यात्री बसों की परमिट स्वीकृति के लिए बहुसदस्यीय क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकार बनेगा
परिवहन आरक्षकों की भर्ती होगी 15 अगस्त तक
यात्री बसों और परिवहन उड़नदस्तों की गाड़ियों कीनिगरानी के लिए लगेंगे जी.पी.एस. उपकरण
विभागीय मंत्री श्री राजेश मूणत ने बैठक में दिए निर्देश
रायपुर 10 मई 2010

परिवहन मंत्री श्री राजेश मूणत ने विभागीय अधिकारियों को यात्री बसों के लिए परमिट स्वीकृति के बारे में एक निश्चित मापदण्ड तय करने और एकल सदस्यीय क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकार के स्थान पर बहुसदस्यीय क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकार गठित करने के निर्देश दिए हैं। श्री मूणत ने कहा है कि इन बहुसदस्यीय परिवहन प्राधिकारों के माध्यम से बसों के परमिट से संबंधित आवेदन पत्रों पर नियमानुसार सुनवाई करने के बाद गुण-दोष के आधार पर परमिट मंजूर किए जाएं।
परिवहन मंत्री ने आज यहां राज्य के सभी क्षेत्रीय, अतिरिक्त क्षेत्रीय और जिला परिवहन अधिकारियों की संयुक्त बैठक में इस आशय के निर्देश दिए। बैठक में परिवहन आयुक्त श्री एन.के.असवाल, अतिरिक्त परिवहन आयुक्त श्री संजय पिल्ले और अन्य संबंधित वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। परिवहन मंत्री ने बैठक में विभागीय काम-काज की विस्तृत समीक्षा की। श्री मूणत ने बैठक में परिवहन विभाग के मुख्यालय और मैदानी कार्यालयों का संशोधित सेट-अप जल्द तैयार कर प्रस्तुत करने और परिवहन आरक्षकों की भर्ती प्रक्रिया 15 अगस्त तक पूर्ण कर लेने के भी निर्देश दिए। श्री मूणत ने अधिकारियों से कहा कि राज्य के दूर-दराज के गांवों तक यातायात सुविधा उपलब्ध कराने के लिए एक व्यापक सर्वेक्षण जल्द कराया जाए, यात्री बसों को अस्थायी परमिट पहली बार जितनी अधिकतम अवधि के लिए दी जा सकती है, जारी किया जाए और बाद में उन्हें नियमानुसार स्थायी परमिट दिया जाए। परिवहन मंत्री ने राज्य में संचालित सभी यात्री बसों और परिवहन विभाग के उड़नदस्तों की सरकारी गाड़ियों में दूर संवेदी भू-उपग्रह (सेटेलाईट) आधारित ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (जी.पी.एस.) उपकरण लगवाने के भी निर्देश दिए, ताकि उनकी समुचित निगरानी की जा सके।
श्री मूणत ने कहा कि यात्री बसों का नियंत्रण संबंधित जिला परिवहन अधिकारियों द्वारा और उड़नदस्तों का नियंत्रण परिवहन आयुक्त कार्यालय द्वारा किया जाएगा। श्री मूणत ने अधिकारियों को स्लीपर कोच बसों के मासिक टैक्स का निर्धारण जल्द करने, परिवहन आयुक्त कार्यालय और जिला परिवहन कार्यालयों के स्तर पर सभी मार्गों पर एक माह तक यात्री बसों की नियमित चेकिंग और परमिटधारक वाहनों से विभिन्न मदों में प्राप्त मोटरयान करों का ऑन लाईन कम्प्यूटरीकरण आगामी 15 जून तक अनिवार्य रूप से करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से कहा कि उत्तर प्रदेश और बिहार के साथ अंतर्राज्यीय परिवहन के लिए परस्पर यातायात समझौते की प्रक्रिया जल्द से जल्द पूर्ण की जाए, वायु प्रदूषण रोकने के लिए वाहनों के उत्सर्जित धुंए का नियंत्रण राजस्थान की तर्ज पर छत्तीसगढ़ में भी स्वेच्छिक संगठनों (एन.जी.ओ.) के माध्यम से कराया जाए और मोटरयानों के लिए उच्च सुरक्षा रजिस्ट्रेशन प्लेट (हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट) योजना लागू करने के लिए टेंडर की प्रक्रिया जल्द पूर्ण की जाए। परिवहन मंत्री ने अधिकारियों को राज्य में चलने वाले ट्रेक्टर ट्रेलरों के पीछे लाल रंग का रिफ्लेक्टर लगवाने के निर्देश देते हुए कहा कि संभावित दुर्घटनाओं को रोकने के लिए यह बहुत जरूरी है।
