोहन अग्रवाल ने कहा कि साधु-संतों की उपस्थिति से राजिम में वर्ष होने वाला कुंभ सार्थक हुआ। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार गांव,गरीबों और किसानों के हित में कार्य करते हुए अपने राजधर्म का पालन कर रही है। यह आम जनता के सहयोग से संभव हो सका है। विधायक श्री धरमजीत सिंह ने राजिम में कुंभ परम्परा की शुरूआत करने पर प्रदेश सरकार की प्रशंसा करते हुए कहा कि कुंभ के माध्यम से साधु-संतों के चरण छत्तीसगढ़ की धरती पर पड़े हैं। राजिम कुंभ हमारी धार्मिक आस्था का केन्द्र बन गया है। राजिम कुंभ के सफल आयोजन में हम सबका सहयोग रहता है। कुंभ की व्यवस्थाओं में कहीं कोई कमी दिखाई देती है, तो हम शासन का ध्यान आकृष्ट कराकर अपने राजधर्म का पालन करते हैं, ताकि सभी व्यवस्थाएं ठीक हो सकें। अग्नि पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर श्री रामकृष्णानंद जी महाराज, चम्पारण प्राकटय आचार्य श्री द्वारकेशलाल का भी आशीर्वाद जनता को प्राप्त हुआ। इस अवसर पर राजगुरू महामंडलेश्वर स्वामी विशोकानंद सहित अन्य साधु-संतों की पावन उपस्थिति रही।
कार्यक्रम में गृहमंत्री श्री ननकी राम कंवर, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम, उच्च शिक्षा मंत्री श्री हेमचन्द यादव, कृषि मंत्री श्री चन्द्रशेखर साहू, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री सुश्री लता उसेण्डी संसदीय सचिव सर्वश्री विजय बघेल, श्री भैयालाल रजवाड़े, श्री कोमल जंघेल सहित अनेक विधायक उपस्थित थे।

विधानसभा अध्यक्ष श्री धरम लाल कौशिक ने इस अवसर पर अपने सम्बोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ विधानसभा के सदस्यगण प्रदेश की सुख-शांति और समृध्दि के लिए भगवान राजीव लोचन और साधु-संतों के दर्शन के लिए यहां उपस्थित हुए हैं। राजिम के त्रिवेणी संगम का दर्जा प्रयागराज के समान है। इस पवित्र संगम पर कुंभ परम्परा की शुरूआत छत्तीसगढ़ वासियों के लिए सौभाग्य की बात है। राजिम कुंभ में आयोजित संत-समागम में देश भर से आए साधु-संतों के आशीर्वाद से हमें गरीबों की और अधिक सेवा करने प्रेरणा मिलती है। उन्होंने कहा कि प्रजातंत्र में निर्वाचित जनप्रतिनिधियों का सबसे बड़ा दायित्व आम जनता की भलाई के लिए कार्य करना होता है। इस कार्य में साधु-संतों द्वारा उचित मार्गदर्शन किया जाता है। प्रजातंत्र में प्रतिपक्ष का अपना अलग महत्व होता है। सरकार में शामिल जन-प्रतिनिधियों को उनके दायित्वों को पूर्ण करने में प्रतिपक्ष द्वारा सहयोग दिया जाता है। इसी प्रकार जनता को मूल संस्कृति और धर्म से जोड़ने का कार्य साधु-संतों द्वारा किया जाता है। श्री कौशिक ने कहा कि आम जनता के हित में कार्य करना छत्तीसगढ़ विधानसभा की परम्परा है। राजिम कुंभ में पधारे साधु-संतों के आशीर्वाद से हम सब मिलकर प्रदेश की खुशहाली के लिए कार्य करते रहेंगे।
धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री श्री बृहमोहन अग्रवाल ने कहा कि साधु-संतों की उपस्थिति से राजिम में वर्ष होने वाला कुंभ सार्थक हुआ। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार गांव,गरीबों और किसानों के हित में कार्य करते हुए अपने राजधर्म का पालन कर रही है। यह आम जनता के सहयोग से संभव हो सका है। विधायक श्री धरमजीत सिंह ने राजिम में कुंभ परम्परा की शुरूआत करने पर प्रदेश सरकार की प्रशंसा करते हुए कहा कि कुंभ के माध्यम से साधु-संतों के चरण छत्तीसगढ़ की धरती पर पड़े हैं। राजिम कुंभ हमारी धार्मिक आस्था का केन्द्र बन गया है। राजिम कुंभ के सफल आयोजन में हम सबका सहयोग रहता है। कुंभ की व्यवस्थाओं में कहीं कोई कमी दिखाई देती है, तो हम शासन का ध्यान आकृष्ट कराकर अपने राजधर्म का पालन करते हैं, ताकि सभी व्यवस्थाएं ठीक हो सकें। अग्नि पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर श्री रामकृष्णानंद जी महाराज, चम्पारण प्राकटय आचार्य श्री द्वारकेशलाल का भी आशीर्वाद जनता को प्राप्त हुआ। इस अवसर पर राजगुरू महामंडलेश्वर स्वामी विशोकानंद सहित अन्य साधु-संतों की पावन उपस्थिति रही।
कार्यक्रम में गृहमंत्री श्री ननकी राम कंवर, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम, उच्च शिक्षा मंत्री श्री हेमचन्द यादव, कृषि मंत्री श्री चन्द्रशेखर साहू, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री सुश्री लता उसेण्डी संसदीय सचिव सर्वश्री विजय बघेल, श्री भैयालाल रजवाड़े, श्री कोमल जंघेल सहित अनेक विधायक उपस्थित थे।
क्रमांक-6393/राजेश

