मुख्यमंत्री ने किया नया रायपुर के निर्माण कार्यों का निरीक्षण
सभी कार्य समय-सीमा में तेजी से पूर्ण करने के निर्देश
नया रायपुर के ग्रामीणों को भी मिलेगी शहरी सुविधाएं
रायपुर 23 नवम्बर 2011

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज सवेरे यहां नया रायपुर विकास परियोजना क्षेत्र में चल रहे विभिन्न निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को सभी निर्माण कार्य तेजी से पूर्ण करने के निर्देश दिए। डॉ. रमन सिंह ने निर्माणाधीन मंत्रालय भवन और विभागाध्यक्ष भवन के निर्माण कार्यों को भी देखा। उन्होंने भवनों की आन्तरिक सजावट और उनमें जरूरी सुविधाओं के लिए चल रहे कार्यों का भी अवलोकन किया। मुख्यमंत्री ने निर्माणाधीन मंत्रालय भवन में वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक
लेकर निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। मुख्यमंत्री के सामने बैठक में नया रायपुर विकास प्राधिकरण की ओर से दिए गए प्रस्तुतिकरण में कार्यों की प्रगति की जानकारी दी गयी। डॉ. रमन सिंह ने नया रायपुर परियोजना क्षेत्र के गांवों में ग्रामीणों के लिए शहर स्तर की हर प्रकार की बुनियादी सुविधा तेजी से विकसित करने के निर्देश दिए। प्रस्तुतिकरण में अधिकारियों ने यह भी बताया कि नया रायपुर को एक हरित और पर्यावरण हितैषी शहर के रूप में विकसित किया जा रहा है। नगरीय प्रशासन आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री राजेश मूणत, मुख्य सचिव श्री पी. जॉय उम्मेन, प्रमुख सचिव आवास एवं पर्यावरण श्री एन. बैजेन्द्र कुमार, ऊर्जा विभाग के सचिव श्री अमन कुमार सिंह और नया रायपुर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री एस.एस. बजाज सहित सभी संबंधित वरिष्ठ अधिकारी बैठक में उपस्थित थे। मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती वीणा सिंह भी इस मौके पर उपस्थित थीं। मुख्यमंत्री ने वहां नया रायपुर के प्रोजेक्ट मॉडल को भी देखा।
डॉ. रमन सिंह के समक्ष प्रस्तुतिकरण में अधिकारियों ने बताया कि वहां विभिन्न प्रजातियों के लगभग 24 लाख 94 पौधे लगाने का लक्ष्य है। अब तक करीब सवा तीन लाख पौधे लगाए जा चुके हैं। इनमें से सड़कों के किनारे 44 किलोमीटर में भी वृक्षारोपण किया जा रहा है। रायपुर
जंक्शन से नया रायपुर तक रेल्वे लाईन के लिए राज्य सरकार ने वर्ष 2010-11 के बजट में 66 करोड़ रूपए का प्रावधान किया है। वहां मुख्य स्टेशन सहित तीन अन्य रेल्वे स्टेशनों का निर्माण नया रायपुर विकास प्राधिकरण द्वारा किया जाएगा। रेल्वे के अधिकारियों ने एलाइनमेंट फाईनल कर दिया है। भारतीय विमानन प्राधिकरण से अनापत्ति प्राप्त की जा रही है। रेल मंत्रालय द्वारा इस रेल लाईन के लिए निविदा आमंत्रित की जा चुकी है। प्रस्तुतिकरण में बताया गया कि मंत्रालय भवन के निर्माण से संबंधित सभी कार्य लगभग 92 प्रतिशतपूर्ण हो चुके हैं। इनमें से सिविल कार्य 95 प्रतिशत, आर्किटेक्चरल कार्य 95 प्रतिशत, इलेक्ट्रिकल एल.व्ही. एवं एच. व्ही. ए.