श्री मूणत ने बैठक में कहा कि वाहनों की चेकिंग के लिए मोबाईल कोर्ट का गठन किया जाए और जिन परिवहन कार्यालयों को अपने कार्यालय भवन निर्माण के लिए सरकारी जमीन आवंटित नहीं हो पायी है, उन्हें इसके लिए जिला कलेक्टर के माध्यम से भूमि आवंटन की कार्रवाई शीघ्र सुनिश्चित की जाए और जिन जिलों में भूमि आवंटित हो चुकी है, वहां कार्यालय भवन निर्माण के लिए लोक निर्माण विभाग से भवन के डिजाईन के साथ प्राक्कलन बनवाकर परिवहन आयुक्त कार्यालय को जल्द भिजवाया जाए, ताकि भवन निर्माण की स्वीकृति के लिए आगे की कार्रवाई की जा सके।
परिवहन मंत्री ने आज यहां राज्य के सभी क्षेत्रीय, अतिरिक्त क्षेत्रीय और जिला परिवहन अधिकारियों की संयुक्त बैठक में इस आशय के निर्देश दिए। बैठक में परिवहन आयुक्त श्री एन.के.असवाल, अतिरिक्त परिवहन आयुक्त श्री संजय पिल्ले और अन्य संबंधित वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। परिवहन मंत्री ने बैठक में विभागीय काम-काज की विस्तृत समीक्षा की। श्री मूणत ने बैठक में परिवहन विभाग के मुख्यालय और मैदानी कार्यालयों का संशोधित सेट-अप जल्द तैयार कर प्रस्तुत करने और परिवहन आरक्षकों की भर्ती प्रक्रिया 15 अगस्त तक पूर्ण कर लेने के भी निर्देश दिए। श्री मूणत ने अधिकारियों से कहा कि राज्य के दूर-दराज के गांवों तक यातायात सुविधा उपलब्ध कराने के लिए एक व्यापक सर्वेक्षण जल्द कराया जाए, यात्री बसों को अस्थायी परमिट पहली बार जितनी अधिकतम अवधि के लिए दी जा सकती है, जारी किया जाए और बाद में उन्हें नियमानुसार स्थायी परमिट दिया जाए। परिवहन मंत्री ने राज्य में संचालित सभी यात्री बसों और परिवहन विभाग के उड़नदस्तों की सरकारी गाड़ियों में दूर संवेदी भू-उपग्रह (सेटेलाईट) आधारित ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (जी.पी.एस.) उपकरण लगवाने के भी निर्देश दिए, ताकि उनकी समुचित निगरानी की जा सके।
श्री मूणत ने कहा कि यात्री बसों का नियंत्रण संबंधित जिला परिवहन अधिकारियों द्वारा और उड़नदस्तों का नियंत्रण परिवहन आयुक्त कार्यालय द्वारा किया जाएगा। श्री मूणत ने अधिकारियों को स्लीपर कोच बसों के मासिक टैक्स का निर्धारण जल्द करने, परिवहन आयुक्त कार्यालय और जिला परिवहन कार्यालयों के स्तर पर सभी मार्गों पर एक माह तक यात्री बसों की नियमित चेकिंग और परमिटधारक वाहनों से विभिन्न मदों में प्राप्त मोटरयान करों का ऑन लाईन कम्प्यूटरीकरण आगामी 15 जून तक अनिवार्य रूप से करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से कहा कि उत्तर प्रदेश और बिहार के साथ अंतर्राज्यीय परिवहन के लिए परस्पर यातायात समझौते की प्रक्रिया जल्द से जल्द पूर्ण की जाए, वायु प्रदूषण रोकने के लिए वाहनों के उत्सर्जित धुंए का नियंत्रण राजस्थान की तर्ज पर छत्तीसगढ़ में भी स्वेच्छिक संगठनों (एन.जी.ओ.) के माध्यम से कराया जाए और मोटरयानों के लिए उच्च सुरक्षा रजिस्ट्रेशन प्लेट (हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट) योजना लागू करने के लिए टेंडर की प्रक्रिया जल्द पूर्ण की जाए। परिवहन मंत्री ने अधिकारियों को राज्य में चलने वाले ट्रेक्टर ट्रेलरों के पीछे लाल रंग का रिफ्लेक्टर लगवाने के निर्देश देते हुए कहा कि संभावित दुर्घटनाओं को रोकने के लिए यह बहुत जरूरी है।
श्री मूणत ने बैठक में कहा कि वाहनों की चेकिंग के लिए मोबाईल कोर्ट का गठन किया जाए और जिन परिवहन कार्यालयों को अपने कार्यालय भवन निर्माण के लिए सरकारी जमीन आवंटित नहीं हो पायी है, उन्हें इसके लिए जिला कलेक्टर के माध्यम से भूमि आवंटन की कार्रवाई शीघ्र सुनिश्चित की जाए और जिन जिलों में भूमि आवंटित हो चुकी है, वहां कार्यालय भवन निर्माण के लिए लोक निर्माण विभाग से भवन के डिजाईन के साथ प्राक्कलन बनवाकर परिवहन आयुक्त कार्यालय को जल्द भिजवाया जाए, ताकि भवन निर्माण की स्वीकृति के लिए आगे की कार्रवाई की जा सके।
क्रमांक-744/स्वराज्य

