राजधानी रायपुर में आज से हाथ करघा वस्त्रों की राष्ट्रीय विक्रय प्रदर्शनी
आगामी नौ दिसम्बर तक चलेगा नेशनल हैण्डलूम एक्सपो
रायपुर, 18 नवम्बर 2010
छत्तीसगढ़ राज्य हाथ करघा विकास एवं विपणन सहकारी संघ द्वारा राजधानी रायपुर में कल 19 नवम्बर को राज्य सरकार के ग्रामोद्योग विभाग और केन्द्रीय वस्त्र मंत्रालय के हाथ करघा प्रभाग के सहयोग से राष्ट्रीय हाथ करघा वस्त्रों की प्रदर्शनी 'नेशनल हैण्डलूम एक्सपो-2010' का आयोजन किया जा रहा है। यह 22 दिवसीय विक्रय प्रदर्शनी आगामी नौ दिसम्बर तक चलेगी। शंकर नगर स्थित बी.टी.आई. मैदान में सवेरे 11 बजे इसका शुभारंभ होगा। शुभारंभ समारोह की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ सरकार के स्कूल शिक्षा और लोक निर्माण मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल करेंगे। गृह, जेल और सहकारिता मंत्री श्री ननकीराम कंवर, ग्रामोद्योग तथा खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री पुन्नूलाल मोहले, संसदीय सचिव डॉ. सियाराम साहू सहित नगर निगम रायपुर की महापौर श्रीमती किरणमयी नायक समारोह में विशेष अतिथि होंगी।
प्रदर्शनी में छत्तीसगढ़ सहित देश के विभिन्न राज्यों के हाथ करघा बुनकरों द्वारा तैयार कपड़े ग्राहकों को उचित मूल्य पर उपलब्ध कराए जाएंगे। इसमें ग्राहकों को बीस प्रतिशत की विशेष छूट मिलेगी। इसमें छत्तीसगढ़ की प्रसिध्द कोसा साड़ियों के साथ डे्रस मटेरियल, मध्यप्रदेश की चंदेरी और महेश्वर की साड़ियां, महाराष्ट्र की पैठनी साड़ियां, गुजरात में निर्मित लहंगे, उत्तर प्रदेश की बनारसी साड़ियां, बिहार की भागलपुरी और खादी सिल्क, आसाम की प्रसिध्द मूंगा सिल्क, हरियाणा के फर्निंशिंग वस्त्र और गलीचे, जम्मू कश्मीर के प्रसिध्द पश्मीना शॉल, राजस्थान की जयपुरी रजाई, पश्चिम बंगाल से कांथा और तांत साड़ियां, पंजाब की कशीदाकारी पर आधारित कपड़े और हिमाचल प्रदेश तथा दिल्ली के प्रसिध्द हाथ करघा निर्मित कपड़े भी ग्राहकों को उपलब्ध होंगे। शुभारंभ समारोह के बाद यह प्रदर्शनी प्रतिनिधि दोपहर एक बजे से रात नौ बजे तक आम जनता के लिए खुली रहेगी।
प्रदर्शनी में छत्तीसगढ़ सहित देश के विभिन्न राज्यों के हाथ करघा बुनकरों द्वारा तैयार कपड़े ग्राहकों को उचित मूल्य पर उपलब्ध कराए जाएंगे। इसमें ग्राहकों को बीस प्रतिशत की विशेष छूट मिलेगी। इसमें छत्तीसगढ़ की प्रसिध्द कोसा साड़ियों के साथ डे्रस मटेरियल, मध्यप्रदेश की चंदेरी और महेश्वर की साड़ियां, महाराष्ट्र की पैठनी साड़ियां, गुजरात में निर्मित लहंगे, उत्तर प्रदेश की बनारसी साड़ियां, बिहार की भागलपुरी और खादी सिल्क, आसाम की प्रसिध्द मूंगा सिल्क, हरियाणा के फर्निंशिंग वस्त्र और गलीचे, जम्मू कश्मीर के प्रसिध्द पश्मीना शॉल, राजस्थान की जयपुरी रजाई, पश्चिम बंगाल से कांथा और तांत साड़ियां, पंजाब की कशीदाकारी पर आधारित कपड़े और हिमाचल प्रदेश तथा दिल्ली के प्रसिध्द हाथ करघा निर्मित कपड़े भी ग्राहकों को उपलब्ध होंगे। शुभारंभ समारोह के बाद यह प्रदर्शनी प्रतिनिधि दोपहर एक बजे से रात नौ बजे तक आम जनता के लिए खुली रहेगी।
क्रमांक-3804/स्वराज्य

