हस्तशिल्पियों के बच्चे डिजाईन सीखने भारतीय शिल्प संस्थान जयपुर जाएंगे
रायपुर, 17 अप्रैल 2011
छत्तीसगढ़ के हस्तशिल्प डिजाईन को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए राज्य के हस्तशिल्पियों के बारहवीं उत्तीर्ण पांच विद्यार्थियों को डिजाईन शिक्षा के लिए भारतीय शिल्प संस्थान जयपुर भेजे जाएंगे। ये विद्यार्थी वहां चार वर्षीय डिजाईन शिक्षा प्राप्त कर डिजाईनर बन सकेंगे। राज्य शासन के ग्रामोद्योग विभाग द्वारा नवीन योजना के तहत इन विद्यार्थियों के लिए वित्तीय वर्ष 2011-12 के बजट में दस लाख रुपए का प्रावधान किया गया है।
ग्रामोद्योग मंत्री श्री पुन्नूलाल मोहले ने आज यहां बताया कि हस्तशिल्प भारतीय संस्कृति का अभिन्न अंग है। राज्य का हस्तशिल्प का इतिहास काफी गौरवपूर्ण एवं समृध्दशाली रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के हस्तशिल्प डिजाईन विकास को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए दिल्ली, बैंगलुरू, हैदराबाद आदि बड़े-बडे शहरों के डिजाईनर यहां आकर डिजाईन करते हैं। इससे आर्थिक हानि होती है। इसे देखते हुए राज्य शासन द्वारा हस्तशिल्पियों के बारहवीं उत्तीर्ण पांच बच्चों को चार वर्षीय डिजाईन शिक्षा के लिए भारतीय शिल्प संस्थान जयपुर भेजने का निर्णय लिया गया है ताकि यहां के बच्चे भी डिजाईन शिक्षा प्राप्त कर हस्तशिल्प डिजाईन को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाएंगे।

