आयाकट विकास कार्यों का सामाजिक अंकेक्षण कराने के निर्देश
प्रमुख सचिव जल संसाधन द्वारा आयाकट विकास कार्यों की समीक्षा
जल संसाधन विभाग के प्रमुख सचिव श्री एन.के. असवाल ने कल यहां मंत्रालय में आयोजित राज्य स्तरीय काड मानिटरिंग समिति की बैठक में आयाकट विकास कार्यों की समीक्षा की। बैठक में रायपुर संभाग के आयुक्त श्री मनोहर पाण्डे और प्रमुख अभियंता जल संसाधन श्री बी.एल. राय सहित आयाकट विभाग के अधिकारी उपस्थित थे। श्री असवाल ने आयाकट विकास कार्यक्रम के अन्तर्गत संचालित कार्यों का सामाजिक अंकेक्षण कराने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संबंधित जिले के कलेक्टर द्वारा भी आयाकट के अन्तर्गत संचालित कार्यों की समीक्षा की जाए।
बैठक में परियोजना प्रशासक श्री डी.के. झा ने बताया कि आयाकट के अन्तर्गत शामिल सिंचाई परियोजनाओं में सृजित सिंचाई क्षमता आठ लाख छह हजार 774 हेक्टेयर क्षेत्र के विरूध्द जून 2011 तक पांच लाख 28 हजार 279 हेक्टेयर क्षेत्र में फील्ड चैनल का निर्माण किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि एक लाख 54 हजार 755 हेक्टेयर क्षेत्र में मरम्मत और रख-रखाव के लिए सहभागिता सिंचाई प्रबंधन (पी.आई.एम.) को अनुदान दिया जा चुका है। श्री झा ने बताया कि देश के अन्य विकसित राज्यों में आयाकट के कार्यों का अवलोकन और अनुसरण करने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ के किसानों का भ्रमण और प्रशिक्षण का भी आयोजन किया जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि राज्य शासन के आयाकट विभाग के अन्तर्गत महानदी आयाकट विकास प्राधिकरण रायपुर और हसदेव आयाकट विकास प्राधिकरण बिलासपुर कार्यरत हैं। आयाकट विकास का मुख्य उद्देश्य सिंचाई परियोजनाओं के कमांड क्षेत्र के अन्तर्गत सिंचित क्षेत्र में सिंचाई जल का समुचित उपयोग कर कृषि उत्पादकता में वृध्दि करना है। वर्तमान में आयाकट विकास कार्यों के अन्तर्गत महानदी, कोडार, जोंक, तांदुला और हसदेव द्वितीय चरण सिंचाई पारियोजनाओं के कमांड क्षेत्र में केन्द्र प्रवर्तित कार्यक्रम संचालित हैं। केन्द्र प्रवर्तित कार्यक्रमों में फील्ड चैनल का निर्माण, सहभागिता सिंचाई प्रबंधन के अन्तर्गत मरम्मत एवं रख-रखाव के लिए अनुदान और किसानों का भ्रमण सह प्रशिक्षण शामिल हैं।

