''चित्रकोट महोत्सव-2011'' के समापन अवसर पर संस्कृति मंत्री ने दी अनेक सौगातें
'चित्रकोट महोत्सव-2011'
चार दिवसीय ''चित्रकोट महोत्सव-2011'' का समापन और पुरस्कार वितरण कार्यक्रम संपन्न
रायपुर 04 मार्च 2011
बस्तर की धरती ऐसी धरती है, जिसे पूरा विश्व देखना चाहता है। देश-विदेश के सैलानी, पर्यटन और पर्यावरण प्रेमी छत्तीसगढ़ के दर्शनीय स्थल, आदिवासी जनजाति, संस्कृति को नजदीक से देखने बस्तर आने को सदैव उत्सुक रहते हैं। अप्रतिम नैसर्गिक सुन्दरता और अद्भूत सौन्दर्य को देखना है तो बस्तर जाये यह सभी चाहते है। उपरोक्त उद्गार लोक निर्माण, शिक्षा, पर्यटन, संस्कृति और धर्मस्व विभाग मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने चित्रकोट महोत्सव-2011 के समापन समारोह के अवसर पर मुख्य अतिथि के आसंदी से चित्रकोट में कही।
मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि बस्तर की आराध्य देवी माँ दन्तेश्वरी की कृपा है, माँ दन्तेश्वरी का दर्शन करना है तो दन्तेवाड़ा, श्री गणेश भगवान का दर्शन करना है तो बारसूर और बूढ़ादेव तो आदिवासियों का इष्टदेव है। इन सबका आशीर्वाद बस्तर की जनता के साथ ही दर्शनार्थियों को मिलता है। पर बस्तर की पावन धरा तथा इसकी सुन्दरता पर किसी की नजर लग गयी है। उन्होंने कहा कि दुनिया देखना चाहती है कि बस्तर में उमंग और उत्साह पुन: लौट आये। बस्तर को पर्यटन के लिए सर्वाधिक उपयुक्त स्थान बताते हुए उन्होंने कहा कि विश्वप्रसिध्द् ''नियाग्रा'' के पश्चात बस्तर का चित्रकोट जलप्रपात का स्थान है। छत्तीसगढ़ शासन का यह प्रयास है कि विश्व के पर्यटन नक्शे और वैश्विक परिदृश्य में बस्तर का चित्रकोट जलप्रपात भी शामिल हो जाये।
पर्यटक एवं संस्कृति मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की भूमि मे अनेक संस्कृति, धार्मिक स्थल, पर्यटन केन्द्र है। छत्तीसगढ़ में 500 से अधिक मेले, मड़ई का आयोजन ''धान-कटाई'' के पश्चात शुरू हो जाता है। मंत्री श्री अग्रवाल ने बताया कि छत्तीसगढ़ में प्रमुख 16 ऐसे उत्सव है जिसे ''महोत्सव'' का रूप दिया गया है। चित्रकोट महोत्सव भी अब इस श्रेणी में 17 वें किंतु विशिष्ट स्थान में शामिल हो गया है। श्री अग्रवाल ने कहा कि बस्तर में पुन: खुशहाली और शांति स्थापित होगी। इस क्षेत्र में एन.एम.डी.सी. द्वारा नगरनार में तथा टाटा स्टील द्वारा लोहण्डीगुड़ा क्षेत्र में कारखाना की स्थापना से समूचे बस्तर अंचल में विकास व उन्नति होगी। उन्होंने कहा कि सड़कें, स्कूल, अनाज लूटकर कुछ विघ्वंसकारी तत्व क्षेत्र के विकास मे अवरोध उत्पन्न कर रहे है। उन्होंने ऐसे विकास विरोधी तत्वों से सचेत रहने को कहा। उन्होंने बताया कि बस्तर के लोगों के विकास के लिए प्रदेश शासन कृत संकल्पित है। चित्रकोट महोत्सव में आज हितग्राहियों को विभागों द्वारा लाभान्वित किया गया। आशा व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि बस्तर के लोग पुन: ढोल-मांदर की थाप में थिरकने लगेंगे।
चित्रकोट महोत्सव-2011 के समापन के अवसर पर क्षेत्र के विकास के लिए मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने अनेक सौगाते दीं। चित्रकोट स्थल के पास एक करोड़ रूपये की लागत से ''कल्चरल सेन्टर'' (सांस्क्रतिक केन्द्र) निर्माण हेतु देने की घोषणा की। इसी प्रकार आदिवासी जनजाति के बेरोजगार युवकों और शिल्पियों हेतु दुकान निर्माण करने 50 लाख रूपये, डॉरमेट्री और धर्मशाला निर्माण के लिए 50 लाख रूपये तथा बस्तर जिले के चिन्हाकिंत 10 मेले-मंडई के आयोजन में सहायता राशि के तौर पर 50-50 हजार रूपये प्रदान करने की स्वीकृति प्रदान की।
बस्तर के विकास की परिकल्पना करते हुए उन्होने कहा कि पुन: देश-दुनिया में बस्तर की विशिष्ट पहचान स्थापित होगी। चित्रकोट महोत्सव के आयोजन के माध्यम से लोगों के जीवन में उल्लास और उमंग आयेगा। अंत में शुभकामनायें व्यक्त करते हुए उन्होंने कार्यक्रम के आयोजन तथा योजना बनाकर इसे सफलतापूर्वक संपन्न करने पर जिला प्रशासन स्थानीय नागरिकों, खेल संस्थाओं, मीडिया को धन्यवाद दिया।
