जमीन के काया-कल्प से बदलेगी जीवन की तस्वीर
गरीब किसानों को वन अधिकार मान्यता के साथ
खेती के लिए भी मिलेगी मदद
रायपुर 28 मई 2010
वन अधिकार मान्यता पत्र धारक छत्तीसगढ़ के गरीब किसानों को मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की घोषणा के अनुरूप खेती के लिए भी हर प्रकार की सहायता दी जा रही है। इससे उनके खेतों का कायाकल्प होगा और तकदीर के साथ-साथ जीवन की तस्वीर भी बदलेगी। नक्सल हिंसा पीड़ित बस्तर (जगदलपुर) जिले के ऐसे 46 आदिवासी परिवारों को वन अधिकार मान्यता पत्रों के जरिए प्राप्त लगभग 30 हेक्टेयर भूमि के समतलीकरण के लिए जिला पंचायत ने पहल शुरू कर दी है।
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत इन परिवारों के भूमि समतलीकरण के लिए 16 लाख 38 हजार रूपए की तकनीकी और प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान करते हुए काम शुरू करने के लिए आठ लाख 15 हजार रूपए की धनराशि भी जारी कर दी गई है। ये सभी किसान विकासखण्ड तोकापाल के अन्तर्गत ग्राम पंचायत रान सरगीपाल, विकासखण्ड बास्तानार के अन्तर्गत ग्राम पंचायत बड़े किलोपाल और विकासखण्ड लोहांडीगुड़ा के अन्तर्गत ग्राम पंचायत चित्रकोट के निवासी हैं। उन्हें भूमि समतलीकरण के अलावा जिला पंचायत द्वारा नगद फसलों की खेती के लिए विभिन्न राष्ट्रीयकृत बैंकों से भी जोड़ा जा रहा है। उनके खेतों के भूमि समतलीकरण के लिए कृषि विभाग से संबंधित भूमि संरक्षण कार्यालय जगदलपुर को एजेंसी के रूप में अधिकृत किया गया है। बैंकों से इन किसानों को कृषि और उद्यानिकी फसलों के लिए सहायता दी जाएगी। कृषि विभाग उन्हें साग-सब्जी और नगद फसलों के उत्पादन के लिए नलकूप खनन के लिए मदद करते हुए नगद फसलों की खेती के लिए वैज्ञानिक और तकनीकी मार्गदर्शन भी दिया जाएगा।
ग्राम पंचायत रान सरगीपाल निवासी माड़िया जनजाति के सर्वश्री पिरला, लालू, बबलू, चैतू, बोरा, मंगजू, हिरमा, कोरीसुदय, भागीरथी, लछिन्दर, तुलाराम, सोनू, सिन्दू, ललित, लक्ष्मण, पिताम्बर और लेखन नामक किसान वन अधिकार मान्यता पत्र मिलने पर बहुत खुश नजर आने लगे हैं। जिला पंचायत ने उन्हें इन मान्यता पत्रों के आधार पर लगभग 9.13 हेक्टेयर के रकबे में भूमि समतलीकरण के लिए करीब पांच लाख 07 हजार रूपए की धनराशि मंजूर की है। इसमें से काम शुरू करने के लिए दो लाख 57 हजार रूपए की राशि जारी कर दी गई है। ग्राम पंचायत बड़े किलेपाल निवासी सर्वश्री गंगारोका, कोसा, सुकड़ा, मुंगड़ा, बामन, और सुखमन को उनके वन अधिकार मान्यता पत्रों के आधार पर 15.25 हेक्टेयर भूमि के समतलीकरण के लिए लगभग आठ लाख 13 हजार रूपए मंजूर किए गए हैं। इसमें से काम शुरू करने के लिए चार लाख रूपए की धनराशि भूमि संरक्षण कार्यालय जगदलपुर को जारी कर दी गई है। ग्राम पंचायत चित्रकोट निवासी सर्वश्री बुदरू, राजूराम, सोनूराम, बोड़ी, मुड़का, सुखराम और मंगल सहित तेईस किसानों को 5.40 हेक्टेयर भूमि समतलीकरण के लिए तीन लाख 18 हजार रूपए मंजूर किए गए हैं और काम शुरू करने के लिए एक लाख 58 हजार रूपए का आबंटन जारी किया गया है।
उल्लेखनीय है कि अनुसूचित जन-जाति एवं अन्य परम्परागत वन निवासी (वन अधिकारों की मान्यता) अधिनियम 2006 और नियम 2009 के तहत छत्तीसगढ़ में सर्वाधिक 64 हजार 180 परिवारों को वन अधिकार मान्यता पत्र बस्तर (जगदलपुर) जिले में दिए गए हैं। उन्हें कुल 90 हजार 822 हेक्टेयर के रकबे में 'वन अधिकार' प्रदान किया गया है। इन्हे मिलाकर राज्य के सभी 18 जिलों में इस अधिनियम के तहत पात्रता रखने वाले सभी दो लाख 14 हजार 633 परिवारों को लगभग दो लाख 17 हजार 126 हेक्टेयर वन भूमि पर वन अधिकार मान्यता पत्र प्रदान कर दिए गए हैं।

