त्वरित सिंचाई लाभ कार्यक्रम के तहत छत्तीसगढ़ को मिली 27.81 करोड़ रूपए की राशि
रायपुर 05 अगस्त 2011
त्वरित सिंचाई लाभ कार्यक्रम के लिए मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की विशेष पहल पर छत्तीसगढ़ सरकार को केन्द्र सरकार से 27 करोड़ 81 लाख रूपए की दूसरी किश्त जारी कर दी गई है। इसे मिलाकर चालू वित्तीय वर्ष 2011-12 में छत्तीसगढ़ को केन्द्रीय सहायता के रूप में 95 करोड़ 44 लाख रूपए मिल चुकी है। उल्लेखनीय है कि त्वरित सिंचाई लाभ कार्यक्रम के तहत नवीन लघु सिंचाई योजनाओं के लिए पिछले महीने की 15 तारीख को 67 करोड़ 63 लाख रूपए की पहली किश्त और 25 तारीख को 27 करोड़ 81 लाख रूपए की दूसरी किश्त जारी की गई है। जल संसाधन मंत्री श्री हेमचंद यादव ने विभागीय अधिकारियों को त्वरित सिंचाई लाभ कार्यक्रम में इस राशि का समुचित उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं, ताकि प्रदेश के कृषि उत्पादन में और अधिक वृध्दि हो सके।
जल संसाधन विभाग के प्रमुख सचिव श्री एन.के. असवाल ने आज यहां बताया कि त्वरित सिंचाई लाभ कार्यक्रम (ए.आई.बी.पी.) के अन्तर्गत चालू वित्तीय वर्ष 2011-12 में 250 करोड़ रूपए के लागत की 49 नवीन लघु सिंचाई योजनाओं का प्रस्ताव भारत सरकार को भेजा गया था। इसके लिए केन्द्र सरकार द्वारा अब तक 95 करोड़ 44 लाख रूपए जारी कर दिए गए हैं। श्री असवाल ने बताया कि ए.आई.बी.पी. योजना के अन्तर्गत पिछले वित्तीय वर्ष 2010-11 में निर्माणाधीन 189 लघु सिंचाई योजनाओं के लिए 131 करोड़ 80 लाख रूपए प्राप्त हुए थे। उन्होंने बताया कि ए.आई.बी.पी. के तहत केन्द्रीय सहायता के लिए खारंग परियोजना बिलासपुर के कार्यपालन अभियंता श्री आलोक अग्रवाल को नोडल अधिकारी बनाया गया है, जिन्होंने दिल्ली जाकर प्रकरणों को पारित कराने में अहम भूमिका निभायी।
श्री असवाल ने बताया कि जल संसाधन मंत्रालय भारत सरकार द्वारा संचालित त्वरित सिंचाई लाभ कार्यक्रम (ए.आई.बी.पी.) के अन्तर्गत सिंचाई योजनाओं (नवीन अथवा निर्माणाधीन) जो आदिवासी क्षेत्रों, सूखाग्रस्त क्षेत्रों अथवा बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में प्रस्तावित की जाती हैं या निर्माणाधीन हैं, को योजना की लागत का 90 प्रतिशत राशि दी जाती है। शेष 10 प्रतिशत राशि राज्य सरकार को वहन करना होता है। उन्होंने बताया कि इस योजना के अन्तर्गत सामान्य क्षेत्रों की योजनाओं के लिए 25 प्रतिशत केन्द्रीय सहायता दी जाती है तथा 75 प्रतिशत राज्य सरकार को वहन करना होता है।

