झुग्गीमुक्त शहर बनेंगे रायपुर, बिलासपुर, भिलाई और कोरबा
राजीव आवास योजना में स्थानीय समुदाय की सहभागिता सुनिश्चित करें : मुख्य सचिव
एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित
रायपुर 05 अगस्त 2011

छत्तीसगढ़ के चार शहर-रायपुर, बिलासपुर, भिलाई और कोरबा जल्द ही झुग्गीमुक्त होंगे। झुग्गीमुक्त शहरों के निर्माण के लिए संचालित राजीव आवास योजना के तहत पायलट प्रोजेक्ट के रूप में इन शहरों का चुनाव किया गया है। जल्द ही यहां झुग्गियों के स्थान पर बहुमंजिला आवासीय इमारतों का निर्माण कर झुग्गीवासियों का पुनर्वास किया जाएगा। राजीव आवास योजना के क्रियान्वयन की रणनीति तैयार करने आज यहां नवीन विश्राम गृह में मुख्य सचिव श्री पी जॉय उम्मेन की अध्यक्षता में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। श्री उम्मेन ने इस अवसर पर कहा कि राजीव आवास योजना के तहत आवासीय भवनों के निर्माण में स्थानीय सहभागिता सुनिश्चित की जाए और विस्थापितों के पुनर्वास के दौरान उनके लिए स्कूल, राशन दुकान, पेयजल, बिजली आदि बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराई जाएं। कार्यशाला में संबंधित नगर निगमों के महापौर एवं सभापति, जिला कलेक्टर तथा नगर निगम आयुक्त शामिल हुए।
भारत सरकार के शहरी गरीबी उपशमन मंत्रालय और राज्य शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि राजीव आवास योजना के तहत छत्तीसगढ़ के चार शहरों को झुग्गीमुक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इस योजना के तहत गंदी बस्तियों को हटाकर विस्थापितों का उसी स्थान पर निर्मित पक्के मकानों में पुनर्वास किया जाएगा। उन्होंने इन शहरों में स्थित झुग्गीबस्तियों का वास्तविक सर्वेक्षण करवाकर उनके व्यवस्थापन के लिए सुनियोजित रणनीति बनाने पर जोर दिया। श्री उम्मेन कहा कि योजना के तहत झुग्गीबस्तियों के स्थान पर पक्के आवासीय भवनों के निर्माण के लिए केन्द्र सरकार द्वारा पचास प्रतिशत राशि अनुदान के रूप में दी जाएगी और शेष राशि की व्यवस्था राज्य सरकार, संबंधित नगरीय निकाय और हितग्राही को करना होगा। उन्होंने कहा कि इन आवासों का निर्माण पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप के तहत किया जा सकता है। इससे राज्य सरकार, नगरीय निकाय और हितग्राही पर अधिक वित्तीय दबाव नहीं पड़ेगा।
मुख्य सचिव ने कहा कि झुग्गीबस्तियों के व्यवस्थापन के दौरान विस्थापितों के लिए बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराए जाने के साथ ही उनके लिए रोजगार के साधन भी विकसित किए जाने चाहिए। श्री उम्मेन ने कहा कि किसी भी झुग्गीबस्ती को हटाने से पहले वहां रहने वाले लोगों को योजना की पूरी जानकारी देते हुए उन्हें विश्वास में लिया जाना चाहिए। नगरीय प्रशासन सचिव श्री आर.पी.मंडल और छत्तीसगढ़ शहरी विकास अभिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री संजय शुक्ला ने राजीव आवास योजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यशाला में रायपुर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अशोक अग्रवाल और छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के आयुक्त श्री पी. आनंद बाबू सहित नगरीय प्रशासन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

