रेशम की खेती बनी महिलाओं की आर्थिक समृध्दि का आधार
रायपुर 01 जून 2011
रेशम की खेती छत्तीसगढ़ में ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक समृध्दि में काफी मददगार साबित हो रही है। राज्य की बिलासपुर और सरगुजा संभाग के अंतर्गत रायगढ़ सरगुजा, कोरिया, बिलासपुर, जांजगीर-चाम्पा और कोरबा जिलों के 332 महिला स्वावलम्बन समूह की लगभग पांच हजार महिलाएं रेशम की खेती के जरिए अपनी आर्थिक समृध्दि की ओर लगातार अग्रसर है। इन महिलाओं को जहां पहले अपनी रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। वहीं आज ये महिलाएं अपने दैनिक जरूरतों की पूर्ति के साथ ही परिवार के भरण-पोषण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। यह सब संभव हुआ है इन महिलाओं द्वारा कोसा व्यवसाय को अपनाने से, इससे आज ये महिलाएं बिलासपुर और सरगुजा संभाग के 155 स्थानों पर चार हजार हेक्टेयर वन एवं राजस्व भूमि में लगे साजा और अर्जुना के पौधे से उन्नत किस्म के कोसा ककून प्राप्त कर, उसे प्रदेश में ही नहीं बल्कि देश में कोसा उद्योग को आपूर्ति कर रही हैं।
राज्य शासन के ग्रामोद्योग संचालनालय, रेशम प्रभाग अंतर्गत बिलासपुर संभाग के जिला-रायगढ़, सरगुजा, कोरिया, बिलासपुर, जांजगीर एवं कोरबा में जापान बैंक फार इंटरनेशनल कार्पोरेशन के सहयोग से वर्ष 1998 में रेशम परियोजना का क्रियान्वयन प्रारंभ किया गया। इन जिलों में वर्ष 1998 से 2003-04 के मध्य चार हजार 821 महिला हितग्राहियों के 332 स्वावलंबन समूह द्वारा 155 स्थलाें पर चार हजार हेक्टेयर वन और राजस्व भूमि पर साजा और अर्जुना के लगभग डेढ़ करोड़ पौधों रोपण कर उनसे कोसा ककून प्राप्त किया जा रहा हैं। इन महिला समूह की समिति को ग्रामोद्योग द्वारा उच्च तकनीकी प्रशिक्षण दिया जाकर परियोजना के उद्देश्य के अनुसार वर्ष 2005-06 से महिला समूहों के प्रयास एवं मेहनत से पौध रोपित स्थलों पर कोसा उत्पादन एवं प्राप्त कोसों से महिला समूह द्वारा कोसा धागा उत्पादन प्रारंभ किया जाकर वर्ष-प्रतिवर्ष योजना से लाभ अर्जित किया जा रहा है।
वर्ष 2005-06 में परियोजना अंतर्गत दो हजार 735 महिला हितग्राहियों द्वारा एक लाख सात हजार कोसा एवं नौ हजार 346 किलोग्राम कोसा धागा उत्पादित कर एक करोड़ से अधिक का शुध्द लाभ अर्जित किया। इसी तरह वर्ष 2006-07 में एक करोड़ 35 लाख कोसा एवं 11 हजार 790 किलोग्राम कोसा धागा उत्पादित कर राशि रूपए एक करोड़ 39 लाख, वर्ष 2007-08 में एक करोड़ 78 लाख कोसा तथा 15 हजार 545 किलोग्राम कोसा धागा उत्पादित कर राशि रूपए एक करोड़ 88 लाख, वर्ष 2008-09 में एक करोड़ 39 लाख कोसा एवं 12 हजार 039 किलोग्राम कोसा धागा उत्पादित कर एक करोड़ 38 लाख, वर्ष 2009-10 में एक करोड़ 56 लाख कोसा एवं 13 हजार 732 किलोग्राम कोसा धागा उत्पादित कर राशि एक करोड़ 69 लाख तथा वर्ष 2010-11 में 1 करोड़ 41 लाख कोसा एवं 12 हजार 314 किलोग्राम कोसा धागा उत्पादित कर राशि रूपए दो करोड़ 20 लाख रूपए का लाभ अर्जित किया गया है। इस तरह रेशम परियोजना से जुड़ी ये महिलाएं आज आत्मनिर्भर और स्वावलम्बी बनकर दूसरों के लिए भी एक मिशाल पेश कर रही है।

