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अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में छत्तीसगढ़ का हस्तशिल्प लोगों के आकर्षण का केन्द्र बना

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When Nov 14, 2011
from 09:20 PM to 09:20 PM
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रायपुर, दिनांक 14 नवम्बर 2011

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       भारतीय अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में छत्तीसगढ़ का हस्तशिल्प लोगों के आकर्षण केन्द्र बन गया है। देश के प्रथम प्रधानमंत्री स्वर्गीय पंडित जवाहर लाल नेहरू की जयंती के अवसर पर नई दिल्ली के प्रगति मैदान में आज से प्रारंभ यह मेला 27 नवम्बर चलेगा। अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में इस बार हस्तशिल्प को थीम बनाया है। इसी के अनुरूप छत्तीसगढ़ का पैवलियन भी हस्तशिल्प की छटा बिखेर रहा है। मेले के हाल क्रमांक-दो में छत्तीसगढ़ का पैवेलियन लगा हुआ है। हॉल के प्रवेश द्वार के बाहर विशालकॉय छत्तीसगढ़ी हस्तशिल्प की कलाकृति को लगायी गयी हैं। राज्य के दूरस्थ जिलों से आए विभिन्न स्व सहायता समूहों ने अपने हस्तशिल्प उत्पादों को बडे ही आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया है। रायगढ़ जिले के समूहों द्वारा प्रदर्शित हैण्डलूम की साड़ियों व सलवार सूट महिलाओं को आकर्षित किए हुए है। योगिता स्व सहायता समूह के सदस्य श्री बी.पी. श्रीवास्तव ने बताया कि यहां प्रदर्शित कोसे की साड़ी जिसमें छत्तीसगढ़ के गेंदे फूल को हाथ की कारीगरी से पूरे साड़ी में कोसे के धागों से बुना गया है, यह साड़ी उनके स्टॉल की सबसे महंगी साड़ियों में से है। जिसका मूल्य लगभग 16 हजार रूपए है। श्री श्रीवास्तव ने बताया कि साड़ी को बनाने में 30 से 40 दिन का समय लगता है इसको, कई कारीगर रात-दिन हाथों से बनाते है। 

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      व्यापार मेले में लगे विभिन्न राज्यों के स्टॉलों में से छत्तीसगढ़ राज्य ने अपने यहां के प्राकृतिक-खनिज संसाधनों पर आधारित उत्पादों को लगाया है। बस्तर संभाग में मिलने वाले कोरंडम के पत्थर को मेले में लगे कोरंडम क्राफ्ट के स्टॉल में विभिन्न कलाकृतियों का निर्माण कर उसे बिक्री के लिये रखा गया है देश के कुल खनिज उत्पादन का 16 प्रतिशत खनिज उत्पादन छत्तीसगढ़ में होता है। राज्य के खनिज विभाग ने व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ाने व जागरूकता के लिए भी मेले में अपना स्टॉल लगाया है। इसके साथ उद्यान विभाग वनविभाग, हस्तशिल्प  विकास विभाग व पर्यटन विभाग का भी स्टॉल लगा है। पर्यटन सूचना केन्द्र नई दिल्ली के अधिकारी श्री मनीष जोशी ने बताया कि, राज्य के पर्यटन स्थलों व छत्तीसगढ़ दर्शन के इच्छुक लोगों को मेले में विभिन्न जानकारियां दी जा रही है। कम्प्यूटर के माध्यम से भी स्टॉल में आने वाले लोगों को पर्यटन स्थलों व आसपास के दर्शनीय स्थलों के बारे में बताया जा रहा है।
     छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम (सीएसआईडीसी) के प्रबंध संचालक श्री देवेन्द्र सिंह ने बताया कि छत्तीसगढ़ ने व्यापार मेले में हैण्डलूम व हैण्डीक्राफ्ट के चार-चार स्टॉल, हर्बल उत्पाद के स्टॉल, सहित शबरी एम्पोरियम व वन हस्तकला समिति झिटकू-मिटकी का स्टाल भी लगा है। उन्होंने बताया कि राज्य के हस्तशिल्प कला को व्यापार मेले में प्रदर्शन के रूप में लगाया गया है। बस्तर, कोंडागांव, दंतेवाड़ा से आये समूहों ने गोदना प्रिंट, टेराकोटा (क्लेआर्ट), लौह शिल्प व बेलमेटल के दो-दो प्रदर्शन स्टॉल यहां लगाये है।

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