वनमंत्री श्री विक्रम उसेण्डी ने अध्यक्षता करते हुए कहा कि बस्तर मे चित्रकोट मंडई को नवीन रूप प्रदान कर महोत्सव का नाम देते हुए बेहतर ढंग से 1 मार्च से 4 मार्च 2011 तक गौरवशाली आयोजन किया गया। इस आयोजन के लिए जिला प्रशासन सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि व जगदलपुर के नागरिकों को धन्यवाद ज्ञापित किया। वनमंत्री ने कहा कि 40 प्रतिशत वन प्रदेश में उपलब्ध है। ऐसे वनांचल में चित्रकोट का महत्व और बढ़ जाता है। उन्होंने कहा आने वाले दिनों में बस्तर की विशिष्ट पहचान होगी। पर्यटन विभाग द्वारा पर्यटकों को आकर्षित करने और स्थानीय निवासियों के आर्थिक विकास के लिए योजना बनाई जायेगी।उन्होंने कहा कि चित्रकोट महोत्सव की यह पहली शुरूआत अच्छे ढंग से हुई है। वन एवं बस्तर जिले के प्रभारी मंत्री ने ''चित्रकोट-महोत्सव'' में सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ ही खेलकूद के राज्य स्तरीय आयोजन के सफलतापूर्वक संचालन के लिए आयोजकों को बधाई और शुभकामनाएं दी।
इन्द्रावती को बचाने की जायेगी कोशिश-श्री कश्यप
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी और आदिमजाति कल्याण मंत्री श्री केदार कश्यप ने अपने उद्बोधन में कहा कि आम जनता के सहयोग से इतने विशाल कार्यक्रम का सफलतापूर्वक संपादन किया गया। यह बहुत बड़ा और चुनौती भरा रहा है। उन्होंने कॉलेज के दिनों का स्मरण करते हुए कहा कि चित्रकोट के मंडई का उन्हें इंतजार रहता था। उन्होंने कहा कि बस्तर की संस्कृति में मेले मंडई का अपना विशिष्ट स्थान है, जहां देवी-देवताओं की पूजा अर्चना क्षेत्र की खुशहाली के लिए तथा विचारों का आपसी आदान-प्रदान होता है। उन्होने बस्तर में जन्म को भाग्यशाली कहते हुए कहा कि यहां चित्रकोट और तीरथगढ़ जलप्रपात, कोटमसर गुफा सहित बारसूर-जैसे अनेक नैसर्गिक पर्यटन केन्द्र और अनेक धार्मिक स्थान है। जिन्हें माँ दन्तेश्वरी का संरक्षण प्राप्त है। उन्होंने कहा कि बस्तर जिले में सभी नदी स्वच्छ और साफ है। उन्होंने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि इंद्रावती की नदी के साफ जल को तथा चित्रकोट पर्यटन स्थल को गंदा न करने का संकल्प लें। इंद्रावती नदी के अस्तित्व को बचाने के लिए कार्ययोजना बनाकर उसे अमल करने की बात कही।
चित्रकोट विधायक और उपाध्यक्ष बस्तर विकास प्राधिकरण श्री बैदूराम कश्यप ने इस अवसर पर कहा कि चित्रकोट महोत्सव-2011 का यह आयोजन प्रतिवर्ष किया जाए। चित्रकोट महोत्सव के आयोजन से इस क्षेत्र का विकास और उन्नयन होगा। लोगों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। क्षेत्र के विकास के लिए कलेक्टर से कार्ययोजना बनाने की इच्छा जाहिर करते हुए सफल आयोजन के लिए बधाई दी। जिला पंचायत अध्यक्ष श्री लच्छूराम कश्यप ने कहा कि चित्रकोट महोत्सव के सफल आयोजन से इस क्षेत्र का विकास अवश्य होगा। उन्होंने ''चित्रकोट-महोत्सव'' स्थल के 17 एकड़ भूमि को महोत्सव के आयोजन हेतु आरक्षित रखने शासन से अनुरोध किया। उन्होंने 17 एकड़ भूमि में चहार-दीवारी निर्माण् कार्य शीघ्र प्रारंभ कर इसे सुरक्षित रखने की बात कही। महापौर किरण देव ने चित्रकोट महोत्सव-2011 के सफलतापूर्वक आयोजन के लिए जनप्रतिनिधि के साथ ही जिला प्रशासन को बधाई दी।
चित्रकोट महोत्सव में राज्य स्तरीय कबड्डी और व्हालीबॉल विजेता और उपविजेताओं को शील्ड और नगद पुरस्कार राशि से पुरस्कृत किया गया। वहीं हितग्राहियों को सामाजिक पेंशन, उडावनी पंखा, ट्राईसाइकिल, मछली पकड़ने का जाल, जनरेटर, किसानों को सिंचाई पंप, डीजल पंप आदि का वितरण भी किया गया। राज्य स्तरीय कबडडी स्पर्धा में 10 दलों ने भाग लिया जिसमें दुर्ग की टीम प्रथम, द्वितीय कोरबा, तृतीय छत्तीसगढ़ पुलिस और चतुर्थ स्थान पर दन्तेवाड़ा की टीम रही। व्हालीबॉल में प्रथम छत्तीसगढ़ पुलिस रायपुर, द्वितीय रायगढ़, तृतीय एस.सी.सी.एल. और चौथे स्थान पर धमतरी की टीम रही। समारोह में अतिथियों को स्मृति चिन्ह भी भेंट किया गया। इस अवसर पर जनपद अध्यक्ष लोहण्डीगुड़ा श्री चन्द्रभान कश्यप सहित अन्य जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

