नाचा-गम्मत पर दस दिवसीय कार्यशाला पांच जून से
रायपुर 24 मई 2010
राज्य शासन के संस्कृति विभाग द्वारा छत्तीसढ़ के पारंपरिक लोक नाटय नाचा-गम्मत पर पहली बार कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यशाला राजधानी रायपुर के महंत घासीदास स्मारक संग्रहालय के शिल्प मड़ई परिसर में 05 जून से 15 जून 2010 तक आयोजित की जा रही है। इस कार्यशाला में छत्तीसगढ़ के नाचा-गम्मत के प्रतिष्ठित कलाकारों को आमंत्रित किया गया है। इनमें जोक्कड़, नजरिया, नचौड़ी गीत, नाचा-संगीत तथा गम्मत आदि के कलाकार शामिल हैं। कार्यशाला प्रतिदिन दो पालियों में सुबह सात से दस बजे तक तथा शाम पांच से रात्रि दस बजे तक चलेगी। कार्यशाला में नाचा-गम्मत के वरिष्ठ कलाकार छत्तीसगढ़ की इस प्राचीन विधा के संबंध में अपने अनुभव नृत्य, गायन, संवाद और अभिनय के जरिए प्रस्तुत करेंगे। कार्यशाला के दौरान जोक्कड़, नजरिया सहित नाचा-गम्मत के अन्य पात्रों की वेशभूषा और साज-श्रृंगार का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। नाचा-गम्मत, खड़े साज नृत्य और संगीत, देवार प्रहसन, नजरिया और जोक्कड़ नृत्य के कार्यक्रम कार्यशाला में तैयार किए जाएंगे। कार्यशाला के दौरान तैयार कार्यक्रमों का विशेष प्रदर्शन 15 जून को महंत घासीदास स्मारक संग्रहालय परिसर स्थित मुक्ताकाश मंच पर किया जाएगा। नाचा-गम्मत कार्यशाला में भाग लेने के लिए आवेदन पत्र महंत घासीदास स्मारक संग्रहालय परिसर स्थित आयुक्त, संस्कृति एवं पुरातत्व कार्यालय में प्रतिदिन सुबह साढ़े दस से शाम पांच बजे तक प्राप्त किए जा सकते हैं।
क्रमांक -937/राजेश

