चांपा में कोसा और छुई खदान में सूती वस्त्र निर्माण के लिए आधुनिक मशीनें लगेंगी
दो करोड़ रूपए का प्रावधान
रायपुर, 13 अप्रैल 2011
छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चाम्पा जिले के चांपा में कोसा वस्त्रों एवं राजनांदगांव जिले के छुई खदान में सूती वस्त्रों के निर्माण के लिए आधुनिक मशीनें लगायी जाएगी। इससे हाथ करघा से जुड़े 17 हजार बुनकर लाभान्वित होंगे। इनमें 8 हजार कोसा बुनकर और 9 हजार सूती वस्त्र बुनकर शामिल हैं। राज्य शासन द्वारा इन दोनों जिलों में आधुनिक मशीनों की स्थापना के लिए एक-एक करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है।
ग्रामोद्योग मंत्री श्री पुन्नूलाल मोहले ने आज यहां बताया कि राज्य शासन द्वारा हाथ करघा से जुड़े बुनकरों के आर्थिक बेहतरी के लिए सतत प्रयास किया जा रहा है। वहीं उनकी बंद पड़े हाथ करघा को चालू करने हेतु रिवाल्विंग फंड की स्थापना कर उन्हें आर्थिक सहायता दी जा रही है तो कहीं उनके द्वारा निर्मित हाथ करघा वस्त्रों की बिक्री हेतु बाजार दिलाने के लिए नेशनल हेण्डलूम एक्स-पो का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में जांजगीर-चांपा जिले के चांपा में कोसा वस्त्रों एवं राजनांदगांव जिले के छुई खदान में सूती वस्त्रों के निर्यात योग्य वस्त्रों के निर्माण के लिए सामान्य सुविधा केन्द्र के तहत आधुनिक मशीनों की स्थापना की जाएगी। इसके लिए छत्तीसगढ़ राज्य हाथ करघा विकास एवं विपणन सहकारी संघ को नोडल एजेंसी बनाया गया है।
ग्रामोद्योग मंत्री श्री पुन्नूलाल मोहले ने आज यहां बताया कि राज्य शासन द्वारा हाथ करघा से जुड़े बुनकरों के आर्थिक बेहतरी के लिए सतत प्रयास किया जा रहा है। वहीं उनकी बंद पड़े हाथ करघा को चालू करने हेतु रिवाल्विंग फंड की स्थापना कर उन्हें आर्थिक सहायता दी जा रही है तो कहीं उनके द्वारा निर्मित हाथ करघा वस्त्रों की बिक्री हेतु बाजार दिलाने के लिए नेशनल हेण्डलूम एक्स-पो का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में जांजगीर-चांपा जिले के चांपा में कोसा वस्त्रों एवं राजनांदगांव जिले के छुई खदान में सूती वस्त्रों के निर्यात योग्य वस्त्रों के निर्माण के लिए सामान्य सुविधा केन्द्र के तहत आधुनिक मशीनों की स्थापना की जाएगी। इसके लिए छत्तीसगढ़ राज्य हाथ करघा विकास एवं विपणन सहकारी संघ को नोडल एजेंसी बनाया गया है।
क्रमांक-209/लहरे