सी. कार्य 95 प्रतिशत और प्लम्बिंग एवं अग्नि सुरक्षा से संबंधित कार्य 90 प्रतिशत तक पूर्ण कर लिए गए हैं। मंत्रालय भवन का निर्माण लगभग 62 हजार 320 वर्गमीटर के क्षेत्र में किया जा रहा है। इसका निर्माण 28 दिसम्बर 2007 को शुरू किया गया था। इसके तीसरे चरण के कार्य को छोड़कर निर्माण कार्यों की पूर्णता की संभावित तारीख 31 दिसम्बर 2011 और तीसरे चरण के कार्यो पूर्णता की संभावित तारीख 28 फरवरी 2012 निर्धारित की गयी है। विभागाध्यक्ष भवन का निर्माण 66 हजार 315 वर्गमीटर में किया जा रहा है। इसका निर्माण 30 मार्च 2009 से शुरू हुआ है। इसे पूर्ण करने के लिए संभावित समय-सीमा 30 जून 2012 निर्धारित की गयी है। विभागध्यक्ष भवन में राज्य शासन के सभी प्रमुख विभागों के राज्य स्तरीय कार्यालय होंगे। इस भवन के निर्माण में सिविल कार्य 90 प्रतिशत तक पूर्ण कर लिया गया है, जबकि आर्किटेक्चरल कार्य 60 प्रतिशत, इलेक्ट्रिकल एल.व्ही. एवं एच. व्ही. ए.सी. कार्य 60 प्रतिशत और प्लम्बिंग एवं अग्नि सुरक्षा से संबंधित कार्य 40 प्रतिशत तक पूर्ण कर लिए गए हैं। इस प्रकार विभागाध्यक्ष भवन के 70 प्रतिशत निर्माण कार्य पूर्ण हो चुके हैं। विभागाध्यक्ष भवन में 44 विभागाध्यक्षों के राज्य स्तरीय कार्यालय स्थापित करने का प्रस्ताव है। इनमें नियंत्रक नाप-तौल, मुख्य तकनीकी परीक्षक (सर्तकता), संचालक लोक अभियोजन, आयुक्त श्रम विभाग, रजिस्ट्रार फर्म्स एण्ड सोसायटीज, संचालक स्थाानीय निधि एवं अंकेक्षण, रोजगार एवं प्रशिक्षण, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण, भौमिकी एवं खनिकर्म, आयुष, महिला एवं बाल विकास, संचालक कृषि, पशुधन विकास, पुनर्वास एवं आपदा प्रबंधन, चिकित्सा शिक्षा, जनसम्पर्क, उद्यानिकी, मत्स्योद्योग, नगरीय प्रशासन और विकास, लोकशिक्षण्ा, नगर तथा ग्राम निवेश, कोष एवं लेखा, खेल एवं युवा कल्याण, ग्रामोद्योग (हाथ करघा एवं रेशम), तकनीकी शिक्षा, सैनिक कल्याण बोर्ड, आयुक्त आदिवासी विकास, आयुक्त लोक परिवहन, आयुक्त भू-अभिलेख, आयुक्त उच्च शिक्षा, संचालक सम्पदा, संचालक विमानन, प्रमुख अभियंता लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, अधीक्षक स्टेट गैरेज, मुख्य विद्युत निरीक्षक आदि से संबंधित राज्य स्तरीय कार्यालयों की स्थापनों का प्रस्ताव है। अन्य सरकारी कार्यालय भवनों की निर्माण परियोजनाओं के बारे प्रस्तुतिकरण में बताया गया कि पुलिस मुख्यालय भवन जल संसाधन और वन मुख्यालय भवन, पर्यावास भवन, विभिन्न आयोगों के लिए संयुक्त भवन, विकास आयुक्त तथा पंचायत एवं ग्रामीण, वाणिज्यिक-कर, महानिरीक्षक पंजीयन, जेल, तथा होमगार्ड सहित लोक निर्माण और लोक स्वास्थ्य विभाग के भवनों के निर्माण के लिए भी कार्रवाई प्रगति पर है।
अधिकारियों ने बताया कि रायपुर और नया रायपुर
के बीच अंतरिम बस सेवा नगर निगम रायपुर के सहयोग से शुरू की जाएगी। इसके साथ ही नया रायपुर में बस रेपिड ट्रांसपोर्ट प्रणाली का भी विकास किया जाएगा। इसके लिए विश्व बैंक के साथ अनुबंध किया गया है। नगर निगम द्वारा मार्च 2012 तक बसों की आपूर्ति की संभावना है। निजी बस ऑपरेटरों को भी वहां बस चलाने की अनुमति दी जाएगी। प्रस्तुतिकरण में नया रायपुर की विद्युत, पेयजल और आवास व्यवस्था, सिवरेज प्रणाली आदि की प्रगति की भी जानकारी दी गयी। अधिकारियों ने बताया कि वहां छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल द्वारा 833 स्वतंत्र मकान और एक हजार 832 फ्लैटस का निर्माण किया जा रहा है। गरीबों के लिए बी.एस.यू.पी. योजना के तहत 28 करोड़ 79 लाख रूपए की लागत से उपरवारा, खपरी, नवागांव (खपरी), झांझ, तूता, कयाबांधा, कोटराभाटा, चीचा, रिको और छतौना में 888 मकानों के निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। छतौना में प्रस्तावित मकानों के लिए जगह उपलब्ध नहीं होने के कारण वहां के लोगों के लिए नवागांव में मकान बनाए जा रहे हैं